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रिटायर्ड जज बहू सुसाइड केस: सास का कोर्ट में सनसनीखेज दावा- ‘ड्रग्स की आदी थी ट्विशा, न मिलने पर कांपते थे हाथ’

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Twisha Sharma Suicide Bhopal: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स इलाके के बागमुगालिया एक्सटेंशन में रहने वाली ट्विशा शर्मा ने हाल ही में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

ट्विशा, भोपाल की एक रिटायर्ड जिला जज गिरीबाला सिंह की बहू थीं।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में ट्विशा की मौत के छह दिन बाद भी हंगामा थमा नहीं है।

मृतका के परिवार वालों ने इंसाफ की मांग को लेकर अपनी बेटी का शव लेने से साफ मना कर दिया है।

सास को बेल मिलने पर भड़का परिवार

ट्विशा के मायके वाले इस बात से बेहद नाराज हैं कि आरोपी सास गिरीबाला सिंह को इतनी जल्दी कोर्ट से जमानत मिल गई।

उनका आरोप है कि पुलिस इस मामले में ढिलाई बरत रही है।

इसी बीच, कोर्ट में दाखिल की गई सास गिरीबाला सिंह की जमानत अर्जी के कुछ पन्ने सामने आने के बाद इस पूरे मामले में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया है।

सास का बड़ा दावा: “ट्विशा को थी नशे की लत”

रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह ने जिला कोर्ट में अपनी जमानत के लिए जो आवेदन दिया था, उसमें अपनी बहू ट्विशा को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं।

गिरीबाला सिंह का कहना है कि उनकी बहू ट्विशा शर्मा ड्रग एडिक्ट (नशे की आदी) थी।

जमानत अर्जी में लिखा गया है कि ट्विशा को नशे की इतनी बुरी लत थी कि जब उसे समय पर नशा नहीं मिलता था, तो उसके हाथ-पैर कांपने लगते थे और उसका बर्ताव बहुत चिड़चिड़ा हो जाता था।

इतना ही नहीं, सास की तरफ से कोर्ट को यह भी बताया गया कि ट्विशा शादी के बाद 17 अप्रैल 2026 को फ्लाइट से दिल्ली के लिए निकली थी और अगले दिन 18 अप्रैल को अपने मायके पहुंची।

इस दौरान वह करीब 12 घंटे तक लापता रही थी।

जब उससे पूछा गया कि वह इतने घंटे कहां थी, तो उसने किसी को कुछ नहीं बताया।

प्रेग्नेंसी, अबॉर्शन और मानसिक इलाज का जिक्र

कोर्ट में सुनवाई के दौरान गिरीबाला सिंह के वकील ने दलील दी कि ट्विशा शादी के बाद गर्भवती (प्रेग्नेंट) हुई थी।

गर्भवती होने के बाद से ही उसका व्यवहार अपने ससुराल वालों के प्रति पूरी तरह बदल गया था। हालांकि, बाद में उसका अबॉर्शन (गर्भपात) हो गया था।

वकील ने कहा कि ससुराल पक्ष अपनी बहू से बहुत प्यार करता था और उसका पूरा ख्याल रख रहा था।

घटना वाले दिन (11 मई) को भी ट्विशा का पति समर्थ उसे खुद ब्यूटी पार्लर लेकर गया था, जहां से तैयार होकर वह घर लौटी थी।

दहेज प्रताड़ना के आरोपों को खारिज करते हुए सास ने कोर्ट को बताया कि ट्विशा को हर महीने उसकी जरूरतों के हिसाब से पैसे दिए जाते थे।

यह सारा पैसा ऑनलाइन ट्रांसफर होता था, जिसके सबूत (5 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक की बैंक ट्रांजैक्शन रसीदें) कोर्ट में पेश किए गए हैं।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि ट्विशा की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिसके लिए भोपाल के मशहूर मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी और काउंसलर काकोली राय से उसका इलाज और काउंसलिंग कराई जा रही थी।

ब्यूटी पार्लर से लौटते ही क्या हुआ?

