Homeन्यूजप्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेकर गायब हुआ 16 साल का लड़का: वृंदावन...

प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेकर गायब हुआ 16 साल का लड़का: वृंदावन में केली कुंज आश्रम के बाहर धरने पर बैठा परिवार, मां-बाप बोले- ‘हमारा इकलौता बेटा लौटा दो’

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Premanand Maharaj ashram controversy: (वृंदावन/हाथरस) उत्तर प्रदेश के वृंदावन में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के केली कुंज आश्रम के बाहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 16 साल के किशोर के परिजन भारी संख्या में वहां पहुंचकर धरने पर बैठ गए।

हाथरस जिले के रहने वाले इस परिवार का आरोप है कि उनका इकलौता बेटा अनुज चौधरी करीब तीन महीने पहले संत प्रेमानंद से दीक्षा लेने के बाद से लापता है।

परिजनों का दावा है कि बेटा आश्रम में ही है, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा।

परिवार का कहना है कि जब तक उन्हें उनका बच्चा वापस नहीं मिल जाता, वे आश्रम के बाहर से नहीं हटेंगे।

 

क्या है पूरा मामला?

लापता लड़के का नाम अनुज चौधरी है, जो हाथरस के बारामई खेड़ा गांव का निवासी है।

अनुज की उम्र करीब 16 से 17 वर्ष के बीच है और वह 12वीं कक्षा (इंटरमीडिएट) का छात्र था। अनुज के पिता राजवीर सिंह पेशे से किसान हैं।

उन्होंने बताया कि उनकी चार बेटियां हैं और अनुज उनका इकलौता बेटा है।

राजवीर सिंह के अनुसार, अनुज का ननिहाल वृंदावन के पास पानीगांव में है। जब भी वह अपने ननिहाल जाता था, तो संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए केली कुंज आश्रम भी जाने लगा।

धीरे-धीरे उसका झुकाव अध्यात्म की ओर बढ़ता गया और उसने संत प्रेमानंद से दीक्षा लेने की इच्छा जताई।

करीब तीन महीने पहले उसने अपनी मां को मनाकर संत प्रेमानंद महाराज से गुरु दीक्षा ले ली। दीक्षा लेने के बाद अनुज करीब पांच दिनों तक अपने घर पर ही रहा।

इसके बाद उसने घर में बताया कि वह महाराज जी के दर्शन करने वृंदावन जा रहा है। वह अपने साथ प्रेमानंद महाराज की दी हुई कंठी-माला और धार्मिक किताबें लेकर घर से निकला था।

लेकिन उस दिन के बाद से आज तक अनुज वापस लौटकर घर नहीं आया।

तीन महीने बीत जाने के बाद भी परिजनों का उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया है।

परिजनों का गंभीर आरोप: धक्के देकर निकाला, सीसीटीवी नहीं देखने दिया

शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे अनुज के पिता राजवीर सिंह, मां, दादी मुन्नी देवी, चार बहनें, चाचा और गांव के कई अन्य लोग केली कुंज आश्रम पहुंचे और बाहर जमीन पर बैठकर धरना देने लगे।

परिजनों के चेहरे पर रो-रोकर अपने बेटे को खोने का दर्द साफ झलक रहा था।

अनुज की दादी मुन्नी देवी ने रोते हुए आरोप लगाया कि परिवार इससे पहले भी अपने बच्चे का पता लगाने आश्रम आ चुका है।

लेकिन आश्रम में मौजूद लोगों ने उनकी एक न सुनी और उन्हें धक्का देकर बाहर निकाल दिया।

दादी का कहना है कि उन्होंने आश्रम में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग चेक करने की मांग की थी ताकि यह साफ हो सके कि अनुज आश्रम के अंदर आया था या नहीं, लेकिन आश्रम प्रबंधन ने उन्हें फुटेज देखने से साफ मना कर दिया।

दादी ने आगे बताया, “आश्रम के लोग हमसे सिर्फ इतना कहते रहे कि अनुज साधना में लीन है और वह जल्द ही वापस आ जाएगा। गुरुवार को भी आश्रम के एक महात्मा जी ने हमसे कहा था कि दो घंटे में बच्चा दे देंगे, लेकिन दो घंटे बीत जाने के बाद भी बच्चे का कोई अता-पता नहीं चला।”

परिजनों के मुताबिक, 3 तारीख की सुबह अनुज से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी, जिसके बाद से उसका फोन बंद आ रहा है।

पुलिस की एंट्री और आश्रम प्रबंधन का पक्ष

आश्रम के बाहर भारी भीड़ और परिजनों के धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही वृंदावन पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।

क्षेत्राधिकारी (सीओ) वृंदावन संदीप सिंह और कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार ने आक्रोशित परिजनों से बातचीत की और पूरे मामले की जानकारी जुटाई।

इसके बाद पुलिस अधिकारियों की टीम आश्रम के भीतर गई और दीक्षा व वहां रहने वाले साधकों के रिकॉर्ड खंगाले।

पुलिस के साथ आश्रम का एक सेवादार भी बाहर आया और उसने रोते-बिलखते परिजनों से बात की।

आश्रम प्रबंधन की ओर से बताया गया कि अनुज आश्रम में मौजूद नहीं है।

सेवादार ने कहा कि अनुज की तस्वीर आश्रम के सभी सेवादारों और वाट्सएप ग्रुपों में भेज दी गई है।

गुरु पूर्णिमा के समय जब हजारों की संख्या में श्रद्धालु आए थे, तब भी उसकी तलाश की गई थी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।

आश्रम प्रबंधन ने दावा किया कि वे परिवार की हर संभव मदद करने के लिए तैयार हैं।

हालांकि, परिजन आश्रम प्रबंधन के इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और उनका कहना था कि जब तक उन्हें उनका बेटा प्रत्यक्ष रूप से नहीं मिल जाता, वे वहां से नहीं उठेंगे।

पुलिस में पहले से दर्ज है मामला

सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने जानकारी दी कि अनुज के लापता होने के संबंध में परिजनों ने हाथरस के सादाबाद/बिसावर थाने में पहले ही गुमशुदगी और अपहरण की शिकायत दर्ज कराई है।

मामला पहले से पंजीकृत है और पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। वृंदावन पुलिस भी आश्रम के दीक्षा रिकॉर्ड और हाल के दिनों में वहां आए लोगों की जानकारी खंगाल रही है।

चार बहनों के बीच इकलौते भाई के इस तरह गायब हो जाने से पूरे गांव में चिंता का माहौल है।

परिजनों की मांग केवल इतनी है कि उनका बेटा जिस हाल में भी हो, उसे उनके सामने लाया जाए ताकि वे अपने घर लौट सकें।

#VrindavanNews #PremanandMaharaj #KeliKunjAshram #MissingBoy #UPNews #HathrasNews #VrindavanPolice

- Advertisement -spot_img