Ram Mandir CEO Bharti: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित भव्य राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में एक बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अब मंदिर की व्यवस्थाओं को संभालने के लिए एक पूर्णकालिक (Full-time) चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर यानी सीईओ (CEO) की नियुक्ति करने जा रहा है।
सबसे खास बात यह है कि इस पद के लिए देश का कोई भी योग्य नागरिक आवेदन कर सकता है।
आवेदन करने की आखिरी तारीख 18 जुलाई तय की गई है।

क्यों पड़ी नए CEO की जरूरत?
दरअसल, पिछले कुछ समय से राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले दान और उपहारों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था।
आरोप लगे कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के गहने बदले गए और चंदे में भी हेराफेरी की गई।
इस गंभीर मामले की जांच फिलहाल स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है।
इसी विवाद के बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।

मंदिर के कामकाज में पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखने के लिए ही अब एक पेशेवर CEO रखने का फैसला लिया गया है।
कौन चुन रहा है नया CEO?
इस पूरी चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए ट्रस्ट की 6 जुलाई को हुई बैठक में एक 3-सदस्यीय ‘सर्च कमेटी’ (खोज समिति) का गठन किया गया है।
इस हाई-प्रोफाइल कमेटी में ये तीन प्रमुख लोग शामिल हैं:
- रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली
- रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी
- सुरेश हावड़े (एक बड़े ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष)
यह कमेटी बेहद बारीकी से सभी आवेदनों की जांच करेगी और उम्मीद है कि एक महीने के भीतर चयन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

क्या हैं योग्यता और शर्तें?
कमेटी ने साफ किया है कि वे किसी एक खास पेशे तक सीमित नहीं हैं।
सेना, अर्धसैनिक बलों या पुलिस के रिटायर्ड अधिकारी भी इसके लिए मजबूत दावेदार हो सकते हैं।
हालांकि, आवेदन के लिए कुछ बेहद जरूरी शर्तें रखी गई हैं:
* शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार का कम से कम ग्रेजुएट (स्नातक) होना अनिवार्य है।
* अनुभव: प्रशासन (Administration) या वित्तीय प्रबंधन (Financial Management) में कम से कम 20 साल का लंबा अनुभव होना चाहिए। जिन्हें पहले से किसी बड़े मंदिर प्रबंधन का अनुभव है, उन्हें प्राथमिकता (Preference) दी जाएगी।
* धार्मिक और वैचारिक शर्त: उम्मीदवार का हिंदू धर्म से होना और भगवान श्री राम के प्रति गहरी आस्था रखना अनिवार्य है। इसके अलावा, मजबूत संगठनात्मक कौशल, ईमानदारी और जिम्मेदारी निभाने की क्षमता सबसे अहम होगी।

कैसे होगा आवेदन और क्या होंगी जिम्मेदारियां?
जो भी योग्य व्यक्ति इस पद के लिए इच्छुक हैं, वे 18 जुलाई तक सिर्फ ईमेल के माध्यम से अपना आवेदन भेज सकते हैं।
इसके लिए ट्रस्ट द्वारा एक विशेष ईमेल आईडी तैयार की जा रही है।
शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों का इंटरव्यू सर्च कमेटी द्वारा लिया जाएगा।
चुने गए नए CEO की नियुक्ति शुरुआत में 3 साल के लिए की जाएगी और उन्हें अयोध्या में ही रहकर अपनी सेवाएं देनी होंगी।

उनकी सहायता के लिए एक सचिव भी नियुक्त किया जाएगा।
CEO के कंधों पर मंदिर का रोजमर्रा का प्रशासन संभालना, श्रद्धालुओं की सुख-सुविधाओं का ध्यान रखना, दान और चढ़ावे के पैसों का सही वित्तीय प्रबंधन करना और जिला प्रशासन व सरकारी एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाना जैसी बड़ी जिम्मेदारियां होंगी।
ट्रस्ट के अन्य कड़े फैसले
विवादों से सबक लेते हुए ट्रस्ट ने कुछ और भी अहम बदलाव किए हैं।
अब मंदिर में चढ़ावे की गिनती अलग-अलग शिफ्टों में न होकर सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक एक ही शिफ्ट में होगी।
फिलहाल वीआईपी (VIP) पास जारी करने पर भी रोक लगा दी गई है।

साथ ही, सुरक्षा और जांच के मद्देनजर कुछ पूर्व सैनिकों को भी एहतियात बरतने को कहा गया है, जबकि पुलिस कोर्ट से रिमांड लेकर दो मुख्य आरोपियों से पूछताछ की तैयारी में है।
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