Kharge on SIR Notice: दिल्ली में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) अभियान के तहत कई हाई-प्रोफाइल नेताओं को नोटिस थमाए गए हैं।
इस प्रक्रिया के दौरान पाई गई गड़बड़ियों की वजह से पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और खुद चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू जैसे प्रमुख नामों को नोटिस जारी हुए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद देश की राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है।

मल्लिकार्जुन खड़गे का तंज: ‘SIR बना फ्रेंकेंस्टीन मॉन्स्टर’
सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लिखा कि SIR केवल लोकतंत्र को खत्म करने और वोट चोरी का जरिया नहीं है, बल्कि यह अब एक ‘फ्रेंकेंस्टीन मॉन्स्टर’ (एक काल्पनिक राक्षस जो अपने ही बनाने वाले को नुकसान पहुंचाता है) बन चुका है।
खड़गे का कहना था कि जिस व्यवस्था को दूसरों के खिलाफ इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही थी, अब वही व्यवस्था खुद भाजपा के नेताओं को अपने चंगुल में फंसा रही है।


किन-किन बड़े चेहरों को मिला नोटिस और क्यों?
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में एन्यूमरेशन फॉर्म की जानकारी में कमियों या पुरानी लिस्ट से डेटा मैच न होने के कारण करीब 33.13 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं। इनमें कई नाम बेहद चर्चित हैं:
* लालकृष्ण आडवाणी और परिवार:
98 वर्षीय भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, उनकी बेटी प्रतिभा और बहू गीतिका के नाम 2002 की SIR मतदाता सूची से मैच नहीं हो पाए हैं।
हालांकि उनके बेटे जयंत की मैपिंग पूरी हो चुकी है। यह परिवार नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र का वोटर है।

* विदेश मंत्री एस. जयशंकर:
नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के सुनहरी बाग में रहने वाले विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनकी पत्नी क्योको जयशंकर को भी ‘पिछली SIR से डेटा मैच न होने’ के कारण नोटिस जारी किया गया है।

* पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़:
जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी सुदेश के वोटर रिकॉर्ड में उपराष्ट्रपति आवास का पता दर्ज है, जिसकी वजह से उन्हें भी नोटिस मिला है।

* चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू:
दिल्ली कैंट विधानसभा क्षेत्र के वोटर चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू को उनके नाम में अंतर (स्पेलिंग/फॉर्मेट) होने और उनके बेटे दमनबीर को माता-पिता के नाम में अंतर होने की वजह से नोटिस दिया गया है।
* अन्य प्रमुख हस्तियां:
विदेश सचिव विक्रम मिस्री, पूर्व दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, राज्यसभा सांसद कपिल सिबल और भाजपा नेता सुधांशु मित्तल को भी नोटिस भेजा गया है।
नोटिस मिलने पर वीरेंद्र सचदेवा ने सफाई दी कि उनके, उनकी पत्नी और भाई के नाम में छोटी-मोटी गड़बड़ी है, जिसे वे जरूरी दस्तावेज जमा करके जल्द ही ठीक करवा लेंगे।

क्या है SIR का तीसरा फेज?
चुनाव आयोग ने 14 मई को देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे चरण की शुरुआत की थी।
इस चरण में दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और उत्तराखंड जैसे राज्य शामिल हैं।
यह पूरा वेरिफिकेशन अभियान 30 मई से शुरू होकर 23 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें देश भर के करीब 36.73 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच और मैपिंग की जा रही है।
जिन राज्यों में यह प्रक्रिया चल रही है, उनमें से पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, जबकि बाकी राज्यों में 2028 और 2029 में चुनाव प्रस्तावित हैं।
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