ED Raid Punjab: पंजाब में पिछले दो-तीन दिनों से जारी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताबड़तोड़ छापेमारी ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के मोहाली स्थित दफ्तर समेत कई ठिकानों पर की जा रही कार्रवाई से सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) का गुस्सा फूट पड़ा है।
गुरुवार सुबह मोहाली में उस वक्त हालात तनावपूर्ण हो गए जब सैकड़ों की संख्या में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक GMADA मुख्यालय के बाहर पहुंच गए और उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया।

मोहाली में प्रदर्शनकारियों का तांडव, पुलिस और CRPF से धक्कामुक्की
मोहाली स्थित गमाडा ऑफिस (PUDA भवन) के बाहर सुबह से ही AAP कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हो गया था। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया।
उग्र समर्थकों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ दिया और गमाडा परिसर के भीतर घुसने की कोशिश की।
इस दौरान मौके पर तैनात पंजाब पुलिस के जवानों के साथ प्रदर्शनकारियों की तीखी धक्कामुक्की हुई।
जब कार्यकर्ताओं ने दफ्तर के अंदर दाखिल होकर रेड कर रही ED की टीम तक पहुंचने का प्रयास किया, तब सुरक्षा में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों ने उन्हें रोका।

इससे नाराज प्रदर्शनकारियों ने गमाडा ऑफिस की खिड़कियों पर पथराव कर दिया, जिससे इमारत की खिड़कियों के कई शीशे टूट गए।
बात यहीं खत्म नहीं हुई; गुस्साए AAP समर्थकों ने परिसर में खड़ी ED अधिकारियों की गाड़ियों को भी निशाना बनाया।
गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए और उनके टायरों की हवा निकाल दी गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए CRPF को हाई अलर्ट पर रखा गया है और पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

अब तक की ED रेड में क्या-क्या हुआ?
* गमाडा ऑफिस में 3 फ्लोर सील, कई अफसर-कर्मचारी भीतर ही रोके गए:
मोहाली के गमाडा मुख्यालय पर ED की टीमों ने मंगलवार सुबह धावा बोला था। लगातार तीसरे दिन भी जांच जारी है।
एजेंसी ने गमाडा दफ्तर की तीन मंजिलों को पूरी तरह सील कर रखा है।
कई वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें हाउसिंग सेक्रेटरी और गमाडा के उच्च अधिकारी शामिल हैं, को दफ्तर के भीतर ही रोककर घंटों पूछताछ की गई और उनके मोबाइल-लैपटॉप जब्त कर लिए गए।

* पूर्व गमाडा सीए और वरिष्ठ IAS अफसर के घर दबिश:
ED की जांच की आंच चंडीगढ़ स्थित एक वरिष्ठ IAS अधिकारी के घर तक भी पहुंची है, जो पहले गमाडा के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर (CA) रह चुके हैं।
सूत्रों के मुताबिक, उनके ठिकाने से करीब 2.5 करोड़ रुपये नकद, 1 किलो से अधिक सोना-चांदी और जमीनों के अहम दस्तावेज बरामद होने के दावे किए जा रहे हैं।
हालांकि, जांच एजेंसी की ओर से अभी इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
* पंजाब के कैबिनेट मंत्री के भतीजे पर शिकंजा:
बुधवार को जांच का दायरा बढ़ाते हुए ED की टीम लुधियाना (साहनेवाल) में पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भतीजे के घर जांच करने पहुंची।
बताया जा रहा है कि खाते में हुए कुछ संदिग्ध बैंक ट्रांजैक्शन को लेकर देर रात तक छानबीन चलती रही।
इस दौरान राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई और विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाए।
* चंडीगढ़ में सत्येंद्र जैन से जुड़े आवास पर कार्रवाई:
बुधवार देर रात ED की टीम चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित कोठी नंबर 926 पहुंची, जो दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के नाम पर अलॉट बताई जाती है। जब टीम वहां पहुंची तो घर पर ताला लगा था। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने जबरन ताले तोड़े और भीतर प्रवेश किया।
पंजाब सरकार पहुंची हाईकोर्ट, वारंट अफसर नियुक्त:
केंद्रीय एजेंसी के इस बड़े एक्शन के खिलाफ पंजाब सरकार ने बुधवार देर रात पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
देर रात हुई सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए एक ‘वारंट अफसर’ (Warrant Officer) नियुक्त कर दिया है।
इस अधिकारी को आदेश दिया गया है कि वह मौके पर जाकर रेड की स्थिति की जांच करे और अदालत को रिपोर्ट सौंपे।
वारंट अफसर को किसी भी समय छापेमारी स्थल का निरीक्षण करने का अधिकार दिया गया है।
आखिर क्या है यह पूरा मामला?
ED द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की जा रही है।
इस मामले के तार ‘तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स’ नाम की कंपनी से जुड़े लगभग 290 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े हैं।
जांच में मुख्य रूप से नई दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित रेडिसन ब्लू होटल प्रोजेक्ट के लेनदेन, गमाडा (GMADA) द्वारा कंपनियों को वैधानिक बकाये (Statutory Dues) में दी गई कथित अनुचित छूट, रद्द किए गए कमर्शियल प्लॉट्स के दोबारा गलत आवंटन और एक्स्ट्रा डेवलपमेंट चार्ज (EDC) में दी गई राहत शामिल है।
जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि इन फैसलों और छूटों की वजह से सरकारी खजाने को 100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
इसके अलावा, एक निजी कंसल्टेंसी फर्म की भूमिका और गमाडा अधिकारियों के साथ उसके साठगांठ की भी गहराई से पड़ताल की जा रही है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
आम आदमी पार्टी के हिंसक प्रदर्शन और बढ़ते सियासी पारे को देखते हुए पूरे मोहाली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है।
गमाडा ऑफिस जाने वाले मुख्य रास्तों पर भारी पुलिस बल की तैनाती है। आम जनता को पूरी जांच और पड़ताल के बाद ही परिसर में जाने दिया जा रहा है।
पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी इसे केंद्र सरकार की राजनीतिक साजिश और चुनाव से पहले दबाव बनाने का तरीका बता रही है, जबकि विपक्षी दल इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ वाजिब कार्रवाई ठहरा रहे हैं।
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