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संसद से चुनाव आयोग तक संग्राम: आकाशवाणी भवन में घुसे राहुल-प्रियंका, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Rahul Gandhi FIR: राजधानी दिल्ली में केंद्र सरकार और विपक्षी दलों के बीच तनातनी एक बार फिर चरम पर पहुँच गई है।

मंगलवार को संसद भवन से चुनाव आयोग के दफ्तर तक निकाले जा रहे ‘सेव डेमोक्रेसी’ (लोकतंत्र बचाओ) मार्च के दौरान जमकर हंगामा हुआ।

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य विपक्षी सांसदों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।

आकाशवाणी भवन में 8 घंटे का हाई-वोल्टेज ड्रामा

घटना मंगलवार की है, जब INDIA गठबंधन के कई प्रमुख नेता और सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़क पर उतरे थे।

प्रदर्शनकारी सांसद एसआईआर (SIR) प्रक्रिया और वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए रास्ते में भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। जब मार्च आगे बढ़ा, तो पुलिस ने नेताओं को हिरासत में लेने के लिए बसों में बैठाना शुरू किया।

इसी बीच राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बस से उतरकर पास ही स्थित आकाशवाणी भवन के परिसर में दाखिल हो गए। दोनों नेता परिसर में मौजूद एक बरगद के पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए।

उनके साथ दर्जनों नेता और कार्यकर्ता भी वहीं जम गए। यह धरना रात लगभग 8 बजे तक, यानी पूरे 8 घंटे तक चला।

आकाशवाणी प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने अनधिकृत रूप से परिसर में प्रवेश करने के आरोप में मामला दर्ज किया है।

*इंडिया ब्लॉक के मार्च की टाइमलाइन*

*सुबह 10 बजे:*

विपक्षी सांसद संसद के मकर द्वार के पास इकट्ठा हुए।

*सुबह 10:30 बजे:*

सांसदों का मार्च शुरू हुआ।

*सुबह 11 बजे:*

दिल्ली पुलिस ने विपक्षी सांसदों को आकाशवाणी के ऑफिस के सामने रोका। सांसद धरने पर बैठे।

*सुबह 11:40 बजे:*

राहुल गांधी बैरिकेड पर चढ़ गए।

*दोपहर 12:05 बजे:*

पुलिस ने राहुल समेत विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया।

*दोपहर 12:10 बजे:*

राहुल आकाशवाणी के ऑफिस में घुसे।

*दोपहर 12:25 बजे:*

राहुल-प्रियंका आकाशवाणी ऑफिस में धरने पर बैठे।

*शाम 6 बजे:*

राहुल गांधी ने कहा- “हम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलकर ही रहेंगे।”

*रात 8 बजे:*

राहुल और प्रियंका गांधी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। आकाशवाणी परिसर खाली कराया गया।

*रात 10 बजे:*

पुलिस ने राहुल और प्रियंका गांधी को छोड़ दिया।

पुलिस का दावा: मार्च की नहीं ली गई थी अनुमति

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली थी कि विपक्षी दल 6 अक्टूबर को संसद भवन से चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च निकालने वाले हैं।

पुलिस के मुताबिक, आयोजकों की तरफ से इस मार्च की कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी।

सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 के उल्लंघन को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी।

लंच टेबल पर तय होगी आगे की रणनीति

प्रदर्शन के अगले कदम और आगे की रणनीति तय करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने INDIA ब्लॉक के सभी सांसदों को दिल्ली के जनपथ स्थित ‘सागर रत्ना’ रेस्टोरेंट में लंच पर आमंत्रित किया है।

इस बैठक में विपक्षी सांसद एक संयुक्त पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसके जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने का औपचारिक समय मांगा जाएगा।

क्या है मुख्य विवाद और चुनाव आयोग पर आरोप?

विपक्षी दलों का आरोप है कि हाल ही में हुई एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के दौरान नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले ‘फॉर्म-6’ और वोटर लिस्ट के संशोधन में भारी पारदर्शिता कमी रही है।

कांग्रेस और सहयोगी दलों का दावा है कि चुनाव आयोग ने प्रक्रियाओं का ठीक से पालन नहीं किया, जिससे बड़े पैमाने पर वोटों की गड़बड़ी हुई।

एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए विपक्ष ने दावा किया कि चुनाव आयोग के भीतर ही इस प्रक्रिया को लेकर मतभेद थे।

रिपोर्ट के अनुसार, अन्य चुनाव आयुक्तों (सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी) ने एसआईआर से जुड़े फैसलों पर रिकॉर्ड में कई बार आपत्तियां दर्ज कराई थीं।

विपक्ष का आरोप है कि कुछ फैसले बाकी आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए।

इसी को आधार बनाकर विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं और देशभर में प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं।

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