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विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यसभा में PM मोदी का भाषण, पीएम ने गिनाईं नेहरू-इंदिरा काल की गलतियां

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

PM Modi Rajya Sabha speech: गुरुवार, 5 फरवरी को राज्यसभा का नजारा बेहद गहमागहमी भरा रहा।

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने के लिए जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खड़े हुए, तो विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी।

विपक्षी दल राहुल गांधी को बोलने देने की मांग कर रहे थे।

हंगामे और नारेबाजी के बीच प्रधानमंत्री ने अपना भाषण जारी रखा, जिसके बाद समूचे विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

प्रधानमंत्री ने खाली पड़ी विपक्षी बेंचों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जिनके पास विजन नहीं होता, वे मैदान छोड़कर भाग जाते हैं।

विपक्ष पर तंज: ‘खड़गे जी को बैठकर नारे लगाने दें’

भाषण की शुरुआत में ही पीएम मोदी ने चुटीले अंदाज में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे पर तंज कसा।

उन्होंने सभापति से कहा, “खड़गे जी की उम्र का सम्मान करते हुए उन्हें बैठकर नारे लगाने की अनुमति दी जाए, ताकि उन्हें शारीरिक कष्ट न हो।”

इसके बाद जब विपक्ष बाहर चला गया, तो पीएम ने कहा कि कांग्रेस और उसके साथी अपनी गलतियां सुनने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

नेहरू और इंदिरा की सोच पर सवाल

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ऐतिहासिक सोच पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के एक पुराने भाषण का हवाला दिया, जो उन्होंने ईरान में दिया था। पीएम ने कहा:

“इंदिरा जी ने कहा था कि उनके पिता नेहरू जी से जब किसी ने समस्याओं के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा था कि 35 करोड़ समस्याएं हैं (उस वक्त की जनसंख्या)। इंदिरा जी ने भी जनसंख्या को ही समस्या बताया। यह कैसी सोच है कि आप अपने ही देश के नागरिकों को ‘समस्या’ मानते हैं? हमारे लिए 140 करोड़ देशवासी समस्या नहीं, बल्कि सामर्थ्य और समाधान हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के पास न कभी नीति थी, न नीयत और न ही इच्छाशक्ति। इसी कारण देश को दशकों तक पिछड़ापन झेलना पड़ा।

कांग्रेस मोदी की कब्र खोदने की तैयारी कर रही

PM ने कहा- मोहब्बत की दुकान खोलने वाले मोदी तेरी कब्र खुलेगी के नारे लगा रहे हैं। ये कौन सी दुकान है जो देश के किसी नागरिक की कब्र खोदने की बात करते हैं। ये कौन से संविधान से सीखा है, जो देश के किसी नागरिक की कब्र खोदने की बात करते हैं।

मोदी ने कहा कि इसके बाद कहेंगे देखो प्रधानमंत्री राज्यसभा में रो रहा है, ये लोग किस प्रकार के संस्कार से पले बढ़े हैं।

मेरे लिए अनुभव बुरा रहा है, 2002 से जब वे विपक्ष में थे, 2004 से जब वे सत्ता में थे तब से और 2014 से संसद का कोई सत्र नहीं गया जब मोदी को गाली न दी हो।

योजना आयोग बनाम नीति आयोग

पीएम मोदी ने सरकारी तंत्र की पुरानी जड़ता को समझाने के लिए इंदिरा गांधी का ही एक किस्सा सुनाया।

उन्होंने बताया कि कैसे योजना आयोग (Planning Commission) जमीन से कटा हुआ था।

हिमाचल प्रदेश के एक नेता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां के लोगों को सामान ढोने के लिए खच्चरों की जरूरत थी, लेकिन दिल्ली में बैठे योजना आयोग ने कह दिया कि बजट सिर्फ जीप के लिए है।

अब जहां सड़क ही नहीं, वहां जीप का क्या काम?

