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कांवड़ियों पर मौलाना रशीदी के विवादित बोल पर भड़के टी राजा: बोले- “10 बार सोचकर बोलो, ज्ञान देना है तो मदरसों में दो”

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

T Raja Singh on Kanwar Yatra controversy: ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी द्वारा कांवड़ियों पर दिए गए विवादित बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है।

तेलंगाना के फायरब्रांड विधायक टी राजा सिंह ने इस बयान पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है।

बागेश्वर धाम पहुंचकर कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से आशीर्वाद लेने के बाद टी राजा ने मौलाना रशीदी को आड़े हाथों लिया और उन्हें ‘अनपढ़’ करार दिया।

कांवड़ियों पर बोलने से पहले 10 बार सोचें”

टी राजा ने सीधे तौर पर मौलाना साजिद रशीदी को चेताते हुए कहा कि कांवड़ियों या शिवभक्तों पर कोई भी टिप्पणी करने से पहले उन्हें 10 बार सोचना चाहिए।

रशीदी को नसीहत देते हुए टी राजा ने कहा कि अगर ज्ञान ही बांटना है तो उन लोगों को दें जो मदरसों से निकलकर आतंकवादी बनते हैं और बम फोड़ते हैं।

उन्होंने तीखे सवाल पूछते हुए कहा, “तुमने कांवड़ियों के लिए किन शब्दों का इस्तेमाल किया है? क्या हमारे कांवड़ी गंजेड़ी, शराबी या आतंकवादी हैं? क्या वे बसों और आम जनता पर हमले करते हैं? इस तरह की घटिया और भद्दी टिप्पणी करने की क्या जरूरत थी?”

टी राजा ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि ऐसे नफरत फैलाने वाले लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए और उनके खिलाफ बुलडोजर चलाया जाना चाहिए।

क्या था मौलाना साजिद रशीदी का विवादित बयान?

दरअसल, 6 अगस्त को मौलाना साजिद रशीदी ने कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ जगहों पर हुई घटनाओं को लेकर एक बयान दिया था।

उन्होंने कांवड़ यात्रा में शामिल कुछ लोगों की तुलना ‘आतंकवादियों’, ‘नशेड़ियों’ और ‘भेंगेड़ियों’ से कर दी थी।

रशीदी का दावा था कि सड़कों पर हुड़दंग मचाने, तोड़फोड़ करने और पुलिस प्रशासन पर हमला करने वाले लोग शिवभक्त नहीं बल्कि दहशतगर्द हैं।

रशीदी के इस बयान के बाद हिंदू संगठनों और सनातन धर्म के अनुयायियों में भारी गुस्सा देखने को मिला।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित सिविल लाइंस थाने में हिंदू संघर्ष समिति की शिकायत के आधार पर साजिद रशीदी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।

सपा और अखिलेश यादव पर बोला हमला

टी राजा यहीं नहीं रुके, उन्होंने इस पूरे मुद्दे पर समाजवादी पार्टी (सपा) की चुप्पी पर भी गंभीर सवाल उठाए।

सपा के इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मुलायम सिंह यादव का नाम लिया और सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला।

टी राजा ने कहा कि सपा की सोच हमेशा से सनातन विरोधी रही है। उनका मकसद सिर्फ उन लोगों को पीछे के दरवाजे से समर्थन देना है जो सनातन धर्म के खिलाफ बोलते हैं, ताकि उत्तर प्रदेश का माहौल खराब किया जा सके।

उन्होंने कहा कि जो लोग सनातन पर उंगली उठाने वालों के खिलाफ एक शब्द नहीं बोलते, उनका धर्म और संस्कृति से कोई लेना-देना नहीं है।

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