Pakistan oil crisis: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग ने न केवल दो देशों को प्रभावित किया है, बल्कि इसकी सबसे तगड़ी मार पड़ोसी देश पाकिस्तान पर पड़ी है।
पाकिस्तान, जो पहले से ही आर्थिक तंगहाली और कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था, अब ईंधन और ऊर्जा के महासंकट में फंस गया है।
सोमवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्र के नाम एक संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने देश के मौजूदा हालात को ‘असाधारण’ बताते हुए बेहद सख्त पाबंदियों का ऐलान किया।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कड़े फैसले
शरीफ ने साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 60 डॉलर से उछलकर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुकी हैं।
पाकिस्तान के पास इतना विदेशी मुद्रा भंडार नहीं है कि वह इस बढ़ी हुई कीमत पर तेल खरीद सके।
इसलिए, अब देश को ‘बचत मोड’ पर चलना होगा।
15 emergency austerity measures annouced by Pakistan Prime Minister Shehbaz Sharif as oil crisis hits Pak pic.twitter.com/ezui7EqOmH
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) March 9, 2026
सरकारी तंत्र पर भी गिरी गाज
सरकार ने सबसे पहले अपने ही मंत्रियों और सांसदों पर शिकंजा कसा है।
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सैलरी पर रोक: प्रधानमंत्री, सभी कैबिनेट मंत्री, सलाहकार और विशेष सहायक अगले दो महीने तक एक रुपया भी वेतन नहीं लेंगे।
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सांसदों की कटौती: नेशनल असेंबली के सांसदों के वेतन में 25% की कटौती की गई है।
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दफ्तरों का नया शेड्यूल: बिजली और पेट्रोल बचाने के लिए अब सरकारी दफ्तर हफ्ते में केवल 4 दिन ही खुलेंगे। बाकी के समय आधे कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ यानी घर से काम करना होगा।
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गाड़ियों पर पाबंदी: सरकारी विभागों को मिलने वाले पेट्रोल-डीजल के कोटे में 50% की भारी कटौती की गई है। आदेश दिया गया है कि 60% सरकारी गाड़ियां अगले दो महीने तक सड़कों पर नहीं उतरेंगी।
BIG NEWS 🚨 PAKISTAN IN DEEP OIL CRISIS
Shehbaz Sharif announces –
• Schools shut for 2 weeks
• 60% govt vehicles off roads
• Fuel allowance cut by 50%
• 50% staff to work from home
• Govt offices move to 4-day week
• 20% cut in public spending pic.twitter.com/DRA1yfkAXo https://t.co/I0afP9yQHq— News Algebra (@NewsAlgebraIND) March 9, 2026
स्कूल बंद और इफ्तार पर बैन
पाकिस्तान में इस समय रमजान का महीना चल रहा है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण इस बार रौनक गायब है।
सरकार ने आधिकारिक इफ्तार पार्टियों और डिनर पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।
अब कोई भी सरकारी कार्यक्रम आलीशान होटलों में नहीं होगा; इसके लिए केवल सरकारी इमारतों का इस्तेमाल किया जाएगा।
सबसे चौंकाने वाला फैसला शिक्षा के क्षेत्र में लिया गया है।
ईंधन बचाने और ट्रैफिक कम करने के मकसद से देश के सभी स्कूलों को अगले दो हफ्तों के लिए बंद कर दिया गया है।
सरकार का मानना है कि स्कूल बसें और निजी वाहन न चलने से तेल की खपत में बड़ी गिरावट आएगी।
🚨 Oil crisis hits Pakistan!#Pakistan PM Shehbaz Sharif announces two week closure for schools nationwide as the govt moves to conserve fuel amid global oil shock linked to ongoing Middle East conflict
Universities and higher education institutions will shift to online… pic.twitter.com/CFbIUcoILV
— Nabila Jamal (@nabilajamal_) March 9, 2026
पेट्रोल पंपों पर हाहाकार
जैसे ही सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹55 (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर की बढ़ोतरी का ऐलान किया, पूरे देश में अफरा-तफरी मच गई।
पाकिस्तान में अब पेट्रोल की कीमत ₹335.86 और डीजल ₹321.17 प्रति लीटर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है।
लाहौर, कराची और इस्लामाबाद जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल पंपों पर किलोमीटर लंबी लाइनें लग गई हैं।
आम जनता में डर है कि आने वाले दिनों में तेल मिलना ही बंद न हो जाए।

पड़ोसी देशों का हाल: बांग्लादेश
यह संकट केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं है। बांग्लादेश में भी हालात बिगड़ने लगे हैं।
वहां की सरकार ने तेल की राशनिंग शुरू कर दी है।
अब वहां बाइक सवारों को एक दिन में केवल 2 लीटर पेट्रोल मिल रहा है, जबकि कारों के लिए 10 लीटर की सीमा तय की गई है।
बिना पुरानी रसीद दिखाए वहां नया तेल नहीं मिल रहा है।

पाकिस्तान की डगर मुश्किल
पाकिस्तान इस समय ‘दोतरफा हमले’ का शिकार है।
एक तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार की महंगाई है, तो दूसरी तरफ अफगानिस्तान सीमा पर बढ़ता तनाव।
प्रधानमंत्री शरीफ ने स्वीकार किया है कि फिलहाल कोई भी मित्र देश पाकिस्तान को नकद मदद देने के लिए तैयार नहीं है।
ऐसे में देश को अपने खर्चों में कटौती करके ही खुद को बचाना होगा।
क्या ये सख्त कदम पाकिस्तान को डूबने से बचा पाएंगे? यह आने वाला वक्त ही बताएगा।
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