Homeन्यूजमोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: MP के 48 लाख परिवारों को मुफ्त...

मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: MP के 48 लाख परिवारों को मुफ्त रजिस्ट्री का तोहफा, सरकार भरेगी ₹3800 करोड़

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

MP Mohan Cabinet Decisions: मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने प्रदेश की जनता के हित में कई बड़े फैसले लिए हैं।

मंगलवार (2 जून) को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

इस बैठक में सबसे बड़ा और राहत देने वाला फैसला प्रदेश के करीब 48 लाख गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए आया है।

सरकार अब इन परिवारों को उनके मकान और जमीन की रजिस्ट्री बिल्कुल मुफ्त में करके देगी।

48 लाख परिवारों को मिलेगा मालिकाना हक

कैबिनेट बैठक के बाद फैसलों की जानकारी देते हुए एमएसएमई (MSME) मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि इस फैसले से प्रदेश के लगभग 46.80 लाख (करीब 48 लाख) परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा।

ये वो लोग हैं जो सालों से ग्रामीण और शहरी इलाकों में अपने घरों में रह रहे हैं, लेकिन उनके पास अपनी ही जमीन के पक्के कानूनी कागज (रजिस्ट्री) नहीं थे।

सरकार इन परिवारों को पहले ही ‘स्वामित्व योजना’ के तहत संपत्ति कार्ड (Property Card) बांट चुकी है।

अब कैबिनेट ने फैसला किया है कि इन संपत्ति कार्डों को कानूनी रजिस्ट्री में बदला जाएगा।

इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इन जमीनों पर मालिकाना हक पूरी तरह से कानूनी हो जाएगा और लोग अपनी संपत्ति पर बैंक से लोन (Loan) ले सकेंगे या अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।

सरकार उठाएगी ₹3800 करोड़ का खर्च

आमतौर पर किसी भी जमीन या मकान की रजिस्ट्री कराने में स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में मोटी रकम खर्च होती है।

गरीब परिवारों के लिए यह खर्च उठा पाना नामुमकिन जैसा था।

जनता की इसी परेशानी को दूर करने के लिए मोहन यादव सरकार ने तय किया है कि रजिस्ट्री का पूरा खर्च सरकार खुद उठाएगी।

इस पूरी योजना पर मध्य प्रदेश सरकार के खजाने से करीब 3800 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

स्कूली बच्चों को अब पैसे नहीं, सीधे मिलेगी ड्रेस

कैबिनेट बैठक में शिक्षा विभाग को लेकर भी एक बड़ा बदलाव किया गया है।

अब तक कक्षा 1 से 8वीं तक के स्कूली बच्चों को स्कूल ड्रेस (यूनिफॉर्म) के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे बैंक खाते में 600 रुपए भेजे जाते थे।

लेकिन सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि इस व्यवस्था में बच्चों को सही समय पर और सही यूनिफॉर्म नहीं मिल पा रही है।

इसे देखते हुए सरकार ने पुरानी व्यवस्था को बंद कर दिया है।

अब नई व्यवस्था के तहत सरकार खुद टेंडर जारी करके कपड़ा खरीदेगी और बच्चों को तैयार (सिली-सिलाई) यूनिफॉर्म उपलब्ध कराएगी।

इससे पहले सरकार साइकिल वितरण के नियमों में भी ऐसा ही बदलाव कर चुकी है।

गेहूं खरीदी में एमपी नंबर वन और UCC पर चर्चा

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि इस साल पूरे देश में सबसे ज्यादा गेहूं की खरीदी मध्य प्रदेश में हुई है, जो कि किसानों के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि है।

इसके अलावा प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने को लेकर भी चर्चा हुई।

सरकार ने बताया कि इसके लिए जनता और विशेषज्ञों से सुझाव लेने का काम तेजी से चल रहा है और 30 जुलाई तक सुझाव लेने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

- Advertisement -spot_img