LPG Crisis India: भारत इस समय गंभीर ऊर्जा संकट के दौर से गुजर रहा है।
ईरान और इजराइल के बीच चल रहे तनाव का सीधा असर अब भारतीय रसोई और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर दिखने लगा है।
देश के कई राज्यों में एलपीजी (LPG) की भारी किल्लत हो गई है।
हालात इतने खराब हैं कि कहीं गैस एजेंसियों के बाहर किलोमीटर लंबी लाइनें लगी हैं, तो कहीं पुलिस की सुरक्षा में सिलेंडर बांटे जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) बाधित होने के कारण भारत में आयातित गैस की कमी हो गई है।
नोएडा सेक्टर-63 में गैस एजेंसी के बाहर लंबी लाइनें।
सरकार कहती थी देश में LPG GAS की कोई कमी नहीं है, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही दिखा रही है।
यही तैयारी थी नरेंद्र मोदी की लोगो को लाइन में लगवाने की 😡#LPGCrisis #Noida #LPGGas pic.twitter.com/Cqcq4zozfn
— Deepak Khatri (@Deepakkhatri812) March 11, 2026
इसका सबसे ज्यादा असर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और दिल्ली जैसे राज्यों में देखा जा रहा है।
मध्य प्रदेश: शादियों के सीजन में ‘सन्नाटा’
मध्य प्रदेश में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है। यहां पिछले दो दिनों से कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह ठप है।
भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में होटल और रेस्टोरेंट मालिक परेशान हैं।
शादियों पर संकट:
भोपाल में अगले 20 दिनों में करीब 1000 शादियाँ होनी हैं। कैटरर्स का कहना है कि बिना कमर्शियल गैस के खाना बनाना नामुमकिन है।
कई परिवारों में इस बात को लेकर तनाव है कि मेहमानों को खाना कैसे खिलाया जाएगा।
इंदौर में तो प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए हैं।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने कैटरर्स को सलाह दी है कि वे गैस के बजाय लकड़ी, कंडा (उपले) या पारंपरिक भट्ठियों का इस्तेमाल करें।

जुर्माने का डर:
अजीब बात यह है कि प्रदूषण रोकने के लिए पारंपरिक ईंधन जलाने पर ₹10,000 तक के जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन संकट के समय अधिकारी खुद इसे अपनाने की बात कह रहे हैं।
इस दबाव के बीच कैटरिंग संगठनों ने फैसला किया है कि वे अब मेनू में 100 तरह के पकवानों के बजाय सिर्फ 15 जरूरी चीजें ही बनाएंगे।
प्रदेश में रोज इतनी सप्लाई
- भोपाल: करीब 15 हजार सिलेंडर रोज
- इंदौर: करीब 25 हजार
- जबलपुर: 20-25 हजार
- ग्वालियरः करीब 20 हजार
- सागर: 6-8 हजार
- छोटे जिलों में: 2 हजार तक रोज
(एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अनुसार मध्यप्रदेश में सवा करोड़ से ज्यादा उपभोक्ता हैं।)
भोपाल में रसोई गैस का सिर्फ 6 दिन का स्टॉक बचा है, जबकि रोज़ाना करीब 500 मीट्रिक टन खपत होती है।
रमज़ान और शादी-विवाह के सीजन में राजधानी के लाखों परिवार गैस संकट से जूझ रहे हैं बुकिंग में दिक्कत, सर्वर डाउन और एजेंसियों में सिलेंडर की कमी आम बात हो गई है।
यह मध्यप्रदेश की… pic.twitter.com/WFJnUAdxNg
— Umang Singhar (@UmangSinghar) March 11, 2026
उत्तर प्रदेश और बिहार: पुलिस के साये में गैस
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों में गैस एजेंसियों पर भारी भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस बुलानी पड़ रही है।
लोग तड़के 3 बजे से ही लाइन में लग रहे हैं, फिर भी शाम तक खाली हाथ घर लौट रहे हैं।
बिहार के पटना, गोपालगंज और खगड़िया में भी यही हाल है।
यहां कमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग दो दिन से बंद है, जिससे रेहड़ी-पटरी वालों का रोजगार छिन गया है।
📍Uttar Pradesh: People angry due to shortage of gas cylinders in Bardpur village, Sitapur district. pic.twitter.com/o0fhkk0V5Y
— The Tatva (@thetatvaindia) March 11, 2026
राजस्थान और पंजाब: कालाबाजारी और सर्वर की समस्या
राजस्थान में इस संकट का फायदा बिचौलिये उठा रहे हैं।
जयपुर में भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा हुआ कि जो कमर्शियल सिलेंडर ₹1911 का मिलना चाहिए, उसे ₹2500 तक में अवैध रूप से बेचा जा रहा है।
वहीं पंजाब के लुधियाना और फरीदकोट में बुकिंग सर्वर डाउन होने की वजह से घरेलू उपभोक्ता भी परेशान हैं।

