Shyam manav challenge Dhirendra Shastri: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं।
इस बार मामला आस्था और विज्ञान के बीच छिड़ी एक बड़ी बहस का है।
नागपुर के रेशम बाग में 26 से 30 अप्रैल तक चल रही श्री राम कथा के बीच, धीरेंद्र शास्त्री और अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के संस्थापक श्याम मानव के बीच विवाद ने तूल पकड़ लिया है।
क्या है पूरी चुनौती?
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की ओर से श्याम मानव ने धीरेंद्र शास्त्री को अपनी ‘शक्तियों’ को साबित करने के लिए एक खुली चुनौती दी है।
श्याम मानव का कहना है कि अगर बाबा उनकी कसौटी पर खरे उतरते हैं, तो समिति उन्हें 80 लाख रुपये का इनाम देगी।

चुनौती की शर्तें कुछ इस प्रकार हैं:
* बाबा को 10 अंजान लोगों के नाम, उनके पिता का नाम, उम्र और मोबाइल नंबर बिल्कुल सटीक बताने होंगे।
* इसके अलावा, एक बंद कमरे के भीतर रखी 10 वस्तुओं को अपनी ‘अतींद्रिय शक्ति’ से पहचानना होगा।
* इन दोनों परीक्षाओं में कम से कम 90 प्रतिशत की सटीकता (Accuracy) अनिवार्य है।
* यह पूरा टेस्ट नागपुर में पत्रकारों और गवाहों की मौजूदगी में किया जाएगा।

बाबा बोले: “जिसे खुजली हो, दरबार आ जाए”
इस चुनौती पर मंगलवार को कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने चिर-परिचित अंदाज में जवाब दिया।
उन्होंने कहा, “किसी को भी कोई ‘खुजली’ (शंका) हो, तो दरबार लगने वाला है, वहां आ जाए। हमारे पास जो भी विद्या या शक्ति है, हम उसका प्रदर्शन करेंगे।”
बाबा ने यह भी स्पष्ट किया कि वे कोई जादूगर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे वही बताते हैं जो उन्हें ईश्वर की प्रेरणा से प्राप्त होता है।
बाबा का तर्क है कि वे सनातन धर्म का प्रचार कर रहे हैं और इसे अंधविश्वास कहना गलत है।

पुराना है यह विवाद
यह पहली बार नहीं है जब श्याम मानव और धीरेंद्र शास्त्री आमने-सामने हैं।
जनवरी 2023 में भी नागपुर में ऐसी ही 30 लाख रुपये की चुनौती दी गई थी।
उस वक्त विवाद हुआ था कि बाबा कथा बीच में छोड़कर चले गए, हालांकि बाबा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि उनका कार्यक्रम पहले से तय समय के अनुसार ही संपन्न हुआ था।

पुलिस की क्लीन चिट और वर्तमान स्थिति
तीन साल पहले भी श्याम मानव ने धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ अंधविश्वास फैलाने की शिकायत दर्ज कराई थी।
हालांकि, नागपुर पुलिस ने अपनी जांच के बाद बाबा को क्लीन चिट दे दी थी।
पुलिस का कहना था कि बाबा के वीडियो या बयानों में ऐसा कुछ नहीं मिला जो कानूनन अपराध हो या अंधविश्वास को बढ़ावा देता हो।

फिलहाल, नागपुर का माहौल काफी गर्म है।
जहाँ एक तरफ बाबा के भक्त भारी संख्या में उनका समर्थन करने पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ संगठन उनके विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह शक्ति परीक्षण सच में होगा या यह विवाद केवल जुबानी जंग तक ही सीमित रहेगा।
