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“एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी प्रधानमंत्री बनेगी”- ओवैसी, भाजपा बोली- इस्लामिक देश में जाएं

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Owaisi Hijab PM Statement: भारत की राजनीति में एक बार फिर ‘हिजाब’ और ‘संविधान’ को लेकर बहस तेज हो गई है।

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र के सोलापुर में एक जनसभा के दौरान बड़ा बयान देते हुए कहा कि वह दिन दूर नहीं जब भारत में हिजाब पहनने वाली एक बेटी प्रधानमंत्री बनेगी।

ओवैसी का यह बयान सीधे तौर पर उन राजनीतिक दलों पर निशाना था, जिन पर वे अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत फैलाने का आरोप लगाते रहे हैं।

ओवैसी का तर्क और संविधान का हवाला

ओवैसी ने पाकिस्तान के उदाहरण से अपनी बात शुरू की।

उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश पाकिस्तान के संविधान में यह स्पष्ट लिखा है कि वहां केवल एक विशेष धर्म का व्यक्ति ही प्रधानमंत्री बन सकता है।

लेकिन भारत की खूबसूरती बाबा साहब भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित संविधान में है।

हमारा संविधान किसी भी भारतीय नागरिक को जाति या धर्म की परवाह किए बिना प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बनने का अधिकार देता है।

ओवैसी ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में नफरत का अंत होगा और प्यार की जीत होगी, जिससे एक हिजाब पहनने वाली महिला देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचेगी।

भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया

ओवैसी के इस बयान ने भाजपा खेमे में हलचल मचा दी।

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि “हिंदू राष्ट्र” में ऐसे बयानों की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन्हें ऐसे पदों की चाहत है, उन्हें इस्लामिक देशों का रुख करना चाहिए।

राणे ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वे ओवैसी और उनके समर्थकों को यहां से “भगा देंगे”।

वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने संवैधानिक पहलू को तो स्वीकार किया, लेकिन अपनी विचारधारा को भी स्पष्ट रखा।

उन्होंने कहा कि संविधान किसी को रोकता नहीं है, लेकिन भारत एक हिंदू सभ्यता वाला देश है।

उन्हें पूरा भरोसा है कि भारत का प्रधानमंत्री हमेशा एक हिंदू ही होगा।

दूसरी ओर, शहजाद पूनावाला ने ओवैसी को चुनौती दी कि वे पहले अपनी पार्टी (AIMIM) का अध्यक्ष किसी हिजाब पहनने वाली महिला या पसमांदा मुस्लिम को बनाकर दिखाएं।

कांग्रेस पर भी साधा निशाना

अपनी सभाओं में ओवैसी ने केवल भाजपा ही नहीं, बल्कि कांग्रेस पर भी प्रहार किया।

उन्होंने दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जेल का जिक्र करते हुए कहा कि इसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार है।

ओवैसी के मुताबिक, कांग्रेस सरकार ने ही UAPA कानून को सख्त बनाया था, जिसका खामियाजा आज मुस्लिम युवा भुगत रहे हैं।

उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या आजादी के बाद कांग्रेस का कोई बड़ा नेता कभी इतने लंबे समय तक जेल में रहा है?

विदेश नीति पर पीएम को घेरा

ओवैसी ने अमेरिका और वेनेजुएला के हालिया घटनाक्रम का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को भी घेरा।

उन्होंने कहा कि अगर डोनाल्ड ट्रम्प वेनेजुएला में घुसकर वहां के राष्ट्रपति को गिरफ्तार कर सकते हैं, तो भारत के प्रधानमंत्री 26/11 के मास्टरमाइंड मसूद अजहर और अन्य आतंकियों को पाकिस्तान से उठाकर भारत क्यों नहीं लाते?

उन्होंने पीएम के ’56 इंच के सीने’ पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल ‘अबकी बार ट्रम्प सरकार’ कहने से काम नहीं चलेगा, कार्रवाई करके दिखानी होगी।

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