Harsha Richhariya Death Threat: छतरपुर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बागेश्वर धाम और उसके पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के एक बयान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब लगातार गहराता जा रहा है।
मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया (उर्फ हर्षानंद गिरि) ने एक नया वीडियो जारी कर यह दावा किया है कि उन्हें सोशल मीडिया पर अश्लील मैसेज, गंदे कमेंट्स और जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
हर्षा ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि उनके साथ कोई भी अनहोनी या अप्रिय घटना होती है, तो उसका सीधा संदेह उन लोगों और उनके समर्थकों पर जाएगा, जिनके श्रद्धालुओं की ओर से ये धमकियां आ रही हैं।
हालांकि, हर्षा द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों की अभी तक किसी आधिकारिक या निजी एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।
पुलिस में भी इस मामले को लेकर फिलहाल किसी के खिलाफ नामजद शिकायत की बात सामने नहीं आई है।

‘मुझे डराने की गलती मत करना, मैं अपनी बात पर कायम हूं’
अपने नए वीडियो संदेश में हर्षा रिछारिया ने बहुत ही कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि धमकियों के जरिए उन्हें चुप कराने की कोशिशें कभी कामयाब नहीं होंगी।
हर्षा के मुताबिक, “मुझे धमकी देकर डराने की भूल कोई न करे, क्योंकि आज तक कोई मुझे डरा नहीं पाया है।”
उन्होंने इस दौरान कुंभ मेला क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि कुंभ के समय भी उन्हें इसी तरह डराने-धमकाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वे तब भी पीछे नहीं हटी थीं और आज भी अपनी बात पर मजबूती से कायम हैं।
हर्षा ने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी भी संत, धर्म या आश्रम के खिलाफ कोई अभद्र या गलत भाषा का इस्तेमाल नहीं कर रही हैं। वे केवल एक नागरिक होने के नाते सही और गलत के मुद्दे पर अपनी स्वतंत्र राय रख रही हैं। अपनी बात समाज के सामने रखने के लिए उन्हें किसी से इजाजत लेने की जरूरत नहीं है।

गौर करने वाली बात यह है कि हर्षा ने अपने पूरे बयान में किसी विशेष संत, संस्था या धाम का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया है।
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क्या था विवाद का मुख्य कारण?
इस पूरे मामले की शुरुआत 3 अक्टूबर को बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा दिए गए एक बयान से हुई थी।
धीरेंद्र शास्त्री ने धाम में आने वाले श्रद्धालुओं, खासकर महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर एक चेतावनी जारी की थी।
उन्होंने अपील की थी कि महिलाएं बागेश्वर धाम में अकेली न आएं और अगर आती हैं, तो किसी भी अनजान व्यक्ति या फिर धाम के सेवादारों पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें।
शास्त्री ने सार्वजनिक रूप से यह भी स्पष्ट कर दिया था कि धाम के आसपास के करीब 5 किलोमीटर के दायरे की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी वे अकेले नहीं संभाल सकते।
इसलिए सभी श्रद्धालु अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर खुद सतर्क रहें।

धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर हर्षा ने उठाए थे तीखे सवाल
धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान के बाद साध्वी हर्षा गिरि ने एक वीडियो जारी कर उनकी सलाह और नीयत पर सवाल खड़े कर दिए थे।
हर्षा का कहना था कि जब आश्रम के मठाधीश को खुद अपने सेवादारों और वालंटियर्स पर भरोसा नहीं है, तो फिर दूर-दराज से आने वाली आम जनता और महिलाएं वहां के माहौल पर कैसे विश्वास कर सकती हैं?
हर्षा ने पूछा था कि यदि कोई परिवार अपनी बहन-बेटियों को आस्था के साथ आश्रम भेजता है, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिरकार किसकी होगी?
इसी के साथ हर्षा ने धाम आने वाले लोगों को सलाह दी थी कि वे आश्रम परिसर में ज्यादा समय न बिताएं, दर्शन करने के तुरंत बाद अपने-अपने घर लौट जाएं।
अपने हालिया वीडियो में हर्षा ने दोहराया कि उनकी यह सलाह पूरी तरह व्यावहारिक थी और वे आज भी अपनी इस बात का समर्थन करती हैं।

फिलहाल इस पूरे मामले पर बागेश्वर धाम प्रबंधन या पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से हर्षा के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच बहस छिड़ी हुई है।
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