March Heatwave 2026: अभी मार्च का पहला हफ्ता ही बीता है, लेकिन मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की धरती तपने लगी है।
आमतौर पर होली के आसपास महसूस होने वाली गर्मी इस बार फरवरी के अंत और मार्च की शुरुआत में ही अपने रंग दिखा रही है।
आलम यह है कि कई शहरों में पारा 35 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है और कुछ जगहों पर तो यह 40 डिग्री के बेहद करीब पहुंच गया है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बार गर्मी अपने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ सकती है।

मध्य प्रदेश: नर्मदापुरम रहा सबसे गर्म, ग्वालियर-चंबल में भी तपिश
मध्य प्रदेश की बात करें तो यहाँ गर्मी ने ‘असमय’ दस्तक दी है।
राज्य का नर्मदापुरम (होशंगाबाद) जिला फिलहाल प्रदेश की ‘भट्टी’ बना हुआ है।
यहाँ गुरुवार को सीजन का सबसे अधिक तापमान 39.4°C रिकॉर्ड किया गया।
ताज्जुब की बात यह है कि मार्च के शुरुआती दिनों में ही तापमान का 39 डिग्री के पार जाना असामान्य है।

- मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के शहरों में पारा सामान्य से 3 से 4 डिग्री ज्यादा चल रहा है।
- इंदौर, भोपाल, उज्जैन और जबलपुर जैसे बड़े महानगरों में भी धूप के तेवर तीखे हैं।
- भोपाल में जहाँ पारा 34.6 डिग्री के आसपास है, वहीं ग्वालियर और इंदौर में यह 35 डिग्री को पार कर चुका है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आसमान पूरी तरह साफ है, जिसकी वजह से सूरज की किरणें सीधे जमीन पर आ रही हैं और धरती तेजी से गर्म हो रही है।
अगले 4 दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 40 डिग्री के ऊपर जाने की पूरी संभावना है।

छत्तीसगढ़ में भी हाल बेहाल
पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है।
राजनांदगांव 38.0 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है।
राजधानी रायपुर में भी दिन की धूप अब चुभने लगी है। हालांकि, उत्तर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जैसे क्षेत्रों में रात का तापमान अभी 12 डिग्री के आसपास है, जिससे वहाँ सुबह-शाम थोड़ी राहत है, लेकिन दिन होते ही सूरज की तपिश बढ़ जाती है।
क्यों अचानक बढ़ गई गर्मी?
मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर के ऊपर एक ‘एंटी साइक्लोन’ (प्रति चक्रवात) बना हुआ है।
इसकी वजह से हवाओं का रुख बदला है और अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 8 डिग्री तक ऊपर चला गया है।

हालांकि आसमान में कुछ साइक्लोनिक सर्कुलेशन और द्रोणिका (Trough Line) सक्रिय हैं, लेकिन उनका असर एमपी-छत्तीसगढ़ पर न के बराबर है।
यानी फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है और मौसम पूरी तरह शुष्क (Dry) रहेगा।
अगले एक हफ्ते का पूर्वानुमान
8 से 10 मार्च के बीच गर्मी का असली ‘ट्रेलर’ देखने को मिल सकता है।
पश्चिमी जिलों में गर्म हवाएं यानी ‘लू’ चलने की आशंका है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले एक सप्ताह में तापमान में 2 से 3 डिग्री की और बढ़ोतरी होगी।

आम जनजीवन पर असर
समय से पहले आई इस गर्मी ने आम लोगों की दिनचर्या बदल दी है।
दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा दिखने लगा है और लोग अभी से ठंडे पेय पदार्थों और पंखे-कूलर का सहारा लेने लगे हैं।
डॉक्टरों ने भी सलाह दी है कि अचानक बदल रहे इस मौसम में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए खूब पानी पिएं और दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें।


