Homeन्यूजवांगचुक का अनशन खत्म, पर CJP बोली- 'शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक...

वांगचुक का अनशन खत्म, पर CJP बोली- ‘शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक नहीं हटेंगे, पीएम दबाव में हैं इसलिए वीडियो जारी किया’

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

CJP Jantar Mantar protest: देश की राजधानी दिल्ली में नीट (NEET) पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में धांधली को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब एक बड़े राष्ट्रीय आंदोलन में बदल चुका है।

शुक्रवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और केंद्र सरकार के बीच दूसरे दौर की आधिकारिक बातचीत होने जा रही है।

यह बैठक दोपहर 12:30 बजे दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में तय की गई है।

इससे पहले 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर दोनों पक्षों के बीच पहले दौर की वार्ता हुई थी, जो बेनतीजा साबित हुई थी।

सरकार का दावा है कि उन्होंने इसके बाद भी CJP को चार बार बातचीत के लिए न्योता भेजा, लेकिन संगठन के नेताओं का कहना था कि वे किसी मंत्री के घर या दफ़्तर जाकर बात नहीं करेंगे; बात सिर्फ किसी न्यूट्रल जगह (निष्पक्ष स्थान) पर ही होगी।

इसी बीच, आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने मेदांता अस्पताल में अपना 26 दिनों से चला आ रहा अनशन समाप्त कर दिया है।

देर रात अस्पताल पहुंचे मंत्री, वांगचुक ने पिया जूस

गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुड़गांव के मेदांता अस्पताल पहुंचे।

डॉक्टरों की मौजूदगी में दोनों मंत्रियों ने सोनम वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।

अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने देश के छात्रों और समर्थकों के नाम अपना संदेश जारी किया।

उन्होंने बताया कि सरकार ने लिखित में तीन मुख्य आश्वासन दिए हैं:

* छात्रों पर दर्ज केस वापस होंगे: जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और 20 मार्च को संसद मार्च के दौरान शामिल छात्रों पर कोई आपराधिक मामला नहीं चलाया जाएगा।

 * पीड़ित परिवारों को मुआवजा: पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी से हताश होकर जिन छात्रों ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया, उनके परिवारों को सरकार उचित मुआवजा देगी।

 * संसद में होगी विशेष चर्चा: सरकार परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने और पेपर लीक रोकने के लिए संसद के मौजूदा सत्र में विस्तृत चर्चा कराएगी।

वांगचुक ने कहा, “शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधानके इस्तीफे पर सरकार ने अभी कोई लिखित वादा नहीं किया है। मेरे सामने दो ही रास्ते थे—या तो मैं हफ्तों अनशन पर बैठकर अपनी जान दे दूं, या फिर डॉक्टरों और समर्थकों की बात मानकर सेहत ठीक करूं ताकि आगे संघर्ष किया जा सके। हमारे बच्चों और छात्रों पर दर्ज केस वापस होना मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता थी।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर वांगचुक के स्वास्थ्य पर चिंता जताई। पीएम ने लिखा, “मैं सोनम जी से आग्रह करता हूं कि वे डॉक्टरों की सलाह का पालन करें और जल्द स्वस्थ हों। मैं ईश्वर से उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना करता हूं।”

CJP का हमला: “पीएम दबाव में हैं, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रहेगा”

सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद जंतर-मंतर पर सीजेपी समर्थकों ने राहत की सांस ली और जश्न मनाया, लेकिन पार्टी ने अपना आंदोलन वापस लेने से साफ इनकार कर दिया है।

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार सुबह मीडिया से बातचीत में दोहराया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक कोई भी प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से नहीं हटेगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी अपने मुख्य मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करेगी।

वहीं, CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “सरकार युवाओं और छात्रों के बढ़ते दबाव के आगे झुक रही है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी को देर रात 12:30 बजे वीडियो संदेश जारी कर यह कहना पड़ा कि सरकार जल्द ही पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाएगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन करेगी। लेकिन हमारी लड़ाई सिर्फ वादों तक सीमित नहीं है, शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना ही होगा।”

