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सावन में ओंकारेश्वर जाने से पहले जान लें नए नियम: गर्भगृह में नो एंट्री, बदल गए प्रवेश के रास्ते और पार्किंग प्लान

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Omkareshwar Sawan rules: मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध और पवित्र 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक भगवान ओंकारेश्वर के दरबार में सावन के महीने में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ता है।

इस पावन महीने में देश-विदेश से लाखों शिवभक्त बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने और उनके दर्शन पाने के लिए पहुँचते हैं।

इस वर्ष सावन के दौरान मंदिर परिसर और पूरे शहर में भीड़ को बेहतर ढंग से संभालने के लिए स्थानीय जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने एक व्यापक योजना तैयार की है।

दर्शन व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए कई नए नियम लागू किए जा रहे हैं।

अगर आप भी इस सावन ओंकारेश्वर जाकर बाबा के दर्शन करने का प्लान बना रहे हैं, तो निकलने से पहले इन सभी नए नियमों और रास्तों की जानकारी ध्यान से पढ़ लें।

सामान्य श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की नई व्यवस्था

सावन के दौरान आम भक्तों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रवेश और निकास के रास्ते पूरी तरह बदल दिए गए हैं:

* प्रवेश द्वार: सामान्य दर्शनार्थियों के लिए मुख्य प्रवेश द्वार सुखदेव मुनि द्वार को बनाया गया है। भक्त यहाँ से सीढ़ियों के रास्ते चढ़कर सीधे मंदिर के मुख्य परिसर तक पहुँचेंगे।

* गर्भगृह में प्रवेश बंद: सावन में अत्यधिक भीड़ को देखते हुए गर्भगृह के अंदर जाकर स्पर्श दर्शन या जल चढ़ाने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी।

सभी श्रद्धालु गर्भगृह से लगभग 10 फीट की दूरी से ही बाबा ओंकारेश्वर के दर्शन कर सकेंगे।

* निकास मार्ग: दर्शन पूरे करने के बाद भक्त चांदी गेट के रास्ते बाहर निकलेंगे। इसके बाद वे झूला पुल मार्ग का उपयोग करते हुए मंदिर परिसर से बाहर की ओर जा सकेंगे।

वीआईपी और शीघ्र (VIP) दर्शन के नियम

प्रशासन ने वीआईपी और पेड/शीघ्र दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग और स्पष्ट व्यवस्था बनाई है, ताकि आम भक्तों की कतार में कोई बाधा न आए:

* प्रोटोकॉल द्वार से एंट्री: मंदिर के पुराने ‘एग्जिट गेट’ को अब प्रोटोकॉल द्वार में बदल दिया गया है। वीआईपी पास और शीघ्र दर्शन की रसीद वाले भक्त इसी द्वार से मंदिर में प्रवेश करेंगे।

* लकड़ी गेट से निकास: वीआईपी दर्शनार्थी पूजा और दर्शन के बाद लकड़ी गेट के रास्ते से बाहर निकलेंगे।

* टिकट काउंटर का स्थान बदला: मंदिर के आसपास बेवजह भीड़ जमा न हो, इसलिए शीघ्र दर्शन का टिकट काउंटर मंदिर परिसर से हटाकर अब ब्रह्मपुरी पार्किंग में शिफ्ट कर दिया गया है।

टिकट लेने के बाद ही श्रद्धालु निर्धारित मार्ग से दर्शन के लिए आगे बढ़ सकेंगे।

शहर में लागू रहेगा वन-वे ट्रैफिक और पार्किंग प्लान

सावन के दौरान ओंकारेश्वर नगर की संकरी सड़कों पर गाड़ियों का दबाव बहुत बढ़ जाता है।

इसे नियंत्रित करने के लिए पूरे शहर में सख्त ट्रैफिक प्लान लागू किया जा रहा है:

* बाहरी वाहनों पर रोक: शहर के मुख्य रास्तों, विशेषकर पुराने बस स्टैंड और दंडी आश्रम की तरफ से बाहरी गाड़ियों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा।

* पार्किंग व्यवस्था: सभी बाहरी वाहनों को शहर के बाहर बनाई गई निर्धारित पार्किंगों में ही पार्क करना अनिवार्य होगा। इसके लिए ट्रेचिंग ग्राउंड और ताम्रकार पार्किंग को एक्टिव किया गया है।

* विशेष छूट: केवल स्थानीय निवासियों की गाड़ियों और अधिकृत वीआईपी पास वाले वाहनों को ही तय रास्तों (जैसे कुबेर भंडारी से ब्रह्मपुरी तक) पर जाने की अनुमति मिलेगी।

जूते-चप्पल जमा करने और वापस लेने का नया सिस्टम

मंदिर परिसर के बाहर चप्पलों के कारण होने वाली अव्यवस्था को खत्म करने के लिए एक ‘लूप सिस्टम’ तैयार किया गया है:

* भक्तों को अपने जूते-चप्पल निर्वाणी अखाड़ा स्थित स्टैंड पर जमा करने होंगे।

* चप्पल जमा करने के बाद वे सुखदेव मुनि द्वार से दर्शन के लिए प्रवेश करेंगे।

* दर्शन के बाद भक्त झूला पुल और स्काई ब्रिज के रास्ते वापस चलकर सीधे उसी निर्वाणी अखाड़ा स्टैंड तक पहुँच सकेंगे और अपनी चप्पलें सुरक्षित वापस ले सकेंगे।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के इंतजाम

प्रशासन ने बारिश और गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:

* पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए सड़कों के चौड़ीकरण का काम पूरा कर लिया गया है।

 * धूप और बारिश से बचाव के लिए कतारों वाले रास्तों पर शेड लगाए गए हैं।

 * जगह-जगह पीने के साफ पानी के लिए वाटर स्टैंड बनाए गए हैं।

* किसी भी चिकित्सीय आपातस्थिति के लिए स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमें और एम्बुलेंस तैनात रहेंगी।

 * सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के जरिए पूरे शहर पर पैनी नजर रखी जा रही है।

प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील

जिला प्रशासन और ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट ने सभी शिवभक्तों से अनुशासन बनाए रखने की अपील की है।

श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे जगह-जगह लगाए गए दिशा-निर्देश बोर्ड (साइन बोर्ड) का पालन करें, प्लास्टिक का उपयोग न करें और कचरा केवल डस्टबिन में ही डालें।

प्रशासन का कहना है कि भक्तों के सहयोग से ही सावन की यह धर्म यात्रा सभी के लिए सुखद और सुगम बन सकेगी।

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