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झारखंड JSSC-CGL परीक्षा रद्द: 2014 से अब तक के सभी एग्जाम की होगी CID जांच, CM सोरेन का बड़ा फैसला

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Jharkhand JSSC CGL Cancelled: झारखंड में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक को लेकर चल रहा विवाद अब एक बड़े मोड़ पर पहुंच गया है।

JPSC सिविल सेवा परीक्षा पर उठे सवालों के बाद अब राज्य सरकार ने JSSC-CGL (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग – कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल) की परीक्षा को भी पूरी तरह से रद्द कर दिया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने मंत्रियों और कैबिनेट सहयोगियों के साथ लगभग 4 घंटे तक चली मैराथन बैठक के बाद सोमवार देर रात मीडिया के सामने इस फैसले की घोषणा की।

CID और SIT जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे

फैसले की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया कि राज्य में परीक्षाओं के संचालन में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

विशेष जांच टीम (SIT) और सीआईडी (CID) की शुरुआती जांच रिपोर्ट में कई ऐसे चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं, जिन्हें अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता क्योंकि जांच जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षाओं को आयोजित कराने वाली एजेंसियों और कंपनियों का एक जटिल व आपस में जुड़ा हुआ नेटवर्क (Interconnected Network) काम कर रहा था।

इन कंपनियों ने अलग-अलग समय पर राज्य में काम किया है।

इस संगठित नेटवर्क की गहराई से जांच करने के लिए राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि वर्ष 2014 से लेकर अब तक आयोजित हुई सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की जांच सीआईडी (CID) से कराई जाएगी।

JPSC परीक्षा की जांच के लिए रिटायर्ड जज की देखरेख

छात्रों की सबसे प्रमुख मांग जेपीएससी (JPSC) सिविल सेवा परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की जांच को लेकर है।

इस पर सीएम सोरेन ने स्पष्ट किया कि छात्रों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए JPSC परीक्षा की पूरी प्रक्रिया की जांच हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज की देखरेख में कराई जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

24 दिनों से जारी है छात्रों का अनशन

झारखंड के हजारीबाग और रांची समेत कई हिस्सों में छात्र पिछले 24 दिनों से लगातार अनशन और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

छात्रों की मुख्य मांग JPSC और JSSC परीक्षाओं को रद्द करने के साथ-साथ पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की है।

हालांकि, सोमवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत तय थी, लेकिन कैबिनेट की लंबी बैठक के कारण यह वार्ता टल गई।

छात्र प्रतिनिधि मंडल में रविंद्र पासवान, पीयूष कुमार सिंह, रविंद्र कुमार रवि, कार्तिक सोरेन, राजेश प्रसाद, उमेश प्रसाद, शशांक कुमार, अंकित कुमार, आनंद कुमार और शालू कुमारी शामिल हैं, जो सरकार के सामने छात्रों का पक्ष रखने वाले हैं।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हजारीबाग के छात्र नेता रूपेश कुमार का कहना है कि सरकार सीबीआई जांच से इसलिए बच रही है क्योंकि इसमें कई बड़े चेहरों के बेनकाब होने का डर है।

राहुल गांधी ने चिट्ठी लिखकर किया समर्थन

छात्रों के इस आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिलना शुरू हो गया है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखकर आंदोलनकारी छात्रों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया है।

राहुल गांधी ने लिखा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन संविधान प्रदत्त अधिकार है और सरकार को आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

NTA ने भी रद्द की UGC-NET की 3 परीक्षाएं

दूसरी तरफ, राष्ट्रीय स्तर पर भी परीक्षाओं में गड़बड़ी का दौर जारी है।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने भी UGC-NET की तीन प्रमुख विषयों (इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी) की परीक्षाओं को रद्द कर दिया है।

NTA ने स्वीकार किया कि 22 से 30 जून के बीच आयोजित हुई इन परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में स्पेलिंग व प्रिंटिंग की भारी गलतियां थीं और पुराने सवाल दोहराए गए थे।

NTA अब इन रद्द विषयों की दोबारा परीक्षा 9 और 10 सितंबर को आयोजित करेगा।

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