सरकार काड़ा प्रशासनिक फेरबदल: शिक्षा मंत्रालय के दोनों सचिव हटाए गए

आंदोलन के बढ़ते असर और विपक्ष के तीखे हमलों के बीच केंद्र सरकार ने नौकरशाही में बड़ा कदम उठाया है।

गुरुवार देर रात जारी आदेश के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय के दोनों शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों (सचिवों) का तबादला कर दिया गया है।

* उच्च शिक्षा विभाग: 1994 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस (IAS) अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया है। वे विनीत जोशी की जगह लेंगे, जिन्हें अब पंचायती राज मंत्रालय में भेज दिया गया है।

* स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग: 1995 बैच के आईएएस अधिकारी टी.के. अनिल कुमार को पदोन्नत कर स्कूल शिक्षा विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।

प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को पेपर लीक मामले में सरकार द्वारा जवाबदेही तय करने और स्थिति को संभालने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

 

RSS नेता इंद्रेश कुमार का आरोप: “आंदोलन के पीछे विदेशी ताकतें”

इस पूरे सियासी बवाल के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार का एक विवादित बयान सामने आया है।

शुक्रवार को उन्होंने आरोप लगाया कि CJP के प्रदर्शनों के पीछे देश विरोधी और विदेशी ताकतों का हाथ है।

इंद्रेश कुमार ने कहा, “विदेशी ताकतें नहीं चाहतीं कि भारत एक मजबूत, विकसित और शिक्षित राष्ट्र बने। शुरुआत में विपक्षी दलों ने छात्रों की परीक्षा का मुद्दा उठाया, लेकिन बाद में वे अपनी गंदी राजनीति चमकाने के लिए रास्ते से भटक गए और इस आंदोलन को भड़काने का काम कर रहे हैं।”

दिल्ली में कड़े सुरक्षा इंतजाम: 17 मेट्रो स्टेशन बंद, हाईकोर्ट में आज सुनवाई

प्रदर्शनकारियों द्वारा गुरुवार रात संसद मार्ग पर बैरिकेड्स तोड़े जाने के बाद दिल्ली पुलिस पूरी तरह से अलर्ट पर है।

जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और दिल्ली पुलिस के सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।

यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें:

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए शुक्रवार सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक राजधानी के 17 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया है।

इनमें राजीव चौक, पटेल चौक, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, सुप्रीम कोर्ट, जनपथ, ITO, जोर बाग, और शिवाजी स्टेडियम शामिल हैं।

हालांकि, राजीव चौक और मंडी हाउस जैसे बड़े स्टेशनों पर ट्रेन बदलने (इंटरचेंज) की सुविधा चालू रखी गई है।

अदालत में आज सुनवाई:

दूसरी तरफ, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में इंटरनेट सेवाएं ठप करने और पुलिस द्वारा चौबीसों घंटे निगरानी रखे जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।

याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि इंटरनेट बंद करने से आम नागरिकों और छात्रों के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है।

कैसे बढ़ा विवाद? 5 पॉइंट्स में समझिए सरकार का रुख

* छात्रों का बढ़ता समर्थन: पिछले एक महीने में सोनम वांगचुक के अनशन और देशभर से मिले समर्थन ने इस स्थानीय मुद्दे को राष्ट्रीय आंदोलन बना दिया।

* सख्ती से बातचीत तक: शुरुआती दिनों में सरकार ने बैरिकेडिंग, लाठीचार्ज और हिरासत का सहारा लिया, लेकिन जब मामला बिगड़ा और विपक्ष एकजुट हुआ, तो सरकार बैकफुट पर आई।

* संसद मार्ग पर झड़प: 20 जुलाई को संसद घेराव के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें कई छात्र और 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। इसके बाद ही सरकार ने बातचीत की मेज पर आने का मन बनाया।

* विपक्ष का आक्रामक रुख: राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों ने संसद से लेकर सड़कों तक इस मुद्दे को उठाया, जिससे संसद की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है।

* सहमति की तलाश: सरकार ने पिछले 4 दिनों में 5 बार बातचीत की कोशिश की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि आज दोपहर 12:30 बजे कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने वाली बैठक से क्या नतीजा निकलता है।

#NEETPaperLeak #JantarMantarProtest #SonamWangchuk #EducationMinister #DelhiNews #CJPProtest

- Advertisement -spot_img