Congress on LPG Price Rise: शनिवार को एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में हुई अचानक बढ़ोतरी ने घरेलू बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
इस फैसले के बाद से ही देश का सियासी पारा चढ़ गया है।
विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘महंगाई मैन’ करार दिया है।

कांग्रेस का आरोप है कि सरकार की गलत नीतियों का बोझ सीधे तौर पर आम जनता के कंधों पर डाला जा रहा है।
कितने बढ़े दाम?
ताजा अपडेट के अनुसार, घर में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये का इजाफा किया गया है।
वहीं, होटल और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर के दाम 115 रुपये बढ़ा दिए गए हैं।
कांग्रेस ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि पिछले तीन महीनों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कुल मिलाकर 307 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी हो चुकी है।

यह बढ़ोतरी 7 मार्च 2026 से पूरे देश में लागू हो गई है।
हरदीप सिंह पुरी पर क्यों भड़की कांग्रेस?
इस पूरे विवाद के केंद्र में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी हैं।
दरअसल, दाम बढ़ने से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को उन्होंने बयान दिया था कि सरकार का लक्ष्य नागरिकों को ‘किफायती और टिकाऊ’ ईंधन उपलब्ध कराना है।
कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि मंत्री जी के दावों की हवा 24 घंटे के अंदर ही निकल गई।

खेड़ा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक तरफ मंत्री किफायती ईंधन की बात करते हैं और दूसरी तरफ अगले ही दिन 60 रुपये दाम बढ़ा दिए जाते हैं।
उन्होंने जनता को आगाह किया कि सरकार की बातों और वादों पर भरोसा करना अब मुश्किल होता जा रहा है।

क्या है सरकार और कंपनियों का पक्ष?
जहाँ एक तरफ विपक्ष हमलावर है, वहीं पेट्रोलियम मंत्री ने आश्वासन दिया है कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है।
सरकार का कहना है कि वे ऊर्जा सुरक्षा और उपलब्धता पर ध्यान दे रहे हैं।
दूसरी ओर, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) ने उन अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें पेट्रोल और डीजल की किल्लत की बात कही जा रही थी।
कंपनी ने साफ किया कि देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक है और सप्लाई चेन में कोई दिक्कत नहीं है।

आम जनता पर क्या होगा असर?
आपको बता दें कि इससे पहले अप्रैल 2025 से घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर थे (दिल्ली में करीब 853 रुपये)। लेकिन अब 60 रुपये की इस वृद्धि से मध्यमवर्गीय परिवारों का मासिक गणित बिगड़ना तय है।
साथ ही, कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से बाहर खाना-पीना और छोटे रेस्टोरेंट चलाना भी खर्चीला हो जाएगा।


