MP Night Shift New Rules: मध्य प्रदेश में नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी आ रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार राज्य में एक ऐसा क्रांतिकारी कानून लागू करने की तैयारी में है, जो रात में काम करने वाले कर्मचारियों की सैलरी और काम के घंटों (Working Hours) की पूरी परिभाषा ही बदल देगा।
इस नए कानून का नाम ‘एमपी कोड ऑन एम्पावरिंग वर्क स्पेसेज, 2026’ (MP Code on Empowering Work Spaces, 2026) रखा गया है।
इस नए ड्राफ्ट कानून को अगले हफ्ते ही मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश किया जा सकता है।

सरकार का यह कदम न सिर्फ कर्मचारियों की जेब भरेगा, बल्कि राज्य के बिजनेस और अर्थव्यवस्था को भी एक नई रफ्तार देने का काम करेगा।
क्या है नया नियम और कैसे बढ़ेगी सैलरी?
अक्सर देखा जाता है कि रात की शिफ्ट में काम करना दिन के मुकाबले काफी मुश्किल होता है। इस नए कानून में इसी बात का खास ख्याल रखा गया है।
नए ड्राफ्ट के मुताबिक, रात की शिफ्ट के 1 घंटे के काम को दिन के 1.5 घंटे (डेढ़ घंटे) के बराबर माना जाएगा।
इसका सीधा सा मतलब यह है कि अगर आप रात में ड्यूटी करते हैं, तो आपकी सैलरी और काम के घंटों की गिनती डेढ़ गुना के हिसाब से होगी।
इसके चलते नाइट शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों को दिन की सामान्य शिफ्ट के मुकाबले ज्यादा सैलरी या फिर मोटा ओवरटाइम मिल सकेगा।
सरकार इस कानून के जरिए कंपनियों को यह अधिकार देने जा रही है कि वे रात में काम करने वाले अपने स्टाफ को एक्स्ट्रा पेमेंट दे सकें।
जापान के मॉडल से आया यह अनोखा आइडिया
मध्य प्रदेश सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, यह नियम ऐसे ही अचानक नहीं बनाया गया है।
इसके लिए बाकायदा विकसित देशों, खासकर जापान के ‘नाइट-वर्क मॉडल्स’ (Night-work Models) की गहरी स्टडी की गई है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि जो लोग लगातार नाइट शिफ्ट करते हैं, उनकी बायोलॉजिकल क्लॉक (नींद और जागने का चक्र) बिगड़ जाती है।
इसका सीधा असर उनकी सेहत और सोशल लाइफ पर पड़ता है।
चूंकि वे आम लोगों से ज्यादा मेहनत और समझौता करते हैं, इसलिए उन्हें इस अतिरिक्त प्रयास (Extra Effort) का पूरा फल मिलना चाहिए।
इसी सोच के साथ मोहन सरकार यह बदलाव करने जा रही है।
दुकानों और दफ्तरों को मिलेगी 24 घंटे खुलने की आजादी
इस नए कानून का दूसरा सबसे बड़ा फायदा व्यापारियों और आम जनता को होने वाला है।
अब तक मध्य प्रदेश में दुकानों, रेस्टोरेंट और दफ्तरों को देर रात तक खोलने की अनुमति नहीं थी।
लेकिन नए कानून के तहत अब राज्य में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे (24/7) खुले रहने की छूट दी जा सकती है।
हालांकि, इसके लिए सरकार की कुछ तय शर्तों का पालन करना होगा।
यह नया कानून केंद्र सरकार की नीतियों के साथ तालमेल बिठाने और पुराने, पेचीदा श्रम कानूनों को आसान व आधुनिक बनाने की कोशिश का एक हिस्सा है।
इससे राज्य में व्यापार करना और भी आसान हो जाएगा।
मौजूदा नियमों में क्या दिक्कत आ रही थी?
फिलहाल के नियमों की बात करें, तो मध्य प्रदेश में रेस्टोरेंट को रात 1:30 बजे तक और सिनेमाघरों को रात 1:00 बजे तक ही खोलने की इजाजत है।
इसके अलावा ज्यादातर दुकानों और दफ्तरों को रात डेढ़ बजे से सुबह 4:00 बजे के बीच बंद रखना जरूरी होता है।
इस पाबंदी की वजह से रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या बड़े ट्रांसपोर्ट हब के आसपास के दुकानदारों को बहुत परेशानी होती है।
साथ ही, जो लोग देर रात अपनी ड्यूटी खत्म करके घर लौटते हैं, उन्हें रास्ते में चाय-नाश्ता या कोई जरूरी सामान मिलने में दिक्कत होती है।
नया कानून इन सभी कमियों को दूर कर देगा, जिससे रात के समय भी आर्थिक गतिविधियां चलती रहेंगी।
महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट के दरवाजे खुलेंगे, पर होंगी ये सख्त शर्तें
‘एमपी कोड ऑन एम्पावरिंग वर्क स्पेसेज, 2026’ में महिलाओं के रोजगार को लेकर भी एक बड़ा फैसला लिया गया है।
अब राज्य में महिलाओं को भी रात की शिफ्ट में काम करने की पूरी आजादी होगी। हालांकि, मोहन सरकार ने महिला सुरक्षा को सर्वोपरि रखा है।
इसके लिए कंपनियों (Employers) को कुछ बहुत ही कड़े नियमों का पालन करना होगा:
* पूरी सहमति जरूरी: किसी भी महिला कर्मचारी को उसकी मर्जी के बिना नाइट शिफ्ट में नहीं बुलाया जा सकेगा। इसके लिए उनकी लिखित सहमति अनिवार्य होगी।
* सुरक्षित ट्रांसपोर्ट: कंपनियों को महिला कर्मचारियों के घर से दफ्तर आने और जाने के लिए सुरक्षित कैब या गाड़ियों का इंतजाम करना होगा।
* मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर: कार्यस्थल (Workplace) पर सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे और महिलाओं के अनुकूल माहौल तैयार करना जरूरी होगा।
यह सभी शर्तें केंद्र सरकार के ‘ऑक्युपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस (OSH) कोड, 2020’ के नियमों के तहत तय की जाएंगी।

इस नए कानून से मध्य प्रदेश को क्या फायदा होगा?
इस ऐतिहासिक कानून के लागू होने से मध्य प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
जब कंपनियां और दुकानें 24 घंटे खुलेंगी, तो उन्हें दो या तीन शिफ्टों में काम करने के लिए ज्यादा लोगों की जरूरत होगी। इससे युवाओं को बड़े पैमाने पर नौकरियां मिलेंगी।
साथ ही, पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं के लिए भी रात की शिफ्ट में काम करने के रास्ते खुलेंगे, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
कुल मिलाकर, ज्यादा सैलरी और ज्यादा रोजगार के जरिए मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था (Economy) को एक बहुत बड़ा बूस्ट मिलने वाला है।
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