Tej Pratap Yadav FIR: बिहार के पूर्व मंत्री और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव एक बार फिर कानूनी और पारिवारिक विवादों के घेरे में आ गए हैं।
इस बार मामला बेहद गंभीर है क्योंकि इसमें जबरन घर में घुसने, धमकी देने और कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर डराने के आरोप लगे हैं।
तेजप्रताप यादव की कथित गर्लफ्रेंड अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने उनके खिलाफ पटना के पाटलिपुत्र थाने में FIR दर्ज कराई है।
आकाश का आरोप है कि तेजप्रताप यादव ने उन्हें और उनके परिवार को धमकी दी है। तेजप्रताप का कहना है कि अगर उन्हें अनुष्का की बेटी (उज्जैनी) से मिलने से रोका गया, तो वे बच्ची का अपहरण करवा लेंगे।

दूसरी तरफ, तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर अपनी सफाई पेश करते हुए इन सभी आरोपों को मनगढ़ंत और अपनी राजनीतिक व सामाजिक छवि को खराब करने की एक गहरी साजिश बताया है।

भाई आकाश यादव के गंभीर आरोप: क्या हुआ था 6 जून को?
अनुष्का यादव के भाई आकाश ने पुलिस और अदालत के सामने जो कहानी रखी है, वह काफी चौंकाने वाली है।
आकाश के अनुसार, यह पूरी घटना 6 जून की है जब वे खुद खाटूश्याम (धार्मिक यात्रा पर) गए हुए थे।
उनकी अनुपस्थिति में पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव अपने एक करीबी साथी मोतीलाल यादव के साथ पटना के पाटलिपुत्र इलाके में स्थित आकाश के घर पहुंचे।

आरोप है कि दोनों ने जबरन घर के भीतर घुसने की कोशिश की और वहां मौजूद परिवार के सदस्यों के साथ बदतमीजी की और उन्हें डराया-धमकाया।
इस घटना के बाद मामला यहीं शांत नहीं हुआ। आकाश का दावा है कि मोतीलाल यादव ने उन्हें फोन कर धमकी दी कि जो कुछ भी 6 जून को हुआ है, उसे पूरी तरह से गुप्त रखा जाए। अगर किसी को कुछ बताया, तो वे उनकी ‘औकात’ दिखा देंगे।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग और विदेशी नंबर से धमकी का एंगल
आकाश यादव ने अपनी शिकायत में एक और बेहद डराने वाला दावा किया है।
उन्होंने बताया कि मोतीलाल के फोन के कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर एक और कॉल आया।
फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम ‘मोहित’ बताया और कहा कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग का आदमी है।
उसने सीधे शब्दों में चेतावनी दी कि तेजप्रताप यादव के खिलाफ कुछ भी बोलने या करने से पहले अपने अंजाम के बारे में सोच लेना।

आकाश का यह भी आरोप है कि जब मोतीलाल फोन पर बात कर रहा था, तब बीच में तेजप्रताप यादव ने भी फोन लिया था।
तेजप्रताप ने अपनी राजनीतिक ताकत का रौब दिखाते हुए कहा था कि वे जो चाहें कर लें, पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती और उनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं होगी।

थाने से कोर्ट तक का चक्कर
आकाश यादव का कहना है कि इस घटना से डरकर उन्होंने 10 जून को ही पाटलिपुत्र थाने में लिखित शिकायत दी थी।
लेकिन रसूखदार मामला होने के कारण पुलिस ने शुरुआत में एफआईआर दर्ज नहीं की।
हार मानकर आकाश ने 17 जून को पटना व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) का दरवाजा खटखटाया और वहां केस दायर कर दिया।
अदालत में मामला पहुंचते ही पुलिस भी हरकत में आ गई। पटना की एएसपी दिव्यांजलि जायसवाल ने पुष्टि की है कि पाटलिपुत्र थाने में इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस को सौंपी गई शिकायत में अमेरिका (USA) के एक वर्चुअल नंबर से धमकी भरा फोन आने की बात भी कही गई है।
आकाश ने सबूत के तौर पर कोर्ट को फोन कॉल्स की रिकॉर्डिंग और वॉइस नोट्स सौंपे हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
क्या है तेजप्रताप और अनुष्का की पूरी कहानी?
इस पूरे विवाद की जड़ें आज की नहीं हैं, बल्कि इसकी शुरुआत पिछले साल मई महीने में हुई थी।
आइए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि यह पूरा मामला सोशल मीडिया से शुरू होकर पुलिस थाने तक कैसे पहुंचा:
1. फेसबुक पोस्ट और 12 साल के रिश्ते का दावा
24 मई 2025 को तेजप्रताप यादव के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से कुछ तस्वीरें शेयर की गईं।
इन तस्वीरों में वे अनुष्का यादव नाम की महिला के साथ दिख रहे थे।
पोस्ट के कैप्शन में लिखा था कि वे दोनों पिछले 12 सालों से एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में हैं।

