Bishnoi Gang Canada Threat: भारत की बेहद सुरक्षित साबरमती जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सिंडिकेट ने सात समंदर पार कनाडा सरकार, रक्षा मंत्रालय और वहां की पुलिस को हिलाकर रख दिया है।
कनाडा के प्रमुख मीडिया ग्रुप CBC न्यूज ने इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (IRB) की सुनवाई के गोपनीय दस्तावेजों के जरिए एक बड़ा खुलासा किया है।
भारत से भेजे गए एक लेटर में बिश्नोई सिंडिकेट ने दावा किया है कि वे अब कनाडा पर राज करेंगे और उनके रास्ते में आने वाले किसी भी व्यक्ति या एजेंसी को गोलियों का सामना करना पड़ेगा।
यह चिट्ठी एबॉट्सफोर्ड पुलिस डिपार्टमेंट (Abbotsford Police Department) को मिली थी, जिसे बाद में एडमॉन्टन पुलिस सर्विस और अन्य कनाडाई लॉ-एंफोर्समेंट एजेंसियों के साथ साझा किया गया।

यह लेटर अब कनाडा में जारी जबरन वसूली (Extortion) और हिंसा की जांच का एक अहम हिस्सा बन चुका है।
धमकी भरी चिट्ठी में गैंग के बड़े दावे और चेतावनियां
कनाडाई जांच एजेंसियों को मिले इस पत्र की भाषा बेहद आक्रामक है और इसमें सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था को चुनौती दी गई है। पत्र की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
* ‘हम कनाडा पर राज करेंगे’:
लेटर में बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग की ओर से लिखा गया कि कनाडा में उन्हें रोकने की हिम्मत किसी में नहीं है। गैंग अब पूरे कनाडा पर अपना राज कायम करेगा।
* 5,000 सदस्यों का नेटवर्क और सस्ते शूटर:
पत्र में दावा किया गया है कि कनाडा में गैंग के 5,000 से अधिक सदस्य एक्टिव हैं। वे केवल $1,000 (लगभग 80-85 हजार रुपये) जैसी मामूली रकम के लिए किसी पर भी गोली चलाने को तैयार रहते हैं।

* पुलिस स्टेशन पर फायरिंग की धमकी:
कनाडाई रक्षा मंत्री, सेना और पुलिस को चेतावनी देते हुए लिखा गया कि अगर उन्होंने गैंग की गतिविधियों में दखल दिया, तो अगले ही दिन पुलिस स्टेशनों पर गोलीबारी देखने को मिलेगी।
गैंग के पास कनाडा पुलिस से भी ज्यादा आधुनिक हथियार होने का दावा किया गया है।
* स्थानीय आपराधिक समूहों को चुनौती:
लेटर में स्थानीय व्हाइट गैंग्स (जैसे हेल एंजेल्स) को कमतर बताते हुए उन पर नस्लीय टिप्पणियां की गईं और गोरे लोगों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की बात कही गई।
* हर बिजनेसमैन को देना होगा ‘टैक्स’:
बिश्नोई गैंग ने कनाडा के पूरे बिजनेस सेक्टर को अल्टीमेटम दिया है कि अब से हर उद्योगपति को उन्हें ‘प्रोटेक्शन मनी’ यानी रंगदारी देनी ही होगी।
यह अनिवार्य टैक्स की तरह होगा और चाहे कारोबारी भारतीय हो, गोरा हो या काला, भुगतान सभी के लिए अनिवार्य है।

कनाडा के सुरक्षा हलकों में मचा हड़कंप
लॉरेंस बिश्नोई पिछले एक दशक से भारत की जेलों में बंद है, लेकिन कनाडाई खुफिया एजेंसियों का मानना है कि उसने विदेश में बैठे अपने मुख्य सहयोगियों (जैसे गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा और वॉट्सऐप के जरिए नेटवर्क चलाने वाले जोरा सिद्धू) के दम पर एक खतरनाक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट खड़ा कर लिया है।
कनाडा के विभिन्न प्रांतों—ओंटारियो, अल्बर्टा, ब्रिटिश कोलंबिया और कैलगरी में रह रहे अमीर दक्षिण एशियाई मूल के लोगों, बड़े व्यापारियों, राजनेताओं और सांस्कृतिक लीडर्स को निशाना बनाया जा रहा है।
मना करने पर उनके घरों और व्यावसायिक ठिकानों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी और पेट्रोल बम फेंकने (आगजनी) की घटनाएं आम हो चुकी हैं।

कनाडाई पुलिस की विशेष टास्क फोर्स ‘ऑपरेशन कम्युनिटी शील्ड’ (Operation Community Shield) अब इस लेटर के स्रोत, इसके तार और विदेशी नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
जांच रिपोर्टों के अनुसार, बिश्नोई गैंग नए आए युवाओं और स्टूडेंट वीजा पर आए छात्रों का इस्तेमाल इन वारदातों को अंजाम देने के लिए कर रहा है।
हालिया खुलासों के बाद कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां अब इस गैंग को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा मान रही हैं।
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