Monsoon Update July: भारत में मानसून की रफ्तार तेज हो गई है, लेकिन इसके साथ ही देश के कई हिस्सों से तबाही की खबरें भी सामने आ रही हैं।
एक तरफ जहां पहाड़ों और उत्तर-पूर्वी राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं मैदानी और मध्य भारत के राज्यों में आकाशीय बिजली काल बनकर टूट रही है।
पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश और बिहार में बिजली गिरने से 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है।
मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि मानसून अब तक देश के 26 राज्यों को कवर कर चुका है, लेकिन इसके बावजूद जुलाई महीने में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जताया गया है।

जम्मू-कश्मीर में दो बार फटा बादल, अरुणाचल में बाढ़
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से बुधवार सुबह एक बड़ी दुर्घटना की खबर आई। यहाँ के भलेसा इलाके (कलालगीसर) में सुबह-सुबह दो बार बादल फट गया।
बादल फटने की वजह से अचानक भीषण बाढ़ आ गई और पहाड़ों से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर बहकर नीचे आ गए।
इस मलबे के कारण मुख्य रास्ते और सड़कें पूरी तरह ब्लॉक हो गए हैं, जिससे यातायात ठप है और राहत कार्य जारी है।

दूसरी तरफ, उत्तर-पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और लैंडस्लाइड (भूस्खलन) ने भयानक रूप अख्तियार कर लिया है।
राज्य में अब तक इस आपदा की वजह से 4 लोगों की मौत हो चुकी है। अंजॉ जिले के सारती गांव में एक व्यक्ति भूस्खलन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी जान चली गई।
इससे पहले कीयी पन्योर इलाके में आई बाढ़ में 3 लोग बह गए थे, जिनमें से 2 लोग अभी भी लापता हैं।
अरुणाचल के 28 जिलों में करीब 90 हजार से ज्यादा लोग इस बाढ़ से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।

मध्य प्रदेश और बिहार में आकाशीय बिजली का कहर, 8 की मौत
मध्य भारत और पूर्वी भारत में बादलों की गड़गड़ाहट मौत का पैगाम लेकर आई।
मध्य प्रदेश के हरदा और खरगोन जिलों में बिजली गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई।
हरदा में खेत में काम कर रहे 32 वर्षीय किसान प्रदीप राठौर की जान चली गई, जबकि खरगोन में राधेश्याम (30) और केनू (30) नाम की महिला इसकी चपेट में आ गए।
बैतूल के चुना गोसाई गांव में भी बिजली गिरने से एक ही परिवार के चार लोग (माता-पिता और दो बच्चे) गंभीर रूप से झुलस गए।

इसके अलावा बैतूल में ही चंपा नदी के उफान को पार करते समय बाइक सवार दो युवक पानी के तेज बहाव में बह गए, जिनके शव अगले दिन बरामद किए गए।
बिहार में भी मौसम का मिजाज बेहद खराब रहा। यहाँ अलग-अलग इलाकों में बिजली गिरने की घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई है।
वहीं, उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में मंगलवार को पिकनिक मनाने गए तीन लोग एक बरसाती नाले के तेज बहाव में बह गए, जिनमें से एक की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
उत्तराखंड के देहरादून में रिस्पना नदी उफान पर है और गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ऋषिकेश में राफ्टिंग पर 31 अगस्त तक के लिए पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

मध्य प्रदेश में मानसून हुआ एक्टिव: सड़कों पर तैरने लगीं गाड़ियां
मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है।
मंगलवार को प्रदेश के भोपाल, इंदौर और जबलपुर समेत 23 जिलों में जमकर बादल बरसे।
सीहोर के आष्टा में तो हालात इतने खराब हो गए कि सड़कों पर नदियों की तरह पानी बहने लगा, जिसमें खड़ी मोटरसाइकिलें तिनके की तरह बहती नजर आईं।
देवास में भी तेज बारिश के दौरान दो लड़कियां स्कूटी सहित नाले में गिर गईं, जिन्हें स्थानीय लोगों ने सूझबूझ से बचा लिया।

मौसम विभाग ने बुधवार को एमपी के देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा और छिंदवाड़ा में भारी बारिश की आशंका जताई है।
इसके साथ ही बालाघाट और डिंडौरी जिलों के लिए ‘अति भारी बारिश’ का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक, अगले 2 से 4 दिनों में मानसून भोपाल, सागर, ग्वालियर, उज्जैन और चंबल संभाग के बाकी हिस्सों को भी पूरी तरह कवर कर लेगा।

तापमान में गिरावट, लेकिन जून में कम बरसा पानी
बारिश और तेज आंधी के कारण मध्य प्रदेश के कई शहरों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
जहां ग्वालियर में तापमान 40 डिग्री रहा, वहीं भोपाल में यह गिरकर 30.6 डिग्री और बैतूल में सबसे कम 26.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
हालांकि, मौसम विभाग के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। इस बार पूरे जून महीने में आंधी-तूफान का दौर तो रहा, लेकिन पानी उम्मीद के मुताबिक नहीं बरसा।
जून में कुल 88.2 मिमी (लगभग 3.5 इंच) बारिश दर्ज की गई, जो कि सामान्य तौर पर होने वाली 131.1 मिमी (5.1 इंच) बारिश से करीब 33% कम है।

अगले 48 घंटों में देश के बाकी राज्यों का कैसा रहेगा हाल?*
मौसम विभाग ने 2 और 3 जुलाई के लिए देश के अलग-अलग राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है:
2 जुलाई का पूर्वानुमान:
भारी बारिश की संभावना: छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा, केरल, गोवा, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मूसलाधार बारिश हो सकती है।
तेज आंधी और हवाएं: बिहार में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने की आशंका है। वहीं एमपी और राजस्थान में 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
गर्मी का प्रकोप: पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में अभी भी हीटवेव (लू) का असर देखने को मिल सकता है।

3 जुलाई का पूर्वानुमान:
ऑरेंज अलर्ट: सिक्किम, गोवा, तेलंगाना और कर्नाटक के तटीय इलाकों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश और झारखंड में भी तेज बारिश की चेतावनी है।
लू की चेतावनी: मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के नागपुर-अमरावती क्षेत्र में लगातार पांचवें दिन भी हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है, यानी यहाँ बारिश के बीच कुछ हिस्सों में उमस और गर्मी परेशान करेगी।
26 राज्यों में मानसून, मगर जुलाई में कम बारिश की आशंका
मंगलवार दोपहर तक मानसून ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है।
इसके साथ ही देश के 26 राज्य मानसून के दायरे में आ चुके हैं।

अब सिर्फ राजस्थान के कुछ हिस्सों को मानसून का इंतजार है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का यह अनुमान आम लोगों और किसानों को थोड़ा परेशान कर सकता है कि इस बार जुलाई के महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।
ऐसे में आने वाले दिनों में कृषि और जल संचय को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
