MP Weather Update 2026: आमतौर पर अप्रैल का महीना सूरज की तपिश और पसीने के लिए जाना जाता है, लेकिन साल 2026 की शुरुआत ने सबको हैरान कर दिया है।
देश की राजधानी दिल्ली में इस बार अप्रैल की शुरुआत में ऐसी ठंडक देखी गई, जिसने बीते 11 सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिया।
मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार 8 अप्रैल का दिन दिल्ली के लिए पिछले एक दशक से ज्यादा समय का सबसे ठंडा दिन रहा।
इससे पहले साल 2016 में ऐसा ही कुछ देखने को मिला था।
अब शुरू होगी तपिश
भले ही पिछले कुछ दिनों से आप सुहावने मौसम का आनंद ले रहे थे, लेकिन अब यह राहत खत्म होने वाली है।
मौसम विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले एक हफ्ते के भीतर तापमान में 9 से 10 डिग्री की भारी उछाल देखने को मिल सकती है।
यानी जो पारा अभी 28 डिग्री के आसपास है, वह बहुत जल्द 38 से 40 डिग्री के करीब पहुंच जाएगा।
भीषण गर्मी अब दस्तक देने को तैयार है।
MP में अब छूटेगा पसीना
मध्यप्रदेश में रहने वालों के लिए आने वाले दिन काफी चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं।
राज्य में मौसम का दोहरा रंग देखने को मिल रहा है।
एक तरफ जहां कुछ जिलों में आंधी और बारिश ने ठंडक घोली है, वहीं दूसरी ओर अब सूरज के तेवर तल्ख होने वाले हैं।
मौसम विभाग (IMD) की मानें तो 10 अप्रैल से प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा, जिससे दिन के तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस की भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
अगले 24 घंटों का हाल:
फिलहाल, राहत और आफत दोनों साथ-साथ चल रही हैं।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट में बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी का अलर्ट जारी किया है।
यहाँ हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किमी प्रति घंटा तक जा तक जा सकती है।
यह बदलाव मुख्य रूप से दोपहर के बाद देखने को मिलेगा।
क्यों बदल रहा है मौसम?
बुधवार को भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन समेत 15 जिलों में हुई बारिश ने तापमान को तो नीचे गिराया था, लेकिन अब यह राहत खत्म होने वाली है।
हालांकि 11 अप्रैल को एक नया ‘वेस्टर्न डिस्टरबेंस’ (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि मध्यप्रदेश पर इसका असर बेहद कम होगा।
इसका सीधा मतलब यह है कि बादलों की आवाजाही कम होगी और सीधी धूप लोगों को परेशान करेगी।
भोपाल में सबसे ज्यादा गर्मी:
राजधानी भोपाल में पारा तेजी से ऊपर चढ़ने की उम्मीद है।
आने वाले दिनों में गर्म हवाएं यानी ‘लू’ चलने के आसार हैं।
ऐसे में डॉक्टरों और मौसम वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें और खुद को हाइड्रेटेड रखें।
पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश का अलर्ट
एक तरफ मैदानों में सूरज आग उगलेगा, तो दूसरी तरफ पहाड़ों पर कुदरत का अलग ही रूप दिखेगा।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 9 से 11 अप्रैल के बीच हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है।
इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने के आसार हैं। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे पहाड़ी इलाकों की यात्रा करते समय मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत: बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी
देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है।
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
खासकर अरुणाचल प्रदेश में 9 और 12 अप्रैल को मूसलाधार बारिश हो सकती है।
वहीं, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओले गिरने की संभावना है।
बिहार में किसानों को ओलावृष्टि से सचेत रहने को कहा गया है क्योंकि इससे फसलों को नुकसान हो सकता है।
दक्षिण और मध्य भारत में तूफानी हवाएं
मध्य भारत के छत्तीसगढ़ और दक्षिण भारत के तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी मौसम स्थिर नहीं है।
छत्तीसगढ़ में आज (9 अप्रैल) 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और बारिश होने की उम्मीद है।
वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में आसमानी बिजली गिरने की घटनाओं के प्रति लोगों को आगाह किया गया है।
कुल मिलाकर, भारत इस समय ‘दोहरे मौसम’ की चपेट में है।
जहां एक ओर उत्तर और मध्य भारत भीषण गर्मी की ओर बढ़ रहा है, वहीं हिमालयी राज्य और पूर्वोत्तर भारत अभी भी बारिश और ठंडक की गिरफ्त में हैं।
आने वाले दिनों में गर्मी अपना असली रंग दिखाएगी, इसलिए जरूरी है कि आप लू और तेज धूप से बचने की तैयारी अभी से शुरू कर दें।
