Homeन्यूजसागर जहरीली शराब कांड: ₹20 की छूट के चक्कर में गई 15...

सागर जहरीली शराब कांड: ₹20 की छूट के चक्कर में गई 15 की जान, 109 लोग अस्पताल में भर्ती; अब तक 10 गिरफ्तार

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Sagar spurious alcohol deaths: मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है।

यहां नकली और जहरीली शराब पीने के कारण 15 लोगों की जान चली गई है, जबकि 109 से ज्यादा लोग इस वक्त जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।

इस दुखद हादसे के सामने आते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है

मामले की गंभीरता को देखते हुए 25 से ज्यादा नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है और 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

यह पूरा मामला सिर्फ लापरवाही का नहीं, बल्कि इंसानी जिंदगियों से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करता है।

आइए, जानते हैं कि सागर में आखिर क्या हुआ, पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है और मरीजों की मौजूदा स्थिति क्या है।

₹20 की छूट और मौतों का मंजर

घटना की शुरुआत बंडा थाने के अंतर्गत आने वाले गांवों से हुई।

दर्ज एफआईआर के मुताबिक, 4 सितंबर को अनूप सिंह लोधी नाम के व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि उसके गांव में करीब 8 लोग अवैध रूप से शराब बेचने का काम करते हैं।

अनूप के भतीजे राजेंद्र लोधी ने गांव के ही जुझार लोधी की दुकान से 70 रुपये में देशी शराब का एक क्वार्टर खरीदा था।

जब राजेंद्र ने शराब खरीदी, तो उसने दुकानदार से शंका जाहिर करते हुए पूछा था कि “यह नकली या जहरीली शराब तो नहीं है?”

इस पर दुकानदार जुझार ने उसे भरोसा दिलाया कि यह वही जाना-माना ब्रांड है और इसमें कोई खतरा नहीं है।

उसने बताया कि लाइसेंसी शराब ठेकेदारों और उनके सहयोगियों ने इसे एक खास फॉर्मूले से तैयार किया है, जिसकी वजह से यह बाजार की सामान्य दुकान से 20 रुपये सस्ती मिल रही है।

सस्ते दाम के लालच में राजेंद्र ने वह शराब पी ली।

रात को घर लौटने के बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।

उसे पहले स्थानीय बंडा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर सागर रेफर कर दिया गया।  इलाज के दौरान राजेंद्र की मौत हो गई।

राजेंद्र के अलावा करतार सिंह लोधी, दिग्विजय सिंह लोधी समेत कुल 15 लोगों ने इस जहरीली शराब के सेवन से अपनी जान गंवा दी।

अस्पताल में 109 मरीज भर्ती, एक को एयरलिफ्ट किया गया

सागर की कलेक्टर प्रतिभा पाल के अनुसार, इस घटना से प्रभावित कुल 109 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है:

* बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC): 85 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 12 मरीजों की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें आईसीयू (ICU) में रखा गया है।

 * जिला अस्पताल: 17 मरीजों का इलाज चल रहा है।

 * बंडा सिविल अस्पताल: 7 मरीज उपचाररत हैं।

* एम्स भोपाल: एक मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर होने पर उसे एयरलिफ्ट करके भोपाल एम्स भेजा गया है।

प्रशासन का कहना है कि ज्यादातर मरीजों की स्थिति अब स्थिर है।

सभी अस्पतालों में जरूरी दवाएं, जांच और डायलिसिस की सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर मुहैया कराई जा रही हैं।

पुलिस की सख्त कार्रवाई: 10 गिरफ्तार, ठेकेदार भी आरोपी

सागर के एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि पुलिस ने बंडा और विनायका थानों में 25 से अधिक नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

एफआईआर में जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी, मनोहर लोधी, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रोहित, माखन, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक, और राजा सिंह जैसे कई नाम शामिल हैं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस नेटवर्क में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों के नाम भी सामने आए हैं।

लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा और यशवंत ठाकुर को भी आरोपी बनाया गया है।

पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

उनसे पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि जहरीली शराब का मुख्य जरिया क्या था, यह कहां बनाई जा रही थी और इसे गांवों तक सप्लाई करने में कौन-कौन शामिल था।

फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

शराब में मिला था जानलेवा मेथेनॉल (Methanol)

शुरुआती जांच और सैंपल रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि सप्लाई की गई शराब में मेथेनॉल (Methanol) की मिलावट की गई थी।

मेथेनॉल एक बेहद जहरीला केमिकल होता है, जिसका इस्तेमाल शराब पीने के लिए नहीं, बल्कि पेंट, सॉल्वेंट, ईंधन और औद्योगिक केमिकल बनाने में किया जाता है।

जब इसे शराब में मिलाया जाता है, तो यह शरीर के अंदर जाकर जहर बन जाता है।

इससे इंसान की आंखें हमेशा के लिए खराब हो सकती हैं, किडनी और लिवर फेल हो सकते हैं और सही समय पर इलाज न मिले तो इंसान की तुरंत मौत हो जाती है।

अवैध शराब बनाने के आरोप

क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि नौराज ग्राम पंचायत के ततरवारा गांव में काफी लंबे समय से अवैध शराब बनाने का काला कारोबार चल रहा था।

ग्रामीणों के अनुसार, वहां से आसपास के कई गांवों में शराब की सप्लाई की जाती थी और इसमें कुछ प्रभावशाली लोगों का हाथ था।

हालांकि, पुलिस इस दावे की बारीकी से जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

#SagarLiquorTragedy #MPNews #SagarNews #IllegalLiquor #PoliceAction #BreakingNewsHindi #MadhyaPradesh

- Advertisement -spot_img