घटनाक्रम के मुताबिक, 11 मई की शाम को ट्विशा ब्यूटी पार्लर से तैयार होकर घर आई थी।

वह हॉल में बैठकर टीवी देख ही रही थी कि तभी उसकी मां का फोन आ गया। मां से बात करते-करते वह घर की छत पर चली गई।

बात करने के दौरान ही अचानक फोन कट गया।

इसके बाद रात करीब 10:30 बजे ट्विशा ने छत पर जाकर प्लास्टिक की रस्सी के सहारे फांसी लगा ली।

जब फोन अचानक कट गया तो ट्विशा की मां ने घबराकर सास गिरीबाला सिंह को फोन किया।

सास और पति समर्थ ने जब ट्विशा की तलाश शुरू की, तो उसे छत पर फंदे से लटका पाया।

समर्थ अपने पड़ोस में रहने वाले एक रिश्तेदार की मदद से ट्विशा को तुरंत एम्स (AIIMS) अस्पताल लेकर भागा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

मायके वालों के गंभीर आरोप और दिल्ली AIIMS में दोबारा PM की मांग

दूसरी तरफ, ट्विशा के माता-पिता और भाई का रो-रोकर बुरा हाल है।

उनका कहना है कि उनकी बेटी को दहेज और अन्य वजहों से प्रताड़ित किया जा रहा था।

मायके वालों का आरोप है कि भोपाल की स्थानीय पुलिस इस मामले की सही से जांच नहीं कर रही है।

उनका कहना है कि जब वे कटारा हिल्स थाने गए, तो वहां के थाना प्रभारी (TI) और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बेहद रूखा और संवेदनहीन व्यवहार किया।

परिजनों ने मांग की है कि इस मामले की जांच मध्य प्रदेश से बाहर की पुलिस को सौंपी जाए।

साथ ही, सच सामने लाने के लिए नई दिल्ली के एम्स (AIIMS) अस्पताल में ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम (Re-Postmortem) कराया जाए।

अपनी मांगों को लेकर रविवार को ट्विशा के परिजन मुख्यमंत्री निवास (CM House) के बाहर भी कई घंटों तक धरने पर बैठे रहे।

साउथ फिल्मों की एक्ट्रेस थी ट्विशा, डेटिंग एप पर हुई थी मुलाकात

मूल रूप से नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा का करियर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। वह बेहद खूबसूरत और टैलेंटेड थीं।

शादी से पहले उन्होंने साउथ (तेलुगु) की चार फिल्मों में बतौर एक्ट्रेस काम किया था।

इसके अलावा वह कई एड फिल्मों और मॉडलिंग प्रोजेक्ट्स का हिस्सा भी रह चुकी थीं।

हालांकि, जब उन्हें फिल्मी दुनिया में मनमुताबिक कामयाबी नहीं मिली, तो उन्होंने अपना रास्ता बदल लिया।

ट्विशा ने एमबीए (MBA) की पढ़ाई की और दिल्ली की एक नामी कंपनी में नौकरी करने लगीं।

इसी दौरान एक डेटिंग ऐप के जरिए उनकी मुलाकात भोपाल के रहने वाले समर्थ सिंह से हुई।

समर्थ पेशे से जिला कोर्ट में वकील हैं और उनकी मां गिरीबाला सिंह जिला जज के पद से रिटायर हो चुकी हैं।

दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और दोनों परिवारों की रजामंदी से 12 दिसंबर 2025 को दोनों की शादी हो गई।

शादी के बाद ट्विशा वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) कर रही थीं।

मामले की जांच के लिए SIT गठित, पति अब भी फरार

इस संवेदनशील मामले को बढ़ता देख पुलिस प्रशासन ने अब एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी (SIT) का गठन किया है।

इस एसआईटी का नेतृत्व एसीपी मिसरोद रजनीश कश्यप कर रहे हैं।

इस टीम में कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे और बाग सेवनिया थाना प्रभारी संजय सोनी समेत कुल 6 अनुभवी पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है।

टीम में महिला पुलिसकर्मियों को भी रखा गया है ताकि मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच हो सके।

वहीं दूसरी तरफ, घटना के बाद से ही ट्विशा का पति समर्थ शर्मा फरार चल रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

आज कोर्ट में समर्थ की अग्रिम जमानत याचिका पर भी सुनवाई होनी है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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