Cm Mohan yadav bengal election: पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है।
इस बार बंगाल की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहाँ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पहली बार 294 सीटों में से 206 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है।
इस ऐतिहासिक जीत के पीछे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की रणनीति और उनके धुआंधार प्रचार का बड़ा हाथ माना जा रहा है।

बांकुड़ा बना बीजेपी का अभेद्य किला
डॉ. मोहन यादव ने अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत 2 अप्रैल को बांकुड़ा जिले से की थी।
उन्होंने यहाँ न केवल बीजेपी उम्मीदवारों के नामांकन में हिस्सा लिया, बल्कि एक विशाल जनसभा को भी संबोधित किया।
उनके प्रचार का असर ऐसा रहा कि बांकुड़ा जिले की सभी पांचों सीटों पर बीजेपी ने क्लीन स्वीप कर दिया।
- सलतोरा: यहाँ चंदना बाउरी ने टीएमसी के उत्तम बाउरी को 32,135 वोटों के बड़े अंतर से मात दी।
- छातना: सत्यप्रकाश मुखोपाध्याय ने करीब 47 हजार वोटों से जीत दर्ज की।
- बांकुड़ा: नीलाद्रि शेखर दाना ने टीएमसी उम्मीदवार को 54 हजार वोटों से हराया।
- बरजोरा और ओंडा: यहाँ भी बीजेपी उम्मीदवारों ने टीएमसी को पटखनी दी।

मेदिनीपुर में दबदबा, कमरहाटी में कसर
18 अप्रैल को सीएम मोहन यादव ने कोलकाता और मेदिनीपुर का रुख किया।
मेदिनीपुर में उन्होंने दिग्गज नेता दिलीप घोष के लिए प्रचार किया, जो 30 हजार वोटों के अंतर से विजयी हुए।
हालांकि, कोलकाता की कमरहाटी सीट पर बीजेपी उम्मीदवार अरूप चौधरी को हार का सामना करना पड़ा।
इस तरह मोहन यादव ने जिन 7 सीटों पर पसीना बहाया, उनमें से 6 पर कमल खिला, जिससे उनका स्ट्राइक रेट शानदार 86% रहा।

मप्र के दिग्गजों की टोली ने संभाला मोर्चा
बंगाल की इस जीत में मध्य प्रदेश बीजेपी का बड़ा योगदान रहा है।
पार्टी हाईकमान ने एमपी के चुनिंदा और कद्दावर नेताओं को ही बंगाल की जिम्मेदारी सौंपी थी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधायक रामेश्वर शर्मा, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और राज्यसभा सांसद डॉ. उमेश नाथ महाराज ने भी बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में संगठन को मजबूती दी और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया।

आज के नतीजों ने साबित कर दिया है कि मोहन यादव की जमीनी पकड़ और चुनावी रैलियों ने बंगाल के मतदाताओं के बीच गहरा असर छोड़ा है, जिससे राज्य में पहली बार ‘भगवा सरकार’ बनने जा रही है।
