Jhooth Ki Goonj Poster Indore: मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के शनिवार शाम को होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है।
राहुल गांधी के इस कार्यक्रम से पहले शहर की सड़कों और चौराहों पर अज्ञात लोगों द्वारा ‘झूठ की गूंज’ लिखे 100 से ज्यादा पोस्टर और होर्डिंग लगा दिए गए।
इसके बाद इंदौर का माहौल पूरी तरह से गर्मा गया है।

रातभर में लगे विवादित पोस्टर, सुबह हटाने पहुंचे कांग्रेसी
शुक्रवार देर रात शहर के किला मैदान, महेश गार्डन गाइडलाइन समेत कई प्रमुख इलाकों में ‘झूठ की गूंज पर होगी सत्य की विजय’ लिखे पोस्टर रातों-रात लगा दिए गए।
इन पोस्टरों में राहुल गांधी द्वारा अपने पिछले दौरों और कार्यक्रमों में दिए गए बयानों व दावों पर सीधे सवाल उठाए गए थे।
शनिवार सुबह जैसे ही कांग्रेसियों को इन पोस्टरों की भनक लगी, पार्टी में हड़कंप मच गया।
कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और खुद होर्डिंग उतारने लगे।

यह पोस्टर किसने और किस संगठन के जरिए लगवाए हैं, इसका कोई स्पष्ट नाम पोस्टरों पर अंकित नहीं है और न ही किसी राजनीतिक दल ने सार्वजनिक तौर पर इसकी जिम्मेदारी ली है।
कांग्रेस का आरोप: भाजपा और प्रशासन खड़े कर रहे हैं अड़ंगे
शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी के युवाओं से संवाद कार्यक्रम की सफलता से घबराकर भाजपा के लोगों ने यह गंदी राजनीति की है।
उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में हर पार्टी को अपनी बात जनता के बीच रखने का अधिकार है। पहले प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और आईडीए (इंदौर विकास प्राधिकरण) के जरिए हमारे कार्यक्रम में अड़चनें डाली गईं और अब इस तरह के पोस्टर लगाकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।”

वहीं, पोस्टर उतारने पहुंचे पार्षद राजू भदौरिया ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर ये होर्डिंग्स बिना अनुमति अवैध रूप से लगाए गए थे, तो नगर निगम के अमले ने इन्हें रात में ही कार्रवाई करके क्यों नहीं हटाया?
स्थल की अनुमति और किराए से लेकर शर्तों तक बढ़ा विवाद
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की जगह को लेकर शुरुआत से ही काफी खींचतान चल रही है।
कांग्रेस पहले इस आयोजन को इंदौर के प्रसिद्ध नेहरू स्टेडियम में करना चाहती थी, लेकिन वहां अनुमति न मिलने के कारण तारीख बदलकर 19 सितंबर की गई और जगह बदलकर रीजनल पार्क के सामने स्थित आईडीए (IDA) की जमीन तय की गई।

आईडीए ने 12 हजार वर्गमीटर जमीन 3 दिन के लिए 5 शर्तों के साथ लगभग 10 लाख 8 हजार रुपये में आवंटित की थी।
बाद में जमीन के अतिरिक्त इस्तेमाल के नाम पर 4.03 लाख रुपये और मांगे गए, जिसे कांग्रेस ने जमा कर दिया।
इसके अलावा, इंदौर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए आयोजकों के सामने 31 सख्त शर्तें रखी हैं।


इनमें आने वाले छात्रों की संख्या, पुरुष-महिला का विवरण, बसों की पार्किंग और 1500 स्वयंसेवकों (500 महिलाओं सहित) की तैनाती की शर्त शामिल है।
शर्तों में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की हत्या के बाद बनी वर्मा कमेटी की रिपोर्ट का हवाला दिए जाने पर भी कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है।

शाम 5.30 बजे युवाओं से रूबरू होंगे राहुल गांधी
तमाम प्रशासनिक अड़चनों और सियासी खींचतान के बावजूद कांग्रेस का दावा है कि कार्यक्रम अपने तय समय पर ही होगा।
राहुल गांधी शनिवार शाम करीब 5:30 बजे रीजनल पार्क के सामने बने मैदान में हजारों विद्यार्थियों से सीधा संवाद करेंगे।
यह कार्यक्रम मुख्य रूप से शिक्षा प्रणाली, पेपर लीक, महंगे शिक्षण शुल्क और बेरोजगारी जैसे युवाओं से सीधे जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहेगा।
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