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मध्यप्रदेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे अपराध, CM ने विधानसभा में दी जानकारी

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Women Children Crime MP: मध्यप्रदेश में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं।

राज्य सरकार द्वारा विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में रोजाना औसतन 20 महिलाओं और नाबालिगों के साथ रेप होता है और 38 महिलाएं लापता हो जाती हैं।

ये आंकड़े पिछले कुछ वर्षों में अपराधों में हुई भयावह वृद्धि को दर्शाते हैं।

33% बढ़े रेप के मामले, स्थिति गंभीर

कांग्रेस विधायक बाला बच्चन के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि 1 जनवरी 2024 से 30 जून 2025 तक राज्य में 10,840 महिलाओं और नाबालिगों के साथ रेप के मामले दर्ज किए गए।

यानी, रोजाना औसतन 20 मामले सामने आ रहे हैं।

पिछले साल की तुलना में इन मामलों में 33% की वृद्धि हुई है।

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लापता महिलाओं के मामले भी बढ़े

इसी अवधि में 21,175 महिलाएं लापता हुईं, जो रोजाना 38 महिलाओं के बराबर है।

यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 35% अधिक है।

इंदौर और भोपाल जैसे बड़े शहरों में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है:

  • इंदौर: 2,588 महिलाएं लापता
  • भोपाल: 1,096 महिलाएं लापता
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4 साल में 55,000 से ज्यादा बच्चे गुमशुदा, लड़कियां ज्यादा शिकार

बच्चों की गुमशुदगी के मामले भी डरावने हैं।

जुलाई 2021 से मई 2024 तक 59,365 बच्चे लापता हुए, जिनमें 48,274 लड़कियां शामिल हैं।

यानी, 81% मामले बालिकाओं के हैं।

हालांकि, पुलिस ने 90% बच्चों को ढूंढ लिया, लेकिन अभी भी 6,035 बच्चों का कोई अता-पता नहीं है।

जिलेवार आंकड़े:

  • भोपाल: 2,980 बच्चे लापता (1,804 लड़कियां)
  • इंदौर: 4,574 बच्चे लापता (3,560 लड़कियां)
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विपक्ष ने उठाए सवाल, सरकार ने दिया जवाब

कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सचिन यादव ने कहा,

“4 साल में 60,000 बच्चे गायब हुए, जिनमें 48,000 बेटियां हैं। राजधानी भोपाल में भी हालात खराब हैं। यह पूरे तंत्र पर सवाल खड़ा करता है।”

वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि पुलिस तेजी से कार्रवाई कर रही है।

“दोषियों को 24-48 घंटे में गिरफ्तार किया जा रहा है और 90% से ज्यादा लापता महिलाओं व बच्चों को ढूंढ लिया गया है।”

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क्या सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर पा रही है?

मध्यप्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है।

सरकार दावा करती है कि वह मामलों को गंभीरता से ले रही है, लेकिन आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं।

अब सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठा पाएगी?

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