MP Rain Alert: मध्य प्रदेश में इस समय मानसून का जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है।
पिछले 24 घंटों में राज्य के आधे से ज्यादा इलाकों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है।
आलम यह है कि कई नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे आम जीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है।
मौसम की इस आफत को देखते हुए भोपाल, रायसेन, गुना और खंडवा जिलों में एहतियातन सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
वहीं, इंदौर और उज्जैन संभाग के कई जिलों के लिए मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
खरगोन में सबसे ज्यादा 8.1 इंच बारिश, उफान पर नदियां
राज्य भर में सबसे ज्यादा बारिश खरगोन जिले में दर्ज की गई, जहाँ 24 घंटे के भीतर 8.1 इंच (205 मिमी) पानी बरसा।
इसके अलावा खंडवा में 5.5 इंच और गुना में 4.6 इंच बारिश हुई।
राजधानी भोपाल की बात करें तो यहाँ मंगलवार की शाम से देर रात तक जमकर पानी बरसा और कुल 2.8 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।
बारिश की वजह से ग्रामीण इलाकों का संपर्क शहरों से पूरी तरह टूट गया है:
* बड़वानी: टोरी नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया कि पानी पुल के ऊपर से बहने लगा। इसके चलते महाराष्ट्र जाने वाला मुख्य रास्ता कई घंटों तक बंद रहा।
* शाजापुर: अकोदिया के पास मुरादपुर में एक उफनते नाले को पार करते वक्त दूध लेकर लौट रहा युवक बहाव में बह गया।
गनीमत रही कि स्थानीय ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए नाले में छलांग लगाई और युवक को सही-सलामत बचा लिया।
* शहडोल: घोघरी नदी पर पुल न होने की वजह से कई गांवों का संपर्क आपस में कट गया है।
स्कूली बच्चे और आम ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं।
भोपाल की सड़कें छलनी, ₹154 करोड़ के फ्लाईओवर की खुली पोल
सिर्फ तीन दिन की लगातार बारिश ने मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की शहरी व्यवस्था की कलाई खोलकर रख दी है।
शहर की लगभग सभी प्रमुख और अंदरूनी सड़कें गड्डों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी काफी बढ़ गई है।
सबसे हैरान करने वाली तस्वीर शहर के डॉ. अंबेडकर (जीजी) फ्लाईओवर से सामने आई है।
लगभग 154 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बने इस फ्लाईओवर की ढलाई पहली ही तेज बारिश में बह गई और सड़क के अंदर से लोहे के सरिए बाहर झांकने लगे हैं।
इसके अलावा शहर के अन्य इलाकों का हाल भी बुरा है:
* अटल पथ (बुलेवर्ड स्ट्रीट): करीब 40 करोड़ की लागत से बनी यह सड़क हर साल बारिश में उखड़ जाती है और मेंटेनेंस पर लाखों का बजट खर्च होता है। इस बार भी यहाँ डामर गायब हो चुका है।
* लिंक रोड नंबर-2: ऊर्जा भवन से लेकर 7 नंबर चौराहे तक सड़क जगह-जगह से धंस गई है।
* एमपी नगर व न्यू मार्केट: एमपी नगर में मेट्रो स्टेशन के ठीक नीचे बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।
वहीं, न्यू मार्केट के आसपास सड़कों की गिट्टियां बाहर निकल आई हैं, जिससे दोपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा मंडरा रहा है।
* अंदरूनी इलाके: अशोका गार्डन, ऐशबाग, अयोध्या बायपास और राजीव नगर जैसे इलाकों में सड़कों की हालत इतनी खस्ता है कि हर 50 मीटर पर गहरे गड्ढे नजर आ रहे हैं।
सड़कों के इस घटिया निर्माण को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
मौसम विभाग की चेतावनी: अगले 4 दिन भारी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इंदौर के पास बना लो-प्रेशर एरिया और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ नया चक्रवाती तंत्र पूरे प्रदेश को प्रभावित कर रहा है।
आगामी 24 से 48 घंटों में इंदौर, रतलाम, झाबुआ, धार और बड़वानी में भारी से अत्यधिक भारी बारिश (4 इंच या उससे अधिक) होने का अनुमान है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 12 अगस्त से बंगाल की खाड़ी में एक और नया लो-प्रेशर सिस्टम बनने जा रहा है, जिसकी वजह से आने वाले 4 दिनों तक मध्यप्रदेश में मूसलाधार बारिश का दौर यूं ही जारी रहेगा।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों के पास न जाएं और मौसम की चेतावनियों का ध्यान रखें।
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