PM Modi Ram Statue: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गोवा के दक्षिणी हिस्से में स्थित कैनाकोना में भगवान राम की सबसे ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया।
श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ में स्थापित भगवान राम की ये कांस्य मूर्ति करीब 77 फीट (लगभग 23.5 मीटर) ऊंची है।
ये मूर्ति दुनिया में भगवान राम की सबसे ऊंची प्रतिमा है।
यह कार्यक्रम मठ की स्थापना परंपरा के 550 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक विशेष समारोह का हिस्सा था।
इस मौके पर गोवा के राज्यपाल अशोक गजपति राजू, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

प्रतिमा की मुख्य विशेषताएं और महत्व
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विश्व रिकॉर्ड: इस 77 फीट ऊंची प्रतिमा को दुनिया में भगवान राम की सबसे ऊंची मूर्ति के रूप में दर्ज किया गया है।
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कुशल शिल्पकारी: प्रतिमा को विश्व प्रसिद्ध मूर्तिकार राम वनजी सुतार के मार्गदर्शन में बनाया गया है, जिन्होंने गुजरात में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ (सरदार पटेल की प्रतिमा) को भी डिजाइन किया था।
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दिव्य स्वरूप: मूर्ति में भगवान राम को हाथ में धनुष-बाण लिए हुए दर्शाया गया है। उनके चेहरे पर एक दिव्य और सौम्य अभिव्यक्ति है, जो भक्तों के मन को शांति और आकर्षण दोनों प्रदान करती है।
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कांस्य निर्माण: यह प्रतिमा कांस्य धातु से निर्मित है, जो इसकी स्थायित्व और कलात्मकता को दर्शाती है।

रामायण थीम पार्क और संग्रहालय का उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी ने केवल प्रतिमा का ही अनावरण नहीं किया, बल्कि उन्होंने मठ परिसर में ही बने ‘रामायण थीम पार्क गार्डन’ का भी उद्घाटन किया।
इसके अलावा, एक राम संग्रहालय भी बनाया जा रहा है।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य पर्यटकों और श्रद्धालुओं को रामायण की कथा और भगवान राम के जीवन से जुड़े एक समृद्ध अनुभव प्रदान करना है।
#WATCH | Goa | Prime Minister Narendra Modi unveiled a 77-foot statue of Lord Ram made up of bronze at Shree Samsthan Gokarn Partagali Jeevottam Math.
The Prime Minister is visiting the math on the occasion of ‘Sardha Panchashatamanotsava’, the 550th-year celebration of the… pic.twitter.com/LgSQEvASbc
— ANI (@ANI) November 28, 2025
मठ का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ गौड़ सारस्वत ब्राह्मण वैष्णव परंपरा का पहला प्रमुख केंद्र माना जाता है।
इसकी स्थापना 13वीं शताब्दी में जगद्गुरु माधवाचार्य ने की थी और यह द्वैत संप्रदाय का अनुसरण करता है।
मठ का मुख्यालय दक्षिण गोवा के कैनाकोना में कुशावती नदी के तट पर स्थित है।
मठ के 550 वर्ष पूरे होने पर 27 नवंबर से 7 दिसंबर तक विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें प्रतिदिन 7,000 से 10,000 लोगों के आने की उम्मीद है।
Glad to be in Udupi, a place associated with devotion, learning and tradition. The welcome I’ve received in Udupi will always be etched in my memory. Grateful to the people. pic.twitter.com/8cMzI9VenP
— Narendra Modi (@narendramodi) November 28, 2025
कर्नाटक में पीएम मोदी का कार्यक्रम
इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री मोदी कर्नाटक के उडुपी में थे, जहां उन्होंने श्री कृष्ण मठ में पूजा-अर्चना की।
उन्होंने वहां सुवर्ण तीर्थ मंडप का उद्घाटन किया और सोने का कलश चढ़ाया।
इसके बाद, पीएम मोदी ने लगभग एक लाख लोगों के साथ मिलकर श्रीमद्भगवद गीता का सामूहिक पाठ किया।
उडुपी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने गीता के उपदेशों का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा नीति पर महत्वपूर्ण बातें कहीं।
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उन्होंने कहा, “भगवत गीता हमें सिखाती है कि शांति और सच्चाई को वापस लाने के लिए अत्याचारी का अंत करना जरूरी है। यही नेशनल सिक्योरिटी पॉलिसी का सार है।” उन्होंने आगे कहा कि पहले की सरकारें आतंकी हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई नहीं करती थीं, लेकिन “यह नया भारत है, जो शांति स्थापित करना जानता है और उसकी रक्षा भी करता है।”


