Indore Liquor Consumption 2025: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर अपने खान-पान के लिए तो मशहूर है ही, लेकिन अब यहां शराब के शौकीनों के आंकड़े भी चौंका रहे हैं।
आबकारी विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों (जनवरी से दिसंबर 2025) के अनुसार, इंदौर में शराब की खपत में भारी उछाल देखा गया है।
शहरवासियों ने बीते एक साल में कुल 6.17 करोड़ लीटर शराब का सेवन किया है।
यह आंकड़ा पिछले साल (2024) के मुकाबले करीब 2.54 लाख लीटर अधिक है।

माल्ट शराब बनी पहली पसंद
इंदौर में शराब पीने के ट्रेंड में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
यहां लोग अब ‘हाईरेंज’ और ‘माल्ट’ शराब को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं।
साल 2025 में सबसे ज्यादा 3.30 करोड़ लीटर माल्ट शराब की बिक्री हुई।
इसके बाद देशी शराब (1.48 करोड़ लीटर) और विदेशी शराब (1.39 करोड़ लीटर) का नंबर आता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती लाइफस्टाइल और बार-कल्चर के कारण माल्ट और प्रीमियम ब्रांड्स की मांग बढ़ी है।

सरकार की चांदी: कमाई में जबरदस्त उछाल
शराब की बढ़ती बिक्री ने सरकारी खजाने को भी भर दिया है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में जहां आबकारी विभाग को 1502 करोड़ रुपए की आय हुई थी, वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 1702 करोड़ रुपए हो गई।
चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के शुरुआती 9 महीनों (अप्रैल से दिसंबर) में ही विभाग 1408 करोड़ रुपए की कमाई कर चुका है।
बढ़ते लाइसेंस और सख्त कार्रवाई
इंदौर में नाइटलाइफ और पार्टी कल्चर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले में बार और रेस्तरां (FL-2 कैटेगरी) के 93 लाइसेंस धारक हैं।
इसके अलावा होटलों (FL-3) के 51 और क्लब-रिसॉर्ट्स (FL-4) के 5 लाइसेंस सक्रिय हैं।
जहां एक तरफ खपत बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर आबकारी विभाग अवैध शराब पर भी लगाम कस रहा है।

सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी के अनुसार, साल 2025 में विभाग ने रिकॉर्ड 9,989 केस दर्ज किए हैं, जो अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
