Homeन्यूजरोज सुई लगाने के झंझट से मिली छुट्टी: भारत में लॉन्च हुई...

रोज सुई लगाने के झंझट से मिली छुट्टी: भारत में लॉन्च हुई दुनिया की पहली वीकली इंसुलिन ‘Awiqli’, जानें कीमत और खासियत

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Awiqli insulin launched India: भारत में डायबिटीज (मधुमेह) से जूझ रहे करोड़ों मरीजों के लिए एक बहुत ही राहत भरी खबर आई है।

अब उन्हें रोज-रोज इंसुलिन का इंजेक्शन लगाने के दर्द और मानसिक तनाव से नहीं गुजरना पड़ेगा।

डेनमार्क की मशहूर दवा निर्माता कंपनी ‘नोवो नॉर्डिस्क’ (Novo Nordisk) ने भारतीय बाजार में दुनिया की पहली ऐसी बेसल इंसुलिन लॉन्च कर दी है, जिसे हफ्ते में सिर्फ एक बार लगाना होगा।

इस नई और आधुनिक इंसुलिन का नाम ‘Awiqli’ (इंसुलिन आइकोडेक) है।

इस दवा के बाजार में आने से सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि मरीजों को साल में जो 365 इंजेक्शन लगाने पड़ते थे, उनकी संख्या घटकर अब सिर्फ 52 रह जाएगी।

यह दवा टाइप-1 और टाइप-2 दोनों तरह के डायबिटीज से पीड़ित वयस्क मरीजों के लिए काफी असरदार साबित होने वाली है।

इंसुलिन शुरू करने के डर को करेगी खत्म

भारत में अक्सर देखा गया है कि जब डॉक्टर किसी मरीज को इंसुलिन लेने की सलाह देते हैं, तो मरीज डर जाते हैं।

रोज-रोज सुई चुभाने का डर और इसे हर जगह साथ लेकर घूमने का तनाव इतना ज्यादा होता है कि लोग इंसुलिन थेरेपी शुरू करने में करीब 7 से 9 साल की देरी कर देते हैं।

इस देरी की वजह से उनके शरीर के दूसरे अंगों पर बुरा असर पड़ने लगता है।

कंपनी का मानना है कि ‘Awiqli’ के आने से मरीजों का यह डर पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

जब मरीज को पता होगा कि उसे हफ्ते में सिर्फ एक बार ही इंजेक्शन लगाना है, तो वह बिना किसी हिचक के समय पर अपना इलाज शुरू कर सकेगा।

कीमत भी बजट में: जानिए जेब पर कितना पड़ेगा असर?

इस नई इंसुलिन की सबसे अच्छी बात इसकी कीमत है। कंपनी ने 700 यूनिट का एक पैक ₹2,611 में लॉन्च किया है।

इसका मतलब यह हुआ कि मरीज को एक यूनिट इंसुलिन के लिए करीब ₹3.73 खर्च करने होंगे।

अगर हम इसकी तुलना बाजार में पहले से मौजूद रोज लगाई जाने वाली बेसल इंसुलिन से करें, तो यह नई इंसुलिन करीब 30 से 40 फीसदी तक सस्ती है।

आइए इसे एक आसान उदाहरण से समझते हैं:

* मान लीजिए किसी मरीज को डॉक्टर ने रोज 10 यूनिट इंसुलिन लगाने को कहा है।

* इस हिसाब से उसे पूरे हफ्ते में 70 यूनिट इंसुलिन की जरूरत पड़ेगी।

* 70 यूनिट के हिसाब से उस मरीज का साप्ताहिक खर्च करीब ₹261 आएगा, जो कि बेहद किफायती है।

कैसे काम करती है यह दवा और क्लिनिकल ट्रायल के नतीजे

‘Awiqli’ को एक खास पेन डिवाइस (FlexTouch Pen) के जरिए मरीज खुद आसानी से लगा सकते हैं।

