MP Weather Update: देशभर में मानसून के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं।
मध्य प्रदेश में जहां पिछले कुछ दिनों से बारिश थमी हुई है और लोग धूप व उमस से परेशान हैं, वहीं देश के अन्य हिस्सों में भारी बारिश, लैंडस्लाइड और आकाशीय बिजली कहर बरपा रही है।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मध्य प्रदेश के लोगों को जल्द ही सूखे जैसे हालात से राहत मिलने वाली है, क्योंकि 6 अगस्त से राज्य में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) एक्टिव होने जा रहा है, जिससे कई जिलों में तेज बारिश का दौर फिर शुरू होगा।
मध्य प्रदेश: 6 अगस्त से भारी बारिश का नया दौर
मध्य प्रदेश में पिछले 4-5 दिनों से तेज बारिश की गतिविधियों पर ब्रेक लगा हुआ है।
सोमवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में धूप खिली रही, जबकि कुछ जगहों पर केवल हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली।
4 और 5 अगस्त को भी मौसम का मिजाज ऐसा ही रहने की संभावना है।
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, वर्तमान में राज्य के ऊपर दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक मानसून टर्फ एक्टिव हैं, लेकिन इनका सीधा असर प्रदेश पर नहीं पड़ रहा है।
हालांकि, 6 अगस्त से वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव के चलते राज्य के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
औसत से 16% कम बरसा पानी
लगातार बारिश न होने की वजह से मध्य प्रदेश में ओवरऑल बारिश का आंकड़ा गिर गया है।
प्रदेश में अब तक 15.9 इंच (404.2 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस समय तक सामान्य बारिश का आंकड़ा 19 इंच (482 मिमी) होना चाहिए था।
इस तरह राज्य में सामान्य से 16% कम पानी गिरा है।
* पूर्वी हिस्सा सबसे अधिक पिछड़ा: पूर्वी मध्य प्रदेश (जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग) में सामान्य से 20% कम बारिश हुई है।
यहां का एक भी जिला ऐसा नहीं है जहां सामान्य या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई हो।
अनूपपुर, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, रीवा, सागर, सतना और सिंगरौली जैसे जिलों में 1% से लेकर 42% तक बारिश की कमी है।
* पश्चिमी हिस्सा: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और नर्मदापुरम संभाग में औसत से 11% कम बारिश दर्ज की गई है।
* जहां ज्यादा बारिश हुई: पश्चिमी मध्य प्रदेश के केवल 7 जिलों—बड़वानी, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, खंडवा और खरगोन में ही अब तक सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
भोपाल में अगस्त का इतिहास
राजधानी भोपाल में अगस्त के महीने में हमेशा से अच्छी बारिश दर्ज की जाती रही है। भोपाल में अगस्त महीने में औसतन 13-14 दिन बारिश होती है।
साल 2006 में भोपाल में अगस्त के दौरान रिकॉर्ड साढ़े 35 इंच बारिश हुई थी, जिसमें 14 अगस्त 2006 को 24 घंटे के भीतर 12 इंच बारिश दर्ज की गई थी।
इसके अलावा 2015 और 2022 में भी अगस्त में 30 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।
देश के अन्य राज्यों में मानसून का कहर
एक तरफ जहां मध्य प्रदेश बारिश का इंतजार कर रहा है, वहीं देश के कई राज्यों में बारिश और आकाशीय बिजली की वजह से भारी नुकसान हुआ है।
* बिहार और पश्चिम बंगाल में 11 मौतें: आकाशीय बिजली गिरने से सोमवार को बिहार में 7 और पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में 4 लोगों की मौत हो गई।
बंगाल के हावड़ा में खेतों में काम कर रहे किसानों और तालाब के पास मौजूद लोगों पर बिजली गिरी, जिससे 14 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
* उत्तराखंड में लैंडस्लाइड: उत्तराखंड के चमोली जिले में बद्रीनाथ हाईवे पर अचानक पहाड़ी से मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने से रास्ता बंद हो गया।
इस लैंडस्लाइड के कारण हाईवे पर करीब 200 यात्री फंस गए, जो घंटों से रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
* हरियाणा और उत्तर प्रदेश में जलभराव: हरियाणा के अंबाला और झज्जर में रात भर हुई मूसलाधार बारिश के बाद सड़कें तालाब बन गईं और दुकानों में पानी घुस गया।
वहीं, उत्तर प्रदेश के आगरा में रुक-रुक कर हुई बारिश के चलते सड़कों पर 2 से 3 फीट तक पानी भर गया, जिसके कारण एहतियातन स्कूलों की छुट्टी घोषित करनी पड़ी।
* छत्तीसगढ़ में अलर्ट: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो रहा है।
मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
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