Homeन्यूजमैहर में स्कूल स्क्रीन पर चली A सर्टिफाइड 'धुरंधर': शिकायत के बाद...

मैहर में स्कूल स्क्रीन पर चली A सर्टिफाइड ‘धुरंधर’: शिकायत के बाद गई टीचर की नौकरी, कहा -“स्मार्ट TV चलाना नहीं आता”

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Dhurandhar Movie in School: मध्य प्रदेश के मैहर जिले में एक सरकारी स्कूल से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है।

यहां क्लासरूम में बच्चों को पढ़ाई कराने की जगह स्मार्ट टीवी पर ‘धुरंधर’ फिल्म दिखा दी गई।

इस मामले में कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग ने आरोपी अतिथि शिक्षक को नौकरी से निकाल दिया है।

स्कूल स्क्रीन पर चली ‘A’ सर्टिफाइड फिल्म

यह पूरा मामला अमरपाटन तहसील के ग्राम पंचायत कठहा स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल का है।

बीते 31 जुलाई को स्कूल की 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राएं क्लासरूम में बैठकर डिजिटल Led स्क्रीन पर ‘धुरंधर’ फिल्म देख रहे थे।

उसी दौरान किसी ने इसका वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

वीडियो में हिंदी पढ़ाने वाले अतिथि शिक्षक हंसराज सिंह पटेल भी बच्चों के साथ बैठकर फिल्म देखते हुए नजर आ रहे थे।

आपको बता दें कि फिल्म ‘धुरंधर’ को सेंसर बोर्ड (CBFC) की तरफ से ‘A’ यानी ‘एडल्ट्स ओनली’ सर्टिफिकेट मिला हुआ है।

नियमानुसार 18 साल से कम उम्र के बच्चे या छात्र इस फिल्म को नहीं देख सकते।

सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद बड़ा एक्शन

स्कूल के क्लासरूम में 18 साल से कम उम्र के बच्चों को ऐसी फिल्म दिखाए जाने से अभिभावक बेहद नाराज हो गए।

नाराज पेरेंट्स ने तुरंत इस पूरे मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में दर्ज करा दी।

शिकायत मिलते ही मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने मामले की जांच के निर्देश दिए।

अमरपाटन विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कुंवर बहादुर सिंह ने जब स्कूल पहुंचकर पड़ताल की, तो जांच रिपोर्ट में बात सही पाई गई।

रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि पांचवें पीरियड के दौरान क्लास में बिना किसी अनुमति के फिल्म चलाई जा रही थी।

स्मार्ट टीवी चलाना नहीं आता”- तर्क पड़ा भारी

जांच के दौरान आरोपी शिक्षक हंसराज सिंह ने अपनी सफाई में अजीब तर्क दिया।

उन्होंने कहा, “फिल्म बच्चों की जिद और इच्छा पर चलाई गई थी। मुझे तो स्मार्ट टीवी चलाना भी नहीं आता, स्मार्टफोन भी ठीक से इस्तेमाल करना नहीं जानता।”

हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सलोनी शर्मा ने शिक्षक के इस तर्क को पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना माना।

उन्होंने साफ कहा कि एक शिक्षक की ऐसी लापरवाही से स्कूल और शिक्षा विभाग दोनों की साख खराब हुई है।

इसके बाद डीईओ के आदेश पर शिक्षक हंसराज सिंह पटेल की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।

#MaiharNews #MPNews #EducationDepartment #TeacherAction #ViralVideo #CMShelpline #MadhyaPradesh

- Advertisement -spot_img