क्लिनिकल ट्रायल्स (ONWARDS-1 प्रोग्राम) के दौरान इसके नतीजे बेहद शानदार रहे हैं।

यह पाया गया कि रोज दी जाने वाली सामान्य इंसुलिन (ग्लार्जिन U100) के मुकाबले इस वीकली इंसुलिन ने मरीजों के तीन महीने के औसत शुगर लेवल (HbA1c) को कम करने में ज्यादा बेहतर काम किया।

इतना ही नहीं, इस दवा की मदद से टाइप-2 डायबिटीज के कई मरीज बिना ‘हाइपोग्लाइसीमिया’ (ब्लड शुगर का अचानक बहुत कम हो जाना, जो कि खतरनाक होता है) के अपने शुगर लेवल को 7 प्रतिशत से नीचे लाने में कामयाब रहे।

भारत में डायबिटीज की डराने वाली स्थिति

आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत को दुनिया की ‘डायबिटीज कैपिटल’ कहा जाता है।

देश में लगभग 10.1 करोड़ लोग इस बीमारी की चपेट में हैं, जबकि 13.6 करोड़ लोग ‘प्री-डायबिटीज’ (यानी जिन्हें आगे चलकर शुगर होने का खतरा सबसे ज्यादा है) की स्टेज में हैं।

इसके अलावा करीब 9 लाख से ज्यादा लोग टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित हैं, जिनका जीवन पूरी तरह इंसुलिन पर ही निर्भर है।

वहीं, टाइप-2 डायबिटीज के भी करीब 10% मरीजों को इंसुलिन की जरूरत पड़ती है।

मौजूदा समय में भारत में करीब 60 लाख लोग इंसुलिन ले रहे हैं, जबकि असल में इससे दोगुने लोगों को इसकी जरूरत है।

नोवो नॉर्डिस्क इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर विक्रांत श्रोत्रिया के मुताबिक, अगर इस नई दवा की मदद से यह संख्या 90 लाख तक पहुंचती है, तो यह देश की सेहत के लिए एक बहुत बड़ी कामयाबी होगी।

सिर्फ दवा ही नहीं, लाइफस्टाइल बदलना भी है जरूरी

डॉक्टरों का कहना है कि इंसुलिन या दवाइयां शुगर को कंट्रोल करने में मदद जरूर करती हैं, लेकिन इसके साथ ही अपनी जीवनशैली में बदलाव करना भी बेहद जरूरी है।

ब्लड शुगर को काबू में रखने के लिए आपको अपनी रूटीन में ये बदलाव जरूर करने चाहिए:

* एक्सरसाइज है जरूरी: हफ्ते में कम से कम 150 मिनट हल्की या मध्यम कसरत (जैसे तेज चलना, साइकिल चलाना या योग) जरूर करें।

* लगातार बैठे न रहें: ऑफिस या घर में एक ही जगह घंटों न बैठे रहें। हर आधे या एक घंटे में अपनी सीट से उठें और 5 मिनट के लिए टहलें।

* वजन और नींद पर ध्यान दें: अपने शरीर के वजन को कंट्रोल में रखें और हर रात 7 से 9 घंटे की गहरी और अच्छी नींद लें।

* तनाव से दूरी: मानसिक तनाव शुगर लेवल को तेजी से बढ़ाता है। स्ट्रेस कम करने के लिए ध्यान (Meditation) और प्राणायाम का सहारा लें।

* बुरी आदतों को कहें अलविदा: स्मोकिंग, तंबाकू और शराब के सेवन से पूरी तरह दूरी बना लें, क्योंकि ये डायबिटीज की जटिलताओं को और बढ़ा देते हैं।

* नियमित जांच: घर पर समय-समय पर ग्लूकोमीटर से ब्लड शुगर चेक करते रहें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार अपने रूटीन हेल्थ चेकअप मिस न करें

#DiabetesCare #Awiqli #Insulin #HealthNews #NovoNordisk #SugarControl #HealthyLiving

- Advertisement -spot_img