Anna Hazare Maun Vrat: देश की राजधानी में NEET पेपर लीक मामला लगातार गर्माता जा रहा है।
एक तरफ जहां छात्र, राजनीतिक दल और सामाजिक कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार भी अब एक्शन मोड में आ गई है।
इस पूरे मुद्दे पर दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र तक हलचल तेज है।
इसी बीच अन्ना हजारे भी छात्रों के समर्थन में सामने आए हैं।

अन्ना हजारे का मौन आंदोलन
छात्रों के जारी आंदोलन को अब दिग्गज सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का भी साथ मिल गया है।
अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर (अहमदनगर) में छात्रों के समर्थन में मौन आंदोलन शुरू कर दिया है।
इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भी लिखा था।
अन्ना का मानना है कि प्रधानमंत्री देश के सर्वोच्च नेता हैं, इसलिए जनता और युवाओं की आवाज उन तक सीधी पहुंचनी चाहिए।

जंतर-मंतर पर तनाव और निहंगों से झड़प
जंतर-मंतर पर हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं।
गुरुवार सुबह से ही वहां हजारों की तादाद में लोग मौजूद हैं।
पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल द्वारा प्रायोजित कुछ लोग उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन में आकर पत्थरबाजी कर रहे हैं।
इस बीच, जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और निहंग सिखों के बीच हल्की झड़प की खबर भी आई, जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने स्थिति को संभाला।

पीएम मोदी का बड़ा ऐलान: पेपर लीक के लिए बनेंगे ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’
बढ़ते जनआक्रोश के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बड़ा ऐलान किया।
उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
सरकार पेपर लीक मामलों की जल्द से जल्द सुनवाई और सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Courts) का गठन करेगी।
पीएम मोदी ने कहा: “देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए शीर्ष वकीलों की मदद ली जाएगी और दोषियों को ऐसी मिसाली सजा दी जाएगी कि कोई दोबारा ऐसा करने की हिम्मत न करे।”

प्रधानमंत्री ने यह भी साफ किया कि NEET पेपर लीक का मामला किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील विषय है।
भारत में फास्ट ट्रैक कोर्ट का इतिहास
आमतौर पर देश में पेपर लीक जैसे मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में सालों तक लटकी रहती है। फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने से फैसलों में तेजी आएगी।
* भारत में पहली बार साल 2000 में 11वें वित्त आयोग की सिफारिश पर फास्ट ट्रैक कोर्ट की शुरुआत हुई थी।
* आंकड़ों के मुताबिक, 2019 से 2025 के बीच रेप और पॉक्सो (POCSO) मामलों की सुनवाई करने वाली फास्ट ट्रैक अदालतों का निपटारा दर (Disposal Rate) 96.28% रहा है।

राहुल गांधी का हमला: “पीएम शिक्षा तंत्र की तबाही के जिम्मेदार”
पीएम मोदी के Fast Track Court वाले बयान पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जोरदार पलटवार किया।
राहुल गांधी ने इसे ‘शिक्षा व्यवस्था की नाकामी को छुपाने का प्रयास’ बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक के कारण देश के लगभग 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं।
राहुल ने सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री खुद देश के एजुकेशन सिस्टम को बर्बाद करने के जिम्मेदार हैं।

उन्होंने जंतर-मंतर और संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई के वीडियो भी शेयर किए।
जेपी नड्डा का पलटवार
कांग्रेस और राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा कि जब कांग्रेस शासित राज्यों में पेपर लीक होते हैं, तब राहुल गांधी चुप क्यों रहते हैं?
नड्डा ने कहा कि NDA सरकार ने नीट मामले की जानकारी मिलते ही 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जांच एजेंसियां निष्पक्ष काम कर रही हैं और छात्रों का साल खराब न हो, इसके लिए दोबारा परीक्षा भी कराई गई।

सोनम वांगचुक 26वें दिन भी अनशन पर: मेदांता में सुरक्षा सख्त
लद्दाख और छात्रों के मुद्दों को लेकर भूख हड़ताल कर रहे प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता (Activist) सोनम वांगचुक के अनशन का गुरुवार को 26वां दिन था।
तबीयत बिगड़ने के कारण वे पिछले दो दिनों से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं।
अस्पताल परिसर को छावनी में बदल दिया गया है।
करीब 600 पुलिसकर्मियों को 3 शिफ्टों में तैनात किया गया है।
बाहरी गाड़ियों की एंट्री बंद कर दी गई है और केवल अपॉइंटमेंट वालों को ही जांच के बाद अंदर जाने दिया जा रहा है।

हाल ही में सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे विपक्षी दलों (AAP, JMM, सपा) के 15 सांसदों को पुलिस ने रोक दिया था, जिसके बाद काफी देर तक हंगामा हुआ।
अस्पताल से जारी एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा: “मेरे अनशन को 25-26 दिन हो चुके हैं। अगर सरकार मुझे लिखित या ठोस भरोसा दे दे कि वह छात्रों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई नहीं करेगी, तो मैं आज ही अपना अनशन खत्म करने को तैयार हूं।”
इस पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सोनम वांगचुक का पत्र सरकार को मिला है और सरकार उनकी चिंताओं पर शांत मन से विचार कर रही है व जल्द ही बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाएगा।
#NEETPaperLeak #PMModi #FastTrackCourt #RahulGandhi #AnnaHazare #SonamWangchuk #JantarMantarProtest #EducationSystem
