Congress protest against CEC: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने आक्रामक रुख अपना लिया है।
कांग्रेस पार्टी समेत कई विपक्षी दलों ने उनके इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
दिल्ली से लेकर बिहार, बंगाल, उत्तराखंड और असम तक कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) से इस मुद्दे पर एक बड़ा और देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन का माहौल
* दिल्ली: राजधानी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के मुख्यालय (निर्वाचन सदन) की तरफ मार्च निकालने की कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया।
* बिहार: पटना में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राज्य चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव करने के लिए विरोध प्रदर्शन किया।
* उत्तराखंड: देहरादून में प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित कार्यकर्ता पुलिस बैरिकेड्स पर चढ़ गए और जमकर नारेबाजी की।
* हरियाणा: चंडीगढ़ में आयोजित प्रदर्शन का नेतृत्व सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने किया।
* पश्चिम बंगाल: कोलकाता में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर जोरदार मार्च निकाला।

* असम: गुवाहाटी में असम जातीय परिषद के नेता अखिल गोगोई भी कांग्रेस के इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भी इस मुद्दे को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला।
कांग्रेस विधायकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे वाले पोस्टर लेकर विधानसभा के अंदर नारेबाजी की, जिसके बाद उन्हें रोकने के लिए मार्शलों को हस्तक्षेप करना पड़ा।

बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला
महाराष्ट्र की मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया को लेकर विवाद अब अदालत की चौखट तक पहुंच गया है।
बॉम्बे हाईकोर्ट में SIR की संवैधानिक वैधता, इसकी नियमावली और लागू करने के तरीके को चुनौती देते हुए दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं।
याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग के दो अन्य चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने SIR से जुड़े 14 आदेश जारी किए।
याचिकाकर्ताओं की मांग है कि इन सभी 14 आदेशों को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए और चुनाव आयुक्तों द्वारा दर्ज कराई गई आपत्तियों को सार्वजनिक किया जाए।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के तीखे हमले
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस मुद्दे पर सीधा हमला बोला है:
* राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची में हेरफेर करके वोटों की चोरी की गई है।
उन्होंने CEC की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।

* प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि देशभर में लगभग 13 करोड़ योग्य मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस गड़बड़ी के संबंध में सार्वजनिक रूप से सबूत भी पेश कर चुके हैं और इसे महज एक राजनीतिक बयानबाजी मानकर खारिज नहीं किया जा सकता।

विपक्ष की अन्य कार्रवाई और रणनीति
* महाभियोग की तैयारी: विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाने की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।
* FIR दर्ज कराई गई: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने दिल्ली के संसद मार्ग थाने में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
उनका आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं।

क्या है विवाद की मुख्य वजह?
हाल ही में आई एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 महीनों के दौरान SIR प्रक्रिया को लेकर दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने कम से कम 14 बार अपनी लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी।
हालांकि, इस पर सफाई देते हुए चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि आयोग के भीतर विचार-विमर्श और आपत्तियां एक सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
आयोग का कहना है कि SIR और अन्य सभी महत्वपूर्ण फैसले पूरे आयोग की सहमति और सर्वसम्मति से ही लिए गए हैं।

एनडीए (NDA) सहयोगी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि चुनाव आयोग को इन सवालों का खुलकर और स्पष्ट जवाब देना चाहिए ताकि आम जनता के मन में देश की चुनावी प्रक्रिया को लेकर विश्वास बना रहे।
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