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8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर ही मिलेगा रिफंड: बोर्डिंग स्टेशन बदलने के नियम भी बदले

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Railway Ticket Cancellation Rule: अगर आप अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है।

भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और रिफंड की पॉलिसी में बड़े बदलाव किए हैं।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, ये नए नियम 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग चरणों में लागू कर दिए जाएंगे।

क्या है नया रिफंड नियम?

अब तक के नियम के मुताबिक, ट्रेन छूटने के 4 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर कुछ पैसा वापस मिल जाता था।

लेकिन अब इस ‘4 घंटे के खेल’ को खत्म कर दिया गया है।

नए नियमों के तहत, अगर आप अपनी ट्रेन के निर्धारित समय से 8 घंटे से कम समय पहले टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपको एक भी रुपया वापस नहीं मिलेगा।

Railways Cancelled 46 trains
Railways Cancelled 46 trains

इसे एक उदाहरण से समझते हैं: मान लीजिए आपकी ट्रेन शाम 6 बजे की है।

पुराने नियम में आप दोपहर 2 बजे तक टिकट कैंसिल करके 50% रिफंड पा सकते थे।

लेकिन अब आपको सुबह 10 बजे से पहले ही फैसला लेना होगा।

अगर आपने सुबह 10 बजे के बाद टिकट कैंसिल किया, तो आपका पूरा पैसा डूब जाएगा।

दलालों और कालाबाजारी पर वार

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि यह सख्त कदम टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए उठाया गया है।

दलाल अक्सर फर्जी नामों से टिकट बुक कर लेते थे और जब आखिरी समय तक कोई ग्राहक नहीं मिलता था, तो वे ट्रेन छूटने के 4 घंटे पहले टिकट कैंसिल कराकर आधा पैसा वापस ले लेते थे।

इससे आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता था।

अब 8 घंटे की सीमा होने से दलालों के लिए रिफंड लेना मुश्किल होगा और आम जनता को कन्फर्म सीटें मिलने की उम्मीद बढ़ेगी।

बोर्डिंग स्टेशन बदलने में बड़ी राहत

एक तरफ जहां रिफंड नियम सख्त हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ यात्रियों को एक बड़ी सुविधा भी दी गई है।

अब आप ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन (वह स्टेशन जहाँ से आप ट्रेन पर चढ़ेंगे) बदल सकते हैं।

पहले यह सुविधा सिर्फ चार्ट बनने से पहले (लगभग 4 घंटे पहले) तक ही मिलती थी।

यह उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा जो बड़े शहरों में रहते हैं, जहां एक ही शहर में कई स्टेशन होते हैं।

अब आप ऐन वक्त पर भी अपनी सुविधा के अनुसार नजदीकी स्टेशन से ट्रेन पकड़ने का विकल्प चुन सकते हैं।

बस ध्यान रहे, एक बार बोर्डिंग स्टेशन बदल लिया तो आप पुराने स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ पाएंगे।

रिफंड के नए स्लैब: एक नजर में

कैंसिलेशन का समय (नई लिमिट) रिफंड की स्थिति
72 घंटे पहले सिर्फ फ्लैट चार्ज कटेगा, बाकी पूरा रिफंड मिलेगा।
72 से 24 घंटे के बीच किराए का 25% कटेगा + बाकी पैसा वापस।
24 से 8 घंटे के बीच किराए का 50% कटेगा (आधा रिफंड मिलेगा)।
8 घंटे से कम समय में कोई पैसा वापस नहीं मिलेगा (Zero Refund)।

किन स्थितियों में मिलेगा पूरा रिफंड?

रेलवे ने यह भी साफ किया है कि कुछ खास मौकों पर पुराने नियम ही चलेंगे:

  • अगर ट्रेन अपने तय समय से 3 घंटे से ज्यादा लेट है, तो आप TDR फाइल करके पूरा पैसा वापस पा सकते हैं।
  • अगर ट्रेन रेलवे की तरफ से कैंसिल कर दी गई है, तो पूरा रिफंड मिलेगा।
  • अगर चार्ट बनने के बाद भी आपका टिकट वेटिंग में ही रह जाता है, तो वह अपने आप कैंसिल हो जाएगा और पैसा आपके खाते में आ जाएगा।

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