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‘याद वाशेम’ पहुंचे PM मोदी: हिटलर के नरसंहार में जान गंवाने वाले 60 लाख यहूदियों को दी श्रद्धांजलि

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

PM Modi Israel Visit Yad Vashem: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा के दूसरे दिन की शुरुआत भावुक रही।

उन्होंने यरुशलम स्थित ‘याद वाशेम’ (होलोकॉस्ट मेमोरियल) जाकर उन 60 लाख यहूदियों को श्रद्धांजलि दी, जो द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान एडॉल्फ हिटलर की नाजी सेना के हाथों मारे गए थे।

इस मौके पर इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू भी उनके साथ मौजूद थे।

इसके बाद मोदी ने इजराइली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात की और उन्हें भारत आने का न्योता दिया।

याद वाशेम: इतिहास का सबसे काला अध्याय 

प्रधानमंत्री मोदी के दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ‘याद वाशेम’ की यात्रा रही।

यह स्मारक उन लोगों की याद में बनाया गया है जिन्हें नाजी शासन ने बेरहमी से मार दिया था।

मोदी ने यहां पुष्पचक्र अर्पित किया और मौन रखकर पीड़ितों को याद किया।

यह यरुशलम की एक पहाड़ी पर स्थित स्मारक है, जिसका अर्थ है ‘याद और नाम’।

साल 1953 में इसे उन यहूदियों की याद में बनाया गया था जिनकी पहचान मिटाने की कोशिश की गई थी।

यहां की दीवारों पर उन लाखों लोगों के नाम और कहानियां दर्ज हैं।

पीएम मोदी ने यहां एक पौधा भी लगाया, जो शांति और नए जीवन का प्रतीक है।

राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात और भारत का न्योता

स्मारक के बाद पीएम मोदी ने इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से द्विपक्षीय वार्ता की।

राष्ट्रपति हर्जोग ने भारतीय अर्थव्यवस्था की जमकर तारीफ की।

उन्होंने कहा कि भारत जिस रफ्तार से विकास कर रहा है, उसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है।

जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि भारतीयों के दिल में इजराइल के लिए एक खास जगह है।

मोदी ने राष्ट्रपति हर्जोग को भारत आने का आधिकारिक न्योता देते हुए कहा, “आप समय निकालें और भारत आएं, हमें आपका स्वागत करने का मौका दें।”

उन्होंने यह भी साफ किया कि भारत और इजराइल मिलकर खेती, विज्ञान और तकनीक में दुनिया का भला कर सकते हैं।

नेसेट (Isreali Parliament) में ऐतिहासिक संबोधन

पीएम मोदी ने इजराइली संसद ‘नेसेट’ को भी संबोधित किया। वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं।

इस दौरान उन्हें ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से नवाजा गया, जो वहां का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है।

यह सम्मान भारत और इजराइल के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी की गहराई को दर्शाता है।

डिफेंस और टेक्नोलॉजी: क्या है एजेंडा?

अब सबकी नजरें पीएम मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू की द्विपक्षीय बैठक पर हैं।

इस बैठक में मुख्य रूप से इन मुद्दों पर चर्चा संभव है:

  • डिफेंस डील: मिसाइल सिस्टम और आधुनिक हथियारों को लेकर बड़ा समझौता हो सकता है।

  • साइबर सिक्योरिटी: इजराइल साइबर सुरक्षा में दुनिया का लीडर है, भारत इस क्षेत्र में सहयोग चाहता है।

  • एग्रीकल्चर और इनोवेशन: रेगिस्तान में खेती करने की इजराइली तकनीक (ड्रिप इरिगेशन) को भारत के बड़े हिस्से में लागू करने पर चर्चा होगी।

क्यों खास है यह दौरा?

यह दौरा केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है।

इजराइल ने जिस तरह पीएम मोदी का स्वागत किया है (एयरपोर्ट पर खुद पीएम नेतन्याहू का आना और नेसेट में सम्मान), वह दिखाता है कि इजराइल के लिए भारत एक बेहद भरोसेमंद और शक्तिशाली साथी है।

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