पीएम ने कहा कि कांग्रेस ने इसी तरह की ‘वन साइज फिट्स ऑल’ नीतियों से देश का नुकसान किया, जिसे हमने ‘नीति आयोग’ बनाकर और स्थानीय जरूरतों को समझकर बदला है।

बैंकिंग सेक्टर: ‘फोन बैंकिंग’ का काला दौर

प्रधानमंत्री ने बैंकिंग सेक्टर में आए बदलावों पर विस्तार से बात की।

उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 से पहले कांग्रेस के नेताओं के एक फोन कॉल पर बैंकों से अरबों रुपये के लोन बांट दिए जाते थे। इसे उन्होंने ‘फोन बैंकिंग’ करार दिया।

  • एनपीए (NPA): पीएम ने बताया कि कांग्रेस के समय बैंकों का पैसा डूब रहा था, लेकिन आज एनपीए 1% से भी नीचे आ गया है।
  • पीएसयू की सफलता: उन्होंने कहा कि एलआईसी और अन्य सरकारी बैंक आज रिकॉर्ड प्रॉफिट कमा रहे हैं। जो लोग पीएसयू के डूबने की अफवाह फैलाते थे, आज वही कंपनियां दुनिया भर से बड़े ऑर्डर हासिल कर रही हैं।

किसानों और युवाओं के लिए कदम

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने छोटे किसानों की कभी चिंता नहीं की।

लेकिन उनकी सरकार ने ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ के माध्यम से अब तक 4 लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में भेजे हैं।

युवाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने ‘मुद्रा योजना’ की सफलता बताई, जिसमें बिना गारंटी के 30 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन युवाओं को अपना काम शुरू करने के लिए दिया गया है।

विदेशी निवेश और ट्रेड डील

प्रधानमंत्री ने हाल ही में अमेरिका और अन्य विकसित देशों के साथ हुई ट्रेड डील (Trade Deal) को ऐतिहासिक बताया।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया के बड़े देश भारत के साथ बराबरी के स्तर पर समझौता करने को आतुर हैं।

उन्होंने कहा, “जब एक विकसित देश किसी विकासशील देश के साथ ट्रेड डील करता है, तो यह भारत के बढ़ते सामर्थ्य का प्रमाण है। इससे भारतीय युवाओं के लिए पूरी दुनिया के बाजार खुल गए हैं।”

भ्रष्टाचार और ‘शीशमहल’ पर वार

विपक्ष के भ्रष्टाचार पर हमला करते हुए पीएम ने बिना नाम लिए आम आदमी पार्टी और अन्य दलों पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा, “जिनकी पूरी सरकार शराब के घोटाले में डूबी है, जिनके ‘शीशमहल’ (आलीशान घर) चर्चा में हैं, वे हमें ईमानदारी का पाठ पढ़ा रहे हैं।”

उन्होंने टीएमसी पर भी हमला करते हुए कहा कि बंगाल में घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों पर दबाव बनाया जा रहा है, जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा है।

लोकसभा में हुई ‘अप्रत्याशित’ घटना का जिक्र

पीएम ने लोकसभा में बुधवार को हुए हंगामे पर भी दुख जताया।

उन्होंने कहा कि विपक्ष ने राष्ट्रपति का अपमान किया है।

बता दें कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने खुलासा किया था कि बुधवार को पीएम के साथ सदन में कुछ ‘अप्रिय’ घट सकता था, क्योंकि विपक्षी महिला सांसदों ने पीएम की कुर्सी को घेर लिया था।

इसी सुरक्षा कारणों से पीएम का लोकसभा भाषण टालना पड़ा था।

विकसित भारत का संकल्प

अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का यह दूसरा क्वार्टर भारत के लिए बेहद निर्णायक है।

उन्होंने विश्वास जताया कि 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बनेगा।

उन्होंने कहा कि हमारी ऊर्जा पुरानी गलतियों को सुधारने और भविष्य की नींव रखने में जा रही है।

विपक्ष के वॉकआउट के बावजूद, प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे चुनौतियों से भागने वाले नहीं हैं और देश की प्रगति का पहिया अब रुकने वाला नहीं है।

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