Homeन्यूजNEET Re-Exam से पहले टेलीग्राम पर बैन: हाई कोर्ट पहुंची कंपनी, CEO...

NEET Re-Exam से पहले टेलीग्राम पर बैन: हाई कोर्ट पहुंची कंपनी, CEO बोले- ‘चोरों की बजाय 15 करोड़ यूजर्स को क्यों मिल रही है सजा?’

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Telegram Ban India 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (UG) 2026 की दोबारा होने वाली परीक्षा (Re-Exam) से ठीक पहले एक बड़ा डिजिटल घमासान शुरू हो गया है।

भारत सरकार ने पेपर लीक और ऑनलाइन ठगी को रोकने के लिए मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर 22 जून 2026 तक अस्थायी प्रतिबंध (Temporary Ban) लगा दिया है।

सरकार के इस अचानक आए फैसले के खिलाफ टेलीग्राम कंपनी तुरंत दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गई है।

हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच इस मामले पर आज ही तुरंत सुनवाई करने के लिए तैयार हो गई है।

आखिर सरकार ने क्यों लगाया टेलीग्राम पर बैन?

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सिफारिश पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने यह सख्त कदम उठाया है।

दरअसल, 21 जून को होने वाली नीट की दोबारा परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।

जांच में सामने आया था कि फर्जी पेपर लीक करने और छात्रों को ठगने वाले गिरोह टेलीग्राम का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं।

टेलीग्राम पर बड़े-बड़े ग्रुप बनाने की सुविधा, प्राइवेसी (सीक्रेसी) और भारी-भरकम फाइलें शेयर करने के फीचर्स मौजूद हैं।

ठग इन्हीं फीचर्स का फायदा उठाकर छात्रों को जाल में फंसाते हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने आईटी कानून के तहत टेलीग्राम को 22 जून तक पूरी तरह बैन कर दिया है।

इसके साथ ही, ऐप के ‘मैसेज एडिटिंग’ फीचर को भी 30 जून 2026 तक बंद रखने का आदेश दिया गया है, ताकि कोई पुराना मैसेज एडिट करके पेपर लीक का झूठा दावा न कर सके।

कोर्ट पहुंचा टेलीग्राम, दी ये दलीलें

सरकार के इस दोहरे आदेश (बैन और एडिटिंग फीचर बंद करने) को टेलीग्राम ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

टेलीग्राम की तरफ से वकील माधव खोसला ने जस्टिस तेजस करिया की अध्यक्षता वाली वेकेशन बेंच के सामने मामले को मेंशन किया और तुरंत सुनवाई की मांग की।

टेलीग्राम का कहना है कि भारत में उसके 15 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं।

सरकार के इस अचानक फैसले से उन करोड़ों आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिनका इस पेपर लीक या ठगी से कोई लेना-देना नहीं है।

टेलीग्राम के सीईओ पावेल दुरोव का फूटा गुस्सा

इस पूरे विवाद पर टेलीग्राम के फाउंडर और सीईओ पावेल दुरोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने सरकार के इस कदम को पूरी तरह गलत बताया।

पावेल दुरोव ने लिखा: “भारत सरकार ने टेलीग्राम को एक हफ्ते के लिए सिर्फ इसलिए बैन कर दिया क्योंकि कुछ यूजर्स ने इस पर लीक हुए एग्जाम पेपर शेयर किए थे। यह उन इनसाइडर्स (विभाग के लोगों) को सजा देने के बजाय, जिन्होंने वास्तव में पेपर लीक किया, 15 करोड़ से ज्यादा बेकसूर टेलीग्राम यूजर्स को सजा देने जैसा है। इस बैन से कुछ नहीं बदला है, लोग अब दूसरी ऐप्स के जरिए पेपर लीक और फ्रॉड कर रहे हैं।”

दुरोव ने आगे बताया कि टेलीग्राम खुद ऐसे फ्रॉड रोकने के लिए लगातार काम कर रहा है।

पिछले कुछ हफ्तों में कंपनी ने नीट परीक्षा से जुड़े फर्जी मैटेरियल और स्कैम फैलाने वाले सैकड़ों चैनल्स को डिलीट किया है।

इसके अलावा, बैकडेटिंग (पुरानी तारीख में मैसेज बदलने) के स्कैम को रोकने के लिए ऐप पर ‘Edited’ लेबल को और ज्यादा साफ दिखाने की तैयारी की जा रही है।

अब सबकी नजरें दिल्ली हाई कोर्ट पर टिकी हैं कि क्या कोर्ट टेलीग्राम को राहत देता है या नीट परीक्षा पूरी होने तक यह बैन जारी रहेगा।

- Advertisement -spot_img