Indore Water Crisis: मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर इन दिनों भीषण जलसंकट से जूझ रही है।
एक तरफ जहां शहर की जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है, वहीं दूसरी तरफ इस गंभीर मुद्दे पर सियासत का पारा सांतवें आसमान पर पहुंच गया है।
इंदौर में पानी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के बीच ‘वीडियो वॉर’ छिड़ गया है।
कांग्रेस ने इंदौर के महापौर (मेयर) पुष्यमित्र भार्गव के रेडियो कॉलोनी स्थित सरकारी आवास और सचिवालय के बाहर का एक वीडियो जारी कर बीजेपी पर तीखा हमला बोला है।

क्या है पूरा मामला और क्यों बढ़ा विवाद?
दरअसल, बुधवार दोपहर को यूथ कांग्रेस शहर प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष मिथुन यादव ने मेयर हाउस के बाहर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर लाइव कर दिया।
वीडियो में दिख रहा है कि नगर निगम का एक पानी का टैंकर महापौर के बंगले पर खड़ा है और निगम कर्मचारी उस पानी से बंगले के बाहर की सड़क धो रहे हैं।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक तरफ शहर पानी के लिए परेशान है और दूसरी तरफ यहां धड़ल्ले से पानी बहाया जा रहा है।
वीडियो बनाते समय कांग्रेस नेताओं और मेयर हाउस के कर्मचारियों के बीच तीखी बहस और विवाद भी हुआ।

जब कांग्रेसियों ने पानी बहाने पर सवाल उठाए, तो निगम के कर्मचारियों ने सफाई देते हुए कहा कि, “यह पीने का साफ पानी नहीं है, बल्कि ट्रीटेड (साफ किया हुआ) गंदा पानी है, जिसका इस्तेमाल धोने के लिए किया जा रहा है।” हालांकि, कांग्रेस इस दलील को मानने को तैयार नहीं है।

बीजेपी के ‘मंगलवार’ वाले वार का ‘बुधवार’ को जवाब
इस पूरे घटनाक्रम को मंगलवार को बीजेपी द्वारा किए गए हमले का जवाबी पलटवार माना जा रहा है।
मंगलवार को कांग्रेस ने इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा पर जलसंकट को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन किया था।
इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने गर्मी से बचने के लिए पानी की बौछार (मिस्ट फैन) छोड़ने वाले हाईटेक पंखे लगाए थे और वहां पीने के पानी का एक टैंकर भी खड़ा था।

बीजेपी ने इस नजारे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया और तंज कसा कि, “इंदौर की जनता पानी के लिए परेशान है और कांग्रेस नेता पानी की बौछार के बीच ठंडी हवा खा रहे हैं। ये जनता की सेवा क्या करेंगे?”
इस पर कांग्रेस शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने उसी समय चेतावनी दी थी कि वे इसका करारा जवाब देंगे।
बुधवार को मेयर हाउस का वीडियो सामने आना उसी रणनीति का हिस्सा है।
वीडियो देखने के लिए क्लिक करें ..
इंदौर में गहराया जलसंकट
आपको बता दें कि इस समय इंदौर में पानी की किल्लत बेहद गंभीर हो चुकी है।
हालात इतने संवेदनशील हैं कि खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन को इस मामले की लगातार मॉनिटरिंग करनी पड़ रही है।
अधिकारी लगातार जमीनी स्तर पर तैनात हैं और महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी स्थिति पर नजर रखने का दावा कर रहे हैं।

शहर में टैंकरों के फेरे बढ़ाने की बात कही जा रही है, लेकिन इस बीच शुरू हुई यह ‘वॉटर पॉलिटिक्स’ थमने का नाम नहीं ले रही है।
