CM Vijay on Karur Stampede: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय ने करूर में हुए दर्दनाक भगदड़ हादसे पर पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है।
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय पहली बार करूर के एटलस ग्राउंड पहुंचे, जहां उन्होंने उस भयानक हादसे में जान गंवाने वाले 41 लोगों के परिवारों से मुलाकात की।
इस दौरान सीएम विजय काफी भावुक नजर आए। उन्होंने पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी और अनुकंपा के आधार पर उन्हें सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे।

‘करूर की घटना मेरे जीवन का सबसे बड़ा दर्द’
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विजय का दर्द छलक पड़ा।
उन्होंने भावुक मन से कहा, “साल 2025 में करूर में जो कुछ भी हुआ, वह मेरे जीवन का सबसे असहनीय और बड़ा दर्द है। मैं उस घटना को कभी नहीं भूल सकता।”
विजय ने बताया कि जब भी टीवी पर उनकी तस्वीर आती थी, तो छोटे-छोटे बच्चे मुस्कुराकर उन्हें ‘विजय अंकल’ कहकर पुकारते थे।
उन्होंने भारी मन से कहा कि हमने उन मासूम बच्चों को खो दिया, जो भगवान का रूप थे। यह नुकसान किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि उनका खुद का एक बेहद निजी और गहरा नुकसान है।

पुलिस प्रशासन और DMK सरकार पर तीखा हमला
भाषण के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने तत्कालीन DMK सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया।
उन्होंने भीड़ को संभालने में पुलिस की नाकामी पर 5 गंभीर सवाल उठाए।
विजय ने पूछा, “इस पूरे हादसे का जिम्मेदार कौन है? सुरक्षा का आदेश किसने दिया था? क्या इतनी बड़ी भीड़ को संभालने के लिए वहां पर्याप्त पुलिस बल तैनात था?”
सीएम ने आरोप लगाया कि उनका ‘पीपुल्स मीट’ कार्यक्रम जनता की समस्याओं को करीब से जानने के लिए था।

जब वे पेराम्बलूर में थे, तब वहां की पुलिस ने भीड़ का हवाला देकर कार्यक्रम रद्द करने की सलाह दी थी, जिसे उन्होंने माना भी था।
लेकिन करूर में इतनी भारी भीड़ होने के बावजूद वहां की पुलिस ने उन्हें कोई अलर्ट या चेतावनी नहीं दी।
नामक्कल की सभा के बाद जब उनका काफिला करूर आ रहा था, तब पुलिस उन्हें रोक सकती थी या कार्यक्रम रद्द कर सकती थी, क्योंकि उनके पास इसका पूरा अधिकार था।
लेकिन पुलिस खुद उन्हें कार्यक्रम स्थल तक लेकर गई।
विजय ने कहा, “मैंने पुलिस पर पूरा भरोसा किया था, लेकिन उन्होंने लापरवाही बरती। इसके बावजूद तत्कालीन DMK सरकार ने 41 मौतों का जिम्मेदार मुझे ठहराने की कोशिश की, जो सरासर गलत था।”

क्या था पूरा मामला?
आपको बता दें कि पिछले साल 27 सितंबर 2025 को करूर में TVK की पहली चुनावी रैली आयोजित की गई थी।
इस रैली में सुपरस्टार विजय को देखने के लिए उम्मीद से कहीं ज्यादा भीड़ उमड़ पड़ी थी।
कुप्रबंधन और भारी भीड़ के कारण वहां अचानक भगदड़ मच गई, जिसमें 41 लोगों की असमय मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

इस हादसे के बाद काफी राजनीतिक घमासान हुआ था।
हालांकि, इसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार बनाई।
मृतकों की याद में बनेगा स्मारक
मुख्यमंत्री विजय ने एलान किया कि करूर हादसे में मारे गए लोगों की याद में TVK की तरफ से एक भव्य स्मारक (मेमोरियल) बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह स्मारक इसलिए जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ियां इस दर्द को याद रखें और भविष्य में कोई भी राजनीतिक दल ऐसी त्रासदियों पर अपनी राजनीतिक रोटियां न सेक सके।

उन्होंने जनता से अपील की कि वे आगामी चुनावों में भ्रष्टाचार और बदले की भावना से काम करने वाली DMK को करारा जवाब दें।

कोर्ट का आदेश और सुरक्षा में चूक
इस कार्यक्रम से ठीक पहले मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को पीड़ितों को सरकारी नौकरी देने की मंजूरी दे दी थी।
हालांकि, कोर्ट ने साफ किया कि ये नियुक्तियां अभी अस्थायी होंगी और सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले के अंतिम फैसले के अधीन रहेंगी।

वहीं, करूर दौरे के दौरान सीएम विजय की सुरक्षा में एक बड़ी चूक भी देखने को मिली, जब एक उत्साही युवक बैरिकेड तोड़कर सीधे उनके काफिले की तरफ दौड़ पड़ा। हालांकि, मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत दबोच लिया।
इसके बाद भी विजय का क्रेज कम नहीं हुआ और सड़कों पर खड़े हजारों समर्थकों ने उन पर फूलों की बारिश कर उनका स्वागत किया।
#CMVijay #KarurStampede #TVKParty #TamilNaduNews #VijaySpeech #DMKvsTVK
