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5 स्टार के दाम-काम लोकल: भोपाल मैरियट के किचन में मिले चूहे, फूड लाइसेंस सस्पेंड

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Courtyard Marriott License Suspended: अगर आप किसी बड़े 5-स्टार होटल में हजारों रुपए खर्च करके खाना खा रहे हैं, तो आप यही उम्मीद करेंगे कि वहां का खाना सबसे साफ और सुरक्षित होगा।

लेकिन भोपाल से जो खबर आई है, उसने सबको चौंका दिया है।

भोपाल के जाने-माने 5-स्टार होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट (Courtyard by Marriott) पर खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) ने अचानक छापा मारा।

इस औचक निरीक्षण में होटल के भीतर जो नजारा दिखा, उसने अफसरों के होश उड़ा दिए।

नतीजतन, विभाग ने तुरंत ऐक्शन लेते हुए होटल का फूड लाइसेंस सस्पेंड (निलंबित) कर दिया।

वेज-नॉनवेज एक साथ और बिना जांच की चीनी: मैरियट की 4 बड़ी लापरवाही

निरीक्षण टीम जब होटल के किचन और स्टोर रूम में पहुंची, तो वहां एक या दो नहीं, बल्कि कई गंभीर कमियां पाई गईं।

यह लापरवाही इतनी बड़ी थी कि इसे किसी भी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था:

1. किचन में दौड़ते मिले चूहे

होटल के किचन और उस जगह पर जहां राशन स्टोर किया जाता है, वहां चूहे दौड़ते हुए मिले।

हैरानी की बात यह है कि जब टीम ने होटल का ‘पेस्ट कंट्रोल’ (कीड़े-मकोड़े मारने का रिकॉर्ड) चेक किया, तो उसमें भी चूहों की समस्या लिखी हुई थी।

यानी होटल मैनेजमेंट को पहले से पता था कि उनके यहां चूहे हैं, फिर भी उन्होंने इसे ठीक करने के लिए कोई सख्त कदम नहीं उठाया।

2. शाकाहारी और मांसाहारी खाना एक साथ

किचन में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए वेज (शाकाहारी) और नॉन-वेज (मांसाहारी) खाने को एक ही जगह मिक्स करके रखा गया था।

फूड सेफ्टी के नियमों के मुताबिक, इन्हें हमेशा अलग-अलग रखना जरूरी होता है। एक साथ रखने से क्रॉस कंटैमिनेशन (Cross Contamination) यानी एक खाने के बैक्टीरिया दूसरे खाने में जाने का खतरा बहुत बढ़ जाता है, जिससे लोग बीमार पड़ सकते हैं।

3. बिना सर्टिफाइड सप्लायर से चीनी के सैशे (Sugar Sachets)

होटल में जो चीनी के छोटे पैकेट (सैशे) इस्तेमाल हो रहे थे, वे किसी ऐसी थर्ड-पार्टी (बाहरी कंपनी) से खरीदे जा रहे थे जो फूड डिपार्टमेंट से सर्टिफाइड या अप्रूव्ड नहीं थी।

इसका मतलब यह हुआ कि मेहमानों को जो चीनी दी जा रही थी, उसकी क्वालिटी की कोई गारंटी नहीं थी।

4. साफ-सफाई का बुरा हाल और स्टोरेज में गड़बड़ी

किचन में गंदगी का अंबार था और खाना रखने के जो इंतजाम होने चाहिए थे, वे बेहद खराब थे। खाना बनाने से लेकर उसे परोसने तक के सुरक्षा नियमों (FSMS) को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया था।

## देर रात राहत: सस्पेंशन के बाद बहाल हुआ लाइसेंस

इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे शहर और सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया, क्योंकि इस होटल में बड़ी-बड़ी शादियां, बिजनेस मीटिंग्स और कॉरपोरेट इवेंट्स होते हैं। हालांकि, खबरों के मुताबिक, इस सख्त कार्रवाई और होटल प्रबंधन द्वारा कमियों को तुरंत सुधारने के आश्वासन के बाद, देर रात होटल का फूड लाइसेंस दोबारा बहाल (Restore) कर दिया गया। लेकिन इस घटना ने होटल की साख पर एक बड़ा दाग जरूर लगा दिया है।

खाद्य विभाग ने साफ कर दिया है कि नियम सबके लिए बराबर हैं—चाहे वह सड़क किनारे की कोई छोटी दुकान हो या शहर का सबसे महंगा 5-स्टार होटल।

## क्या होता है FSMS और यह क्यों जरूरी है?

**FSMS का मतलब है ‘फूड सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम’ (Food Safety Management System)।**

यह एक तरह का कड़ा नियम और गाइडलाइन है, जिसे भारत सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2011 (Food Safety and Standards Act 2011) के तहत बनाया गया है।

हर छोटे-बड़े होटल और रेस्टोरेंट के लिए इसका पालन करना कानूनी रूप से जरूरी है। यह सिस्टम यह तय करता है कि:

  • कच्चा माल (राशन) कहां से आ रहा है और वह साफ है या नहीं।
  •  खाना बनाते समय शेफ और कर्मचारी साफ-सफाई का ध्यान रख रहे हैं या नहीं।
  •  खाने को सही तापमान पर और सुरक्षित तरीके से स्टोर किया जा रहा है या नहीं।

जब कोई होटल इसे नजरअंदाज करता है, तो वह सीधे तौर पर अपने ग्राहकों की सेहत और जिंदगी से खिलवाड़ करता है।

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