गैस की किल्लत की वजह
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होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) का बंद होना: यह करीब 167 किलोमीटर लंबा समुद्री रास्ता है जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया का एक-तिहाई तेल और गैस यहीं से गुजरता है। ईरान के साथ युद्ध की स्थिति के कारण टैंकरों ने यहां से निकलना बंद कर दिया है।
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कतर में उत्पादन ठप: भारत अपनी जरूरत की 40% गैस कतर से लेता है। ईरान के ड्रोन हमलों के डर से कतर ने अपने LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) प्लांट में उत्पादन रोक दिया है।
नतीजा यह हुआ कि भारत में अचानक गैस की कमी हो गई और सरकार को इमरजेंसी कदम उठाने पड़े।
Complaints of black marketing of cooking LPG have surged in Siraha encourage black marketing.
Assistant CDO Chet Raj Baral confirmed that the District Administration Office will take strict legal action against those #LPGgas #Gasshortage #Blackmarketing pic.twitter.com/7U5X5LJ4LE
— Business 360 (@b360nepal) March 10, 2026
सरकार के 5 बड़े कदम: अब 25 दिन बाद ही मिलेगा दूसरा सिलेंडर
इस संकट को देखते हुए केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने कुछ सख्त कदम उठाए हैं:
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25 दिन का नियम: अब आप एक घरेलू सिलेंडर लेने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बीतने से पहले बुक नहीं कर पाएंगे। यह कदम जमाखोरी रोकने के लिए उठाया गया है।
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हाई-लेवल कमेटी: IOC, HPCL और BPCL के अधिकारियों की एक कमेटी बनाई गई है जो रोजाना सप्लाई की निगरानी करेगी।
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अनिवार्य वेरिफिकेशन: अब सिलेंडर की डिलीवरी के समय OTP या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन बेहद जरूरी कर दिया गया है ताकि सिलेंडर सही व्यक्ति तक पहुंचे।
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उत्पादन में बढ़ोतरी: रिफाइनरीज को उत्पादन 10% तक बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।
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जरूरी वस्तु अधिनियम (ECA): सरकार ने देशभर में ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955’ लागू कर दिया है, जिससे गैस की कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
Mumbai is facing a severe LPG shortage, with refill waiting times stretching up to 8 days. Supply of commercial cylinders to hotels and restaurants has stopped, raising fears of a crisis for eateries. #mumbai #lpggas #gasshortage #india pic.twitter.com/zwdekj6tSS
— Zo World (@ZoWorldd1) March 9, 2026
आम आदमी की जेब पर दोहरी मार
किल्लत के साथ-साथ कीमतों ने भी आम आदमी की कमर तोड़ दी है।
7 मार्च से घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी की गई है।
अब दिल्ली में एक घरेलू सिलेंडर ₹913 का मिल रहा है। इससे पहले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भी ₹115 का इजाफा किया गया था।

कब तक सुधरेंगे हालात?
इंडियन ऑयल के अधिकारियों का कहना है कि लोगों को घबराने (Panic Booking) की जरूरत नहीं है।
सरकार वैकल्पिक रास्तों जैसे अमेरिका, रूस और अल्जीरिया से गैस मंगाने की कोशिश कर रही है।
G7 देश भी अपने सुरक्षित भंडारों से तेल और गैस निकालने पर विचार कर रहे हैं।
उम्मीद है कि अगले एक-दो हफ्तों में सप्लाई चेन पटरी पर लौट आएगी।
तब तक के लिए उपभोक्ताओं को संयम बरतने और केवल जरूरत पड़ने पर ही बुकिंग करने की सलाह दी गई है।
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