इस पोस्ट ने बिहार की राजनीति और सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। हालांकि, कुछ ही मिनटों बाद इस पोस्ट को डिलीट कर दिया गया।
बाद में तेजप्रताप ने सफाई दी कि उनका फेसबुक अकाउंट हैक हो गया था और विरोधियों ने उनकी तस्वीरों को एडिट करके (छेड़छाड़ करके) पोस्ट किया था।
लेकिन तब तक देर हो चुकी थी, इंटरनेट पर दोनों की कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गए, जिनमें शादी और करवा चौथ मनाने जैसे दावे किए जा रहे थे।

2. बच्ची का जन्म और जीतनराम मांझी की बधाई
विवाद ने तब और बड़ा रूप ले लिया जब 5 फरवरी 2026 को अनुष्का यादव ने एक बेटी को जन्म दिया।
इसके ठीक तीन दिन बाद, यानी 8 फरवरी को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने अपने X अकाउंट पर तेजप्रताप यादव को बेटी का पिता बनने की बधाई दे डाली।

हालांकि, मांझी ने भी बाद में अपनी पोस्ट डिलीट कर दी, लेकिन इस पोस्ट ने बाजार में चल रही चर्चाओं को हवा दे दी कि इस बच्ची के पिता कोई और नहीं बल्कि तेजप्रताप ही हैं।
3. तेजप्रताप की प्रेस कॉन्फ्रेंस और ‘जयचंदों’ पर आरोप
जैसे ही यह बात मीडिया में फैली, तेजप्रताप यादव ने उसी रात करीब 8:30 बजे एक आनन-फानन में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई।
उन्होंने बेहद गुस्से में अनुष्का की बेटी का पिता होने से साफ इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, “मेरा अनुष्का से कोई लेना-देना नहीं है। यह बच्ची आकाश भाटी की है।”

तेजप्रताप ने अपनी ही पार्टी और परिवार के कुछ लोगों पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘जयचंद’ (गद्दार) करार दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुकेश रौशन, संजय यादव, रमीज, शक्ति सिंह और सुनील सिंह जैसे लोगों ने मिलकर उन्हें राबड़ी आवास (उनकी मां के घर) से निकलवाया और अब उनकी संपत्ति और लोकप्रियता को देखकर उन्हें झूठे मामलों में फंसा रहे हैं।
तेजप्रताप ने भावुक होते हुए यह भी कहा था कि इन लोगों ने उन्हें इतना प्रताड़ित और डिप्रेशन में डाल दिया है कि उनके मन में फांसी लगाने तक का ख्याल आने लगा था।

अब आगे क्या?
तेजप्रताप यादव का कहना है कि उनके पिता लालू प्रसाद यादव की तरह ही उन्हें भी राजनीतिक साजिश के तहत झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है।
उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने और अपनी छवि खराब करने वालों के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही है।
फिलहाल, पटना पुलिस और अदालत दोनों इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। आकाश यादव द्वारा सौंपे गए ऑडियो क्लिप्स और अमेरिकी नंबर की कॉल डिटेल्स इस केस में सबसे अहम सबूत हैं।
अब देखना यह होगा कि जांच एजेंसियां इस मामले में क्या मोड़ लेती हैं और तेजप्रताप यादव इन गंभीर आरोपों से खुद को कैसे बचा पाते हैं।

