MP BJP Karyasamiti 2026: मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नए सांगठनिक ढांचे को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है।
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने 23 जून 2026 को अपनी नई टीम यानी प्रदेश कार्यसमिति का ऐलान कर दिया है।
दो अलग-अलग सरकारी आदेशों के जरिए जारी की गई इस लिस्ट में पार्टी ने बड़े संतुलन साधने की कोशिश की है।
इस नई घोषणा में 106 प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और 41 स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाए गए हैं।

हालांकि, इस बार ‘विशेष आमंत्रित सदस्यों’ की घोषणा फिलहाल रोक दी गई है।
पूरी लिस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि 106 सदस्यों की मुख्य सूची में सिर्फ एक मुस्लिम महिला नेता, बिलकिस जहां को जगह दी गई है।
‘सुपर 41’ (स्थायी आमंत्रित सदस्य): दिग्गजों और बुजुर्गों का अनुभव
बीजेपी ने अपने पुराने और अनुभवी चेहरों को ‘स्थायी आमंत्रित सदस्यों’ की सूची में रखकर उनका सम्मान बरकरार रखा है।
इस लिस्ट में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला नाम यशोधरा राजे सिंधिया का है, जो ग्वालियर राजघराने से आती हैं और पूर्व मंत्री रह चुकी हैं।
उनके अलावा सुमित्रा महाजन, सत्यनारायण जटिया, विक्रम वर्मा, कृष्णमुरारी मोघे, सुरेश पचौरी और अनुसुईया उइके जैसे कद्दावर नेताओं को शामिल किया गया है।

इसके साथ ही कैलाश सोनी, अजय विश्नोई, कुसुम मेहदेले, डॉ. गौरीशंकर शेजवार और माया सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं को भी इस मार्गदर्शक मंडल जैसी सूची में जगह मिली है।

‘पावर 106’ (प्रदेश कार्यसमिति): सरकार और संगठन का कॉकटेल
106 सदस्यों वाली मुख्य कार्यसमिति में मध्य प्रदेश के वर्तमान सत्ता और संगठन के सभी ‘पावर सेंटर’ मौजूद हैं।
इस लिस्ट की शुरुआत सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम से होती है।
इसके बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और डॉ. वीरेंद्र कुमार को रखा गया है।

मध्य प्रदेश के दोनों डिप्टी सीएम—जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल भी इस लिस्ट का हिस्सा हैं।
इसके अलावा, मोहन यादव कैबिनेट के लगभग सभी प्रमुख मंत्रियों को इसमें जगह दी गई है, जिनमें कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, विश्वास सारंग, गोविंद सिंह राजपूत, इंदर सिंह परमार और कृष्णा गौर शामिल हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके और सावित्री ठाकुर को भी संगठन में मजबूत जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राजनीतिक मायने और सोशल इंजीनियरिंग
इस नई सूची को देखकर साफ है कि बीजेपी ने अनुभव और युवा ऊर्जा का मेल बिठाने की कोशिश की है।
जहाँ एक तरफ नरोत्तम मिश्रा, लाल सिंह आर्य और भूपेंद्र सिंह जैसे संगठन के माहिर खिलाड़ियों को मुख्य धारा में रखा गया है, वहीं वरिष्ठ नेताओं को स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाकर असंतोष को थामने का प्रयास किया गया है।
एकमात्र मुस्लिम महिला को जगह देकर पार्टी ने अपनी सोशल इंजीनियरिंग का संदेश देने की भी कोशिश की है।

अब देखना यह है कि हेमंत खंडेलवाल की यह नई टीम जमीन पर कितनी कारगर साबित होती है।
