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सिंहस्थ 2028 की महा-तैयारी: उज्जैन के 100 चौराहे होंगे हाईटेक, CCTV से होगी ट्रैफिक की लाइव मॉनिटरिंग

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Ujjain Simhastha 2028: उज्जैन के सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की भव्यता और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धार्मिक नगरी उज्जैन को पूरी तरह से बदलने की तैयारी शुरू हो चुकी है।

सिंहस्थ के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं को शहर में आने-जाने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए उज्जैन प्रशासन ने कमर कस ली है।

इसी सिलसिले में शहर के यातायात और भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए एक बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया गया है।

इस प्लान के तहत उज्जैन के 100 प्रमुख चौराहों का कायाकल्प किया जाएगा और उन्हें आधुनिक (हाईटेक) तकनीक से लैस किया जाएगा।

लेफ्ट टर्न और यू-टर्न पर रहेगा खास फोकस

उज्जैन के कलेक्टर रौशन सिंह ने इस महायोजना की जानकारी देते हुए बताया कि सिंहस्थ महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए सड़कों के चौड़ीकरण के साथ-साथ चौराहों के नए सिरे से विकास पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।

प्रशासन ने शहर के 100 से ज्यादा ऐसे चौराहों की पहचान की है, जिन्हें आधुनिक डिजाइन के हिसाब से दोबारा बनाया जाएगा।

इन चौराहों की बनावट इस तरह की होगी कि वहां से गुजरने वाले वाहनों को मुड़ने में परेशानी न हो।

हर चौराहे पर ‘लेफ्ट टर्न’ (बाएं मुड़ने का रास्ता) और ‘यू-टर्न’ को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि गाड़ियां बिना रुके आसानी से निकल सकें और कहीं भी जाम की स्थिति न बने।

सड़कें होंगी चौड़ी, फिर सजेंगे चौराहे

कलेक्टर ने बताया कि फिलहाल शहर की मुख्य और व्यस्त सड़कों को फोर-लेन (चार लेन) और सिक्स-लेन (छह लेन) में बदलने का काम तेजी से चल रहा है।

शहर के अंदर की लगभग 60 से ज्यादा सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है।

जैसे ही इन सड़कों के निर्माण का काम पूरा हो जाएगा, वैसे ही बारी-बारी से सभी चिन्हित चौराहों को संवारने और उन्हें हाईटेक बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।

इसके लिए बकायदा डिजाइन और ब्लूप्रिंट भी तैयार कर लिया गया है।

तीसरी आंख (कैमरों) का रहेगा पहरा, कंट्रोल रूम से होगी नजर

इन चौराहों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि ये पूरी तरह स्मार्ट तकनीक से जुड़े होंगे।

सभी 100 चौराहों पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरे और स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे।

इन सभी कैमरों का सीधा कनेक्शन (लाइव फीड) एक मुख्य सेंट्रल कंट्रोल रूम से होगा। इस कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारी पूरे शहर के ट्रैफिक को लाइव देख सकेंगे।

अगर किसी चौराहे पर अचानक भीड़ बढ़ती है या गाड़ियों की लंबी कतार लगती है, तो कंट्रोल रूम को तुरंत पता चल जाएगा और वहां फौरन ट्रैफिक पुलिस को भेजकर जाम खुलवाया जा सकेगा।

समय पर काम पूरा करने का लक्ष्य

प्रशासन का मानना है कि इस हाईटेक सिस्टम के लागू होने से न केवल आम दिनों का ट्रैफिक सुधरेगा, बल्कि सिंहस्थ 2028 के दौरान जब करोड़ों लोग एक साथ सड़कों पर होंगे, तब भी भीड़ को संभालना बेहद आसान हो जाएगा।

सरकार का लक्ष्य है कि सिंहस्थ मेला शुरू होने से काफी पहले इन सभी चौराहों और सड़कों का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए, ताकि महाकुंभ के दौरान बाबा महाकाल की नगरी आने वाले भक्तों को एक सुखद और सुरक्षित यात्रा का अहसास हो सके।

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