SIR Phase 3 in 19 states: अगर आप दिल्ली, पंजाब, हरियाणा या झारखंड जैसे राज्यों में रहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है।
भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने एक बहुत बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला लिया है, जिसे स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) कहा जाता है।
आसान शब्दों में कहें तो, यह वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) को पूरी तरह से साफ-सुथरा और सटीक बनाने का एक ‘महा-सर्वे’ है।

क्या है यह तीसरा फेज और कौन से राज्य हैं शामिल?
चुनाव आयोग ने गुरुवार को इस अभियान के तीसरे चरण का ऐलान किया।
इसके तहत देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया जाएगा।
इनमें दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, झारखंड, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे बड़े राज्य शामिल हैं।
इस बार आयोग का लक्ष्य करीब 36.73 करोड़ मतदाताओं का डेटा चेक करना है।
इस फेज की शुरुआत 1 जुलाई 2026 से होने जा रही है।

खास बात यह है कि अगले साल पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर जैसे राज्यों में चुनाव भी होने हैं, इसलिए वहां की वोटर लिस्ट को दुरुस्त करना आयोग की प्राथमिकता है।
फील्ड पर उतरेगी ‘फौज’: 3.94 लाख BLO संभालेंगे मोर्चा
इतने बड़े स्तर पर काम करने के लिए चुनाव आयोग ने पूरी तैयारी कर ली है।
इस अभियान के लिए 3.94 लाख बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की ड्यूटी लगाई गई है।
ये अधिकारी आपके घर की कुंडी खटखटाएंगे और आपसे जानकारी मांगेंगे।
पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए राजनीतिक पार्टियों द्वारा नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी उनके साथ सहयोग करेंगे।

हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अभी राहत क्यों?
आपके मन में सवाल होगा कि इस लिस्ट में हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का नाम क्यों नहीं है?
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि इन क्षेत्रों में अभी खराब मौसम, बर्फबारी और जनगणना (Census) के काम की वजह से इस प्रक्रिया को फिलहाल टाल दिया गया है।
वहां के लिए शेड्यूल की घोषणा बाद में की जाएगी।

SIR क्यों जरूरी है? (आम जनता के लिए समझना जरूरी)
दरअसल, 1951 से 2004 के बीच तो यह प्रक्रिया नियमित होती रही, लेकिन पिछले 21 सालों से इसमें बड़ा अंतराल आया है। इस दौरान कई चीजें बदली हैं:
- लाखों लोग एक शहर से दूसरे शहर या राज्य में शिफ्ट (Migration) हो गए हैं।
- कई लोगों के नाम दो अलग-अलग जगहों की वोटर लिस्ट में दर्ज हैं।
- जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम अभी भी लिस्ट में हैं।
- कई विदेशी नागरिक गलत तरीके से लिस्ट में शामिल हो सकते हैं।
- लाखों युवा 18 साल के हो चुके हैं, जिनका नाम जुड़ना बाकी है।

आपको क्या करना होगा?
जब BLO आपके घर आएं, तो आपको बस सहयोग करना है।
- अगर आपका नाम लिस्ट में नहीं है, तो नया फॉर्म भरें।
- अगर नाम, पता या फोटो में कोई गलती है, तो उसे ठीक करवाएं।
- अगर आपके परिवार में किसी की मृत्यु हो गई है, तो उनका नाम कटवाने के लिए जानकारी दें।

कौन से दस्तावेज (Documents) तैयार रखें?
वेरिफिकेशन के समय आप इनमें से कोई भी एक कागज दिखा सकते हैं:
- जन्म प्रमाणपत्र या 10वीं की मार्कशीट।
- पासपोर्ट या आधार कार्ड।
- पेंशनर आईडी या सरकारी पहचान पत्र।
- निवास प्रमाणपत्र या जाति प्रमाणपत्र।
- जमीन/मकान के कागज या राशन कार्ड (परिवार रजिस्टर)।

कब आएगी फाइनल लिस्ट?
दिल्ली जैसे राज्यों के लिए आयोग ने तारीख भी तय कर दी है।
दिल्ली में इस वेरिफिकेशन प्रक्रिया के बाद 7 अक्टूबर 2026 को फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी जाएगी।
इसके बाद आपकी वोटर लिस्ट एकदम ‘अप-टू-डेट’ होगी।
