Dhar Bhojshala tension: मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला परिसर और उससे लगे क्षेत्र में एक बार फिर धार्मिक गतिविधियों को लेकर हलचल बढ़ गई है।
शुक्रवार को भोजशाला के ठीक पास स्थित खसरा नंबर 612 पर जुमे की नमाज की तैयारियों के बीच भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए।
इस दौरान क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला।
हिंदू संगठनों के सदस्यों ने परिसर के पास नमाज अदा किए जाने का विरोध करते हुए जयघोष किया, शंख बजाए और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया।

सुरक्षा घेरे में नमाज, पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर
दूसरी ओर, तय स्थान पर दोपहर की नमाज अदा करने के लिए लगभग 500 नमाजी एकत्रित हुए, जिनकी आवाजाही से खसरा नंबर 612 के मुख्य द्वार तक लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
स्थानीय स्थिति की संवेदनशीलता और किसी भी तरह की अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग तुरंत हरकत में आया।

ड्रोन और सीसीटीवी से रखी जा रही नजर
भोजशाला के मुख्य प्रवेश द्वार, आसपास की गलियों और नमाज स्थल के चारों ओर लगभग 1,000 पुलिसकर्मियों को मुस्तैद किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को केवल जमीनी स्तर तक सीमित न रखते हुए आसमान से भी निगरानी की जा रही है।
इसके लिए ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी नेटवर्क और तकनीकी निगरानी तंत्र का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जा सके।

हर शुक्रवार को करते हैं हनुमान चालीसा पाठ
भोज उत्सव समिति के संरक्षक विश्वास पांडे ने स्थिति पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि हिंदू समाज अपनी तय परंपरा और मान्यताओं के अनुसार ही पूजन कर रहा है।
उन्होंने कहा कि समिति और हिंदू समाज के लोग हर शुक्रवार को बिना किसी रुकावट के हनुमान चालीसा का पाठ करते आए हैं और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
पांडे ने जोर देकर कहा कि माननीय न्यायालय के आदेश के तहत हिंदू समुदाय को सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक पूजा करने का पूरा अधिकार मिला हुआ है और वे उसी अधिकार का पालन शांतिपूर्वक कर रहे हैं।

उनका कहना है कि दूसरों के धार्मिक आयोजनों या नमाज से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
भोजशाला माता सरस्वती का पवित्र धाम है, और समाज के प्रतिनिधि प्रतिदिन और विशेष रूप से दोपहर 1 से 3 बजे के बीच भक्ति भाव के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करते रहेंगे।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलग-अलग एंट्री और एग्जिट
सुरक्षा और व्यवस्था के समन्वय पर बोलते हुए धार के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बताया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य माननीय न्यायालय द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन कराना है।
इसके लिए विभिन्न कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सीधे ग्राउंड पर तैनात किया गया है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि कोर्ट के निर्देशों के अनुसार दोनों समुदायों के श्रद्धालुओं के लिए आने और जाने के अलग-अलग रास्ते तय करना अनिवार्य है।
प्रशासन का पूरा प्रयास है कि प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था इस तरह बनाई जाए ताकि दोनों ही पक्षों को बिना किसी परेशानी के आवाजाही की निर्बाध सुविधा मिल सके और शांति बनी रहे।

1,000 पुलिसकर्मी मुस्तैद
वहीं, धार के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने मीडिया को बताया कि कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता पर रखते हुए पिछले कुछ दिनों से सभी पक्षों, समाजों और पंथों के प्रमुख लोगों से लगातार संवाद किया जा रहा है।
पुलिस ने सभी को सर्वोच्च न्यायालय की मंशा के अनुरूप ही कार्य करने की समझाइश दी है।
एसपी ने आश्वस्त किया कि जुमे की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के साथ-साथ हिंदू पक्ष के पूजन को भी बिना किसी बाधा के संपन्न कराया जाएगा।

बाहर से बुलाए गए अतिरिक्त बल सहित करीब 1,000 जवान चप्पे-चप्पे पर गश्त कर रहे हैं, और तकनीक की मदद से पूरे इलाके की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
#DharNews #Bhojshala #DharBhojshala #LawAndOrder #MadhyaPradesh #MadhyaPradeshNews
