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परीक्षा पे चर्चा 2026: ‘नंबरों की बीमारी’ छोड़ें- स्किल्स से संवारें भविष्य, PM ने छात्रों को दिया सक्सेस मंत्र

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 फरवरी, शुक्रवार को एक बार फिर देश के लाखों छात्रों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के जरिए सीधा संवाद किया।

इस कार्यक्रम का यह 9वां संस्करण था, जो दिल्ली स्थित पीएम आवास पर आयोजित किया गया।

इस दौरान माहौल काफी आत्मीय रहा। पीएम ने न केवल बच्चों के सवालों के जवाब दिए, बल्कि असम के पारंपरिक गमछे पहनाकर उनका स्वागत भी किया।

आइए जानते हैं इस आयोजन की खास बातें…

परीक्षा: जीवन का अंत नहीं, बस एक पड़ाव है

पीएम मोदी ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि परीक्षा को लेकर जो डर और घबराहट होती है, वह तब पैदा होती है जब हम इसे जीवन का सबसे बड़ा मुद्दा मान लेते हैं।

उन्होंने साफ किया कि परीक्षा महज खुद को परखने का एक जरिया है, यह जीवन की आखिरी मंजिल नहीं है।

इसलिए इसे बोझ समझने की जरूरत नहीं है।

विकसित भारत का सपना और स्वदेशी का संकल्प

पीएम ने छात्रों को भविष्य का नागरिक बताते हुए कहा कि जब भारत अपनी आजादी के 100 साल (2047) पूरे करेगा, तब आज के छात्र ही देश की कमान संभाल रहे होंगे।

उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे ‘विकसित भारत’ को अपना व्यक्तिगत सपना बनाएं।

इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा आह्वान किया कि अगले एक साल के भीतर हम अपनी हर विदेशी चीज को ‘स्वदेशी’ से बदलने का संकल्प लें।

यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में छात्रों का सबसे बड़ा योगदान होगा।

‘मार्क्स’ की बीमारी और स्किल का संतुलन

आजकल हर तरफ नंबरों की होड़ मची है।

इस पर पीएम ने कहा, “पता नहीं ये मार्क्स-मार्क्स की बीमारी कैसे फैल गई है।”

उन्होंने छात्रों से पूछा कि क्या उन्हें पिछले साल के टॉपरों के नाम याद हैं? जवाब ‘ना’ में था।

पीएम ने समझाया कि नंबरों की अहमियत कुछ समय के लिए होती है, लेकिन जो आपने सीखा है, वह जीवनभर काम आता है।

उन्होंने सलाह दी कि छात्रों को मार्क्स और स्किल्स (कौशल) के बीच संतुलन बनाना चाहिए।

किसी एक के पीछे भागने से व्यक्तित्व का विकास रुक जाता है।

गेमिंग: समय की बर्बादी या स्किल?

गेमिंग के शौकीन छात्रों के लिए पीएम की सलाह बहुत व्यावहारिक थी।

उन्होंने कहा कि भारत में इंटरनेट सस्ता है, इसका मतलब यह नहीं कि आप घंटों गेमिंग में समय बर्बाद करें। हालांकि, उन्होंने गेमिंग को एक स्किल भी माना।

पीएम ने सुझाव दिया कि छात्र विदेशी गेम खेलने के बजाय भारत की अपनी कहानियों (जैसे पंचतंत्र या अभिमन्यु की वीरता) पर आधारित गेम बनाएं।

उन्होंने सट्टेबाजी वाली गेमिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात भी दोहराई।

मोबाइल डिस्ट्रैक्शन और टाइम मैनेजमेंट

मोबाइल को पीएम ने पढ़ाई में सबसे बड़ी बाधा बताया।

उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि पढ़ाई करते समय फोन को खुद से दूर रखें।

टाइम मैनेजमेंट पर उन्होंने कहा कि समय की कमी कभी नहीं होती, बस सही प्लानिंग की कमी होती है।

छात्र सोने से पहले अगले दिन का शेड्यूल तैयार करें और पर्याप्त नींद जरूर लें, क्योंकि बिना आराम के दिमाग एकाग्र नहीं हो सकता।

आत्मविश्वास का जादू

एक छात्र ने जब प्रेजेंटेशन के दौरान होने वाली घबराहट का जिक्र किया, तो पीएम ने फुटपाथ पर रहने वाली महिलाओं का उदाहरण दिया।

उन्होंने कहा कि वे महिलाएं बिना किसी ट्रेनिंग के भी टीवी कैमरों के सामने पूरे आत्मविश्वास से बोलती हैं क्योंकि उनके पास ‘सच्चाई’ होती है।

पीएम ने छात्रों से कहा कि अगर आपको अपने काम और अपनी मेहनत पर भरोसा है, तो डर अपने आप भाग जाएगा।

अभिभावकों के लिए संदेश

पीएम मोदी ने माता-पिता से भी खास अपील की। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों की तुलना दूसरों से करना बंद करें।

हर बच्चे की अपनी ताकत होती है। माता-पिता का दबाव अक्सर बच्चों के प्रदर्शन को बिगाड़ देता है।

उन्होंने अभिभावकों को बच्चों का दोस्त बनने और उन पर भरोसा जताने की सलाह दी।

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ महज एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों के लिए एक मोटिवेशनल क्लास बन गया।

पीएम ने स्पष्ट किया कि सफलता का पैमाना केवल मार्कशीट नहीं, बल्कि एक मजबूत चरित्र और देश के प्रति जिम्मेदारी का भाव है।

इस चर्चा का अगला एपिसोड 9 फरवरी को सुबह 10 बजे प्रसारित होगा।

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