Kerosene at Petrol Pump: ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है।
भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में ईंधन की संभावित कमी को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है।
अब देश के आम नागरिकों को खाना बनाने के लिए राशन की दुकानों के साथ-साथ चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर भी केरोसिन (मिट्टी का तेल) मिल सकेगा।
Government issues gazette notification allowing the distribution of Superior #Kerosene Oil under the Public Distribution System to 21 states and Union Territories, citing the geopolitical situation affecting energy supplies worldwide.
▪️In a notification, @PetroleumMin allowed… pic.twitter.com/xIARxU3eUG
— All India Radio News (@airnewsalerts) March 30, 2026
सरकार का फैसला और मुख्य बदलाव
रविवार, 29 मार्च 2026 को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया।
इस नोटिफिकेशन के तहत सरकार ने पेट्रोलियम सुरक्षा और लाइसेंसिंग नियमों में 60 दिनों की अस्थायी छूट दी है।
इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अगर एलपीजी (LPG) की सप्लाई में कोई रुकावट आए, तो आम आदमी के पास खाना पकाने के लिए केरोसिन जैसा वैकल्पिक ईंधन मौजूद हो।
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हर जिले में 2 पंप: राज्य सरकारें और केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन अपने प्रत्येक जिले में अधिकतम 2 पेट्रोल पंपों का चुनाव करेंगे, जहां केरोसिन बेचने की सुविधा होगी।
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स्टॉक की सीमा: इन चुने गए पेट्रोल पंपों पर तेल कंपनियां अधिकतम 5,000 लीटर तक केरोसिन का स्टॉक रख सकेंगी।
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लाइसेंस से छूट: केरोसिन बांटने वाले डीलरों और एजेंटों को फिलहाल के लिए कड़े लाइसेंसिंग नियमों से मुक्त रखा गया है ताकि सप्लाई चेन में देरी न हो।
ईंधन संकट के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल पंपों पर केरोसिन बेचने की अनुमति दी है। अस्थायी ढील के तहत हर पंप को 2500 लीटर केरोसिन रखने की छूट दी गई है, ताकि सप्लाई और जरूरतों को संतुलित किया जा सके। pic.twitter.com/qd3i9MYNrt
— Fact Is Fact (Ajay Ram) (@FactByAjayRam) March 30, 2026
युद्ध का असर और भारत की स्थिति
मिडल ईस्ट में जारी तनाव के कारण भारत सरकार लगातार मौजूदा हालात पर नजर बनाए हुए है।
हालांकि सरकार का कहना है कि वर्तमान में देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, लेकिन भविष्य की अनिश्चितताओं को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि:
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देशभर के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सामान्य है।
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घरेलू मांग को देखते हुए रिफाइनरियों में एलपीजी का उत्पादन बढ़ा दिया गया है।
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अफवाहों पर ध्यान न दें, ईंधन की कोई तात्कालिक कमी नहीं है।
Govt relaxes kerosene rules, allows sale via petrol pumps for 60 days
Centre permits ad-hoc PDS kerosene supply across 21 states, UTsReported By: @BhutaniChetan pic.twitter.com/czjYqEYwyq
— IndiaToday (@IndiaToday) March 29, 2026
केरोसिन की ‘घर वापसी’ क्यों?
भारत में पिछले एक दशक में केरोसिन का उपयोग लगभग खत्म सा हो गया था।
2015 के बाद उज्ज्वला योजना के जरिए करोड़ों घरों में गैस सिलेंडर पहुंचाए गए, जिससे मिट्टी के तेल की जरूरत कम हो गई।
दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ जैसे राज्य तो ‘केरोसिन मुक्त’ भी घोषित हो चुके थे। लेकिन मौजूदा युद्ध की स्थिति ने सरकार को वैकल्पिक ईंधन की ओर फिर से मुड़ने पर मजबूर किया है।
सरकार ने राज्यों को अतिरिक्त 4 करोड़ 80 लाख लीटर केरोसिन आवंटित किया है।
यह कदम मुख्य रूप से उन 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए है जहां ईंधन की खपत अधिक है और सप्लाई बाधित होने का खतरा है, जिनमें मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और गुजरात शामिल हैं।

नियमों में ढील और सुरक्षा मानक
केरोसिन की सप्लाई को तेज करने के लिए टैंकरों से तेल उतारने और वितरण करने के नियमों को काफी सरल बनाया गया है।
हालांकि, सरकार ने कड़े निर्देश दिए हैं कि यह केरोसिन केवल घरेलू इस्तेमाल (जैसे खाना पकाना और लाइट के लिए) के लिए ही होगा।
इसका औद्योगिक उपयोग या मिलावट के लिए इस्तेमाल करना दंडनीय अपराध होगा।
पेट्रोल-डीजल और LPG के बाद आम लोगों के हित में सरकार ने केरोसिन को लेकर बड़ी राहत दी है. पेट्रोलियम मंत्रालय) के अनुसार, अब राशन की दुकानों के साथ-साथ पेट्रोल पंपों पर भी केरोसिन मिलेगा. इंडियन ऑयल (Indian Oil), भारत पेट्रोलियम (BPCL)और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी सरकारी… pic.twitter.com/0H5Zy76gUF
— Matrize News Communications Pvt. Ltd (@Matrize_NC) March 30, 2026
पीडीएस एसकेओ मुक्त राज्य/केंद्र शासित प्रदेश:
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली
- चंडीगढ़
- हरियाणा
- पंजाब
- दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव
- पुडुचेरी
- आंध्र प्रदेश
- अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
- राजस्थान
- उत्तर प्रदेश
- गोवा
- गुजरात
- उत्तराखंड
- लक्षद्वीप
- जम्मू और कश्मीर
- लद्दाख
- तेलंगाना
- हिमाचल प्रदेश
- नागालैंड
- मध्य प्रदेश
- सिक्किम

LPG और अन्य ईंधनों का हाल
गैस मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, फिलहाल एलपीजी की स्थिति स्थिर है।
एक ही दिन में 55 लाख से ज्यादा सिलेंडर डिलीवर किए गए हैं, जो एक रिकॉर्ड है।
ऑनलाइन बुकिंग का आंकड़ा भी 94% तक पहुंच गया है।
सरकार ने सीएनजी (CNG) और पीएनजी (PNG) उपभोक्ताओं को 100% सप्लाई का भरोसा दिया है, जबकि कमर्शियल इस्तेमाल (होटल, रेस्टोरेंट) के लिए इसे 80% तक सीमित किया गया है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता मिल सके।

पैनिक न करें, सुरक्षित रहें
सरकार का यह फैसला किसी बड़े संकट की आहट नहीं, बल्कि संकट से पहले की तैयारी है।
केरोसिन को पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध कराना एक “बैकअप प्लान” की तरह है।
आम जनता से अपील की गई है कि वे घबराकर (Panic Buying) खरीदारी न करें।
पेट्रोल, डीजल और गैस की वर्तमान उपलब्धता पर्याप्त है।
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