IPS cadre allocation 2024 list: देश की कानून व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा को संभालने के लिए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के नए अधिकारियों को उनके काम करने का इलाका (कैडर) मिल गया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सिविल सेवा परीक्षा-2024 (Civil Services Exam 2024) पास करने वाले नए IPS अफसरों के कैडर अलॉटमेंट की आधिकारिक लिस्ट जारी कर दी है।
इस बार केंद्र सरकार ने देशभर के राज्यों के लिए कुल 147 IPS पदों का बंटवारा किया है।
अगर इस पूरी लिस्ट को ध्यान से देखें, तो हिंदी भाषी राज्यों को लेकर काफी दिलचस्प और हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए हैं।
जहां एक तरफ मध्य प्रदेश और राजस्थान के हिस्से में अच्छे-खासे नए अफसर आए हैं, वहीं छत्तीसगढ़ का खाता इस बार पूरी तरह से खाली रह गया है।
पश्चिम बंगाल की लगी लॉटरी, सबसे ज्यादा पद मिले
गृह मंत्रालय की इस लिस्ट में सबसे ज्यादा फायदा पश्चिम बंगाल को हुआ है।
- बंगाल के खाते में सबसे ज्यादा 15 IPS अफसर गए हैं।
- इसके बाद दूसरे नंबर पर दक्षिण भारत का राज्य आंध्र प्रदेश रहा, जिसे 14 पद मिले हैं।
- देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश (UP) को इस बार 12 नए IPS अधिकारी मिले हैं।
- इसके अलावा, पूर्वोत्तर के असम-मेघालय के कंबाइंड कैडर और मध्य प्रदेश को 11-11 पद दिए गए हैं।
- देश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले महाराष्ट्र को 10 और राजस्थान को 9 अफसर मिले हैं।
- वहीं बिहार और ओडिशा के हिस्से में 8-8 नए IPS अधिकारी आए हैं।
- इस लिस्ट में हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ दो ऐसे राज्य रहे, जिन्हें एक भी नया अफसर नहीं मिला।
आखिर छत्तीसगढ़ को क्यों नहीं मिला एक भी IPS?
यह सवाल हर किसी के मन में उठ रहा है कि आखिर छत्तीसगढ़ को इस लिस्ट में जगह क्यों नहीं मिली?
क्या छत्तीसगढ़ को नए अधिकारियों की जरूरत नहीं है? तो आपको बता दें कि इसका जवाब राज्य के प्रशासनिक और रिटायरमेंट के गणित में छिपा हुआ है।
दरअसल, छत्तीसगढ़ में अगले एक साल यानी आने वाले 12 महीनों के भीतर कोई भी IPS अधिकारी रिटायर (सेवानिवृत्त) नहीं होने जा रहा है।
नियम यह कहता है कि जब तक कोई पुराना अधिकारी रिटायर नहीं होता या पद खाली नहीं होता, तब तक नए अधिकारियों की भर्ती नहीं की जा सकती।
चूंकि कोई पद खाली नहीं हो रहा था, इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र सरकार को नए IPS अफसरों के लिए कोई मांग पत्र या वैकेंसी ही नहीं भेजी।
जब वैकेंसी ही नहीं थी, तो गृह मंत्रालय ने वहां के लिए कोई पद अलॉट नहीं किया।
छत्तीसगढ़ में पदों का पूरा गणित समझिए
अगर हम छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे के पूरे ढांचे को देखें, तो राज्य में IPS अधिकारियों के कुल 153 पद मंजूर (स्वीकृत) हैं।
नियमों के अनुसार, इन 153 पदों में से 31 पदों को ‘केंद्रीय प्रतिनियुक्ति’ (Central Deputation) के लिए रिजर्व रखा जाता है, यानी ये अफसर केंद्र सरकार की एजेंसियों (जैसे IB, CBI, NIA) में सेवाएं दे सकते हैं।
फिलहाल, छत्तीसगढ़ कैडर के करीब 11 से 12 IPS अधिकारी केंद्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
बाकी बचे हुए सभी अधिकारी राज्य के अलग-अलग जिलों में एसपी, आईजी या अन्य बड़े विभागों में तैनात हैं।
राज्य में पहले से ही लगभग सभी पद भरे हुए हैं, जिसकी वजह से नए चेहरों के लिए फिलहाल कोई जगह खाली नहीं बची है।
147 पदों का सोशल प्रोफाइल: किसे कितनी मिली जगह?
गृह मंत्रालय की इस लिस्ट में सिर्फ राज्यों का ही नहीं, बल्कि सामाजिक तालमेल का भी पूरा ध्यान रखा गया है।
कुल 147 पदों को अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है:
- सामान्य वर्ग (General/Unreserved): 74 पद
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 41 पद
- अनुसूचित जाति (SC): 22 पद
- अनुसूचित जनजाति (ST): 10 पद
इस नए अलॉटमेंट से देश के अलग-अलग राज्यों को नए और युवा पुलिस अफसर मिलेंगे, जिससे वहां की कानून व्यवस्था को एक नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी।
