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मध्य प्रदेश में जहरीली शराब का कहर: देवास और सागर के एसपी-कलेक्टर हटाए गए, 10 आरोपी भी गिरफ्तार

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Dewas Sagar SP collector transferr: मध्य प्रदेश में अवैध और जहरीली शराब के कारण लगातार सामने आ रही मौतों के मामलों ने राज्य सरकार को कड़े कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है।

हाल ही में देवास और सागर जिलों में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की जान चली गई, जिसके बाद राज्य शासन ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए तीन जिलों के कलेक्टर और दो जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को उनके पदों से हटा दिया है।

दूसरी ओर, पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य सप्लायर और वाइन शॉप मैनेजरों समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

बड़े प्रशासनिक फेरबदल: कौन कहां गया?

सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रशासन पर लापरवाही के आरोपों के बीच कई बड़े प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं:

* सागर: कलेक्टर प्रतिभा पाल को अब मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है, जबकि उनकी जगह दिलीप कुमार यादव को नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।

सागर के एसपी अनुराग सुजानिया को भी हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) बनाया गया है और उनकी जगह संजीव कुमार सिन्हा को नया एसपी नियुक्त किया गया है।

* देवास: देवास कलेक्टर ऋतुराज को सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव पदस्थ किया गया है, और सिवनी की कलेक्टर रहीं नेहा मीना को अब देवास का नया कलेक्टर बनाया गया है।

देवास के एसपी पुनीत गहलोत को भी हटाकर पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया है, जबकि बालाघाट के एसपी आदित्य मिश्रा को देवास का नया एसपी बनाया गया है।

* सिवनी: सिवनी में नेहा मीना की जगह अंजू अरुण कुमार को नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।

प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि सितंबर में सागर में हुए शराब कांड के बाद से ही प्रशासनिक अमले पर कार्रवाई का दबाव था, जो देवास की इस नई घटना के बाद खुलकर सामने आ गया है।

देवास शराब कांड: कैसे हुआ खुलासा और कितनी मौतें?

देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांवों में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान करीब 13 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई।

एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि 27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच इन गांवों में संदिग्ध परिस्थितियों में मौतें हुईं।

इनमें से 10 मृतकों के परिजनों ने साफ आरोप लगाया कि उनके अपनों की मौत जहरीली शराब पीने के कारण हुई है।

परिजनों के अनुसार, शराब पीने के बाद पीड़ितों को लगातार उल्टियां हुईं, आंखों से दिखना बंद हो गया और अंततः उनकी जान चली गई।

हालांकि, कुछ परिवारों ने यह भी कहा कि उनके सदस्यों ने उस दौरान शराब नहीं पी थी, लेकिन अधिकांश मामलों में लक्षण जहरीली शराब के सेवन से मेल खाते थे।

पिछले तीन महीनों में मध्य प्रदेश में अवैध और जहरीली शराब से मौतों का यह तीसरा बड़ा मामला सामने आया है, जिससे पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 9 दिन बाद मुख्य सप्लायर गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू किया और चंदाना गांव में अवैध रूप से शराब बेचने वाले मुख्य आरोपी विनोद जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया, जो पिछले 9 दिनों से फरार चल रहा था।

पुलिस ने विनोद के अलावा दो वाइन शॉप के मैनेजर, दो सेल्समैन और अन्य सहयोगियों सहित कुल 10 लोगों को दबोचा है।

आरोपियों के पास से करीब 7.25 लाख रुपए का सामान भी जब्त किया गया है।

पकड़े गए आरोपियों में भाड़ा पिपल्या वाइन शॉप के मैनेजर नितिन सोलंकी, क्षिप्रा वाइन शॉप के मैनेजर चंद्रशेखर बैरागी, अरबिंदो इंदौर वाइन शॉप के सेल्समैन सत्येंद्र ओझा और क्षिप्रा वाइन शॉप के सेल्समैन राजदेव पटेल समेत अजय राठौर, रामेश्वर सोनगरा, जुगल सिंह, राजेंद्र निनामा और विशाल चौहान शामिल हैं।

शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इस अवैध शराब के नेटवर्क के तार इंदौर और उत्तर प्रदेश तक जुड़े हुए हैं।

पुलिस ने मुख्य आरोपी विनोद जायसवाल पर मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया है।

यह धारा 50 बल्क लीटर से अधिक अवैध शराब के कब्जे, परिवहन या बिक्री पर लागू होती है, जिसमें पहली बार दोषी पाए जाने पर 1 से 3 साल तक की जेल और 25 हजार से 1 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।

हालांकि, पुलिस अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि विनोद किस ठेकेदार या दुकान से अवैध शराब लाकर गांवों में बेचता था।

राजनीतिक सरगर्मी और मुआवजे की मांग

इस गंभीर घटना के बाद राज्य में राजनीतिक पारा भी चढ़ गया है।

कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने देवास पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।

उन्होंने मौके से ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से फोन पर बात कर प्रत्येक मृतक के परिवार को 25-25 लाख रुपए का मुआवजा देने की पुरजोर मांग की है।

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इसके साथ ही, कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रत्येक पीड़ित परिवार को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है।

इस पूरे शराब कांड के विरोध में कांग्रेस पार्टी द्वारा देवास कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने की तैयारी भी की जा